धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 08 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 08 दिसम्बर 2024
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – रविवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि 09:44 AM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथि स्वामी – सप्तमी के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है। यह मित्रवत, मित्रा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र शतभिषा 04:03 PM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – शतभिषा नक्षत्र के देवता वरुणदेव और स्वामी ग्रह राहु है।
⚜️ योग – वज्र योग 03:53 AM तक, उसके बाद सिद्धि योग
प्रथम करण : वणिज – 09:44 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 08:55 पी एम तक बव
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:34 बजे से 17:56 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:45:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:16:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:13 ए एम से 06:07 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:40 ए एम से 07:02 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:34 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:57 पी एम से 02:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:22 पी एम से 05:49 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 09:05 ए एम से 10:38 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:46 पी एम से 12:41 ए एम, दिसम्बर 09
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-विष्णु मंदिर में सवाकिलो गुड़ चढ़ाएं।
🪵 *वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/नरसी मेहता जयंती/ भानू सप्तमी/ श्री संताजी महाराज जगनाडे जयन्ती/ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान् क्रांतिकारी भाई परमानन्द शहीद दिवस, अभिनेत्री शर्मिला टैगोर जन्म दिवस, भारतीय अभिनेता धर्मेन्द्र जन्म दिवस, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल जन्म दिवस, निर्माता उदय शंकर जन्म दिवस, महान् उदारवादी नेता तेज बहादुर सप्रू जन्म दिवस, दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय संगठन दिवस, अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह (08-14 दिसम्बर), छात्र दिवस (स्टुडेंस्की प्राज़निक) बुल्गारिया, मातृ दिवस पनामा., संविधान दिवस रोमानिया ✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। 🗽 *_Vastu Tips* 🗼
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे दुकान के वास्तु के बारे में। बाजार जाते वक्त हमें कई तरह की दुकानें किराने की, स्टेशनरी की, कपड़ों की, सुनार की और न जाने किस-किस चीज की दुकानें देखने को मिलती है। सब दुकानों की अपनी एक अलग पहचान होती है, लेकिन इन दुकानों पर एक ही तरह का वास्तु नियम लागू होता है। जिसके बारे में हम आपको विस्तार से बताएंगे। सबसे पहले वास्तु शास्त्र में आज हम आपको दुकान के मुख्य प्रवेश द्वार के बारे में बताएंगे।
दुकान में प्रवेश द्वार ही वो जगह होती है जिस पर ग्राहक की सबसे पहली नजर पड़ती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान में प्रवेश द्वार के लिए पूर्व दिशा, उत्तर दिशा और ईशान कोण का चुनाव करना चाहिए, पश्चिम दिशा और दक्षिण दिशा में दुकान का प्रवेश द्वार कभी भी नहीं बनवाना चाहिए। इससे व्यापार में परेशानी आती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
वैज्ञानिक कारण:
सिर के रक्त संचार पर प्रभाव: पैरों को हिलाने से शरीर में हलचल होती है, जो रक्त संचार को प्रभावित कर सकती है। कभी-कभी यह रक्त के प्रवाह को असंतुलित कर सकता है, जिससे शरीर में हल्की-फुल्की थकान, झंझनाहट या असुविधा हो सकती है।
मांसपेशियों पर दबाव: लगातार पैर हिलाने से शरीर की मांसपेशियों पर दबाव बनता है, और अगर यह लंबे समय तक चलता है तो मांसपेशियों में तनाव और दर्द महसूस हो सकता है।
चिंता और तनाव: पैरों को हिलाना एक प्रकार की मानसिक या भावनात्मक प्रतिक्रिया हो सकती है, जैसे तनाव या बेचैनी। यह शरीर की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है जब कोई व्यक्ति नर्वस या चिंतित होता है।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
क्या करें
भोजन में बदलाव – मसालेदार, तली हुई चीजें, चाय, कॉफी और जंक फूड से परहेज करें। आहार में हल्का और सुपाच्य भोजन शामिल करें।
फाइबर का संतुलन – अपने आहार में फाइबर का संतुलन बनाए रखें। कभी-कभी अत्यधिक फाइबर सेवन से भी पेट में गड़बड़ी हो सकती है।
प्रोबायोटिक्स – दही, छाछ, और प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स लेने से आंतों की सेहत में सुधार हो सकता है।
स्ट्रेस कम करें – तनाव से बचें, ध्यान (मेडिटेशन) और योग करें, क्योंकि मानसिक शांति पेट की सेहत के लिए लाभकारी होती है।
भरपूर पानी पिएं – पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से पाचन बेहतर होता है।
📖 गुरु भक्ति योग
🕯️
(कल का शेष)
महात्मा जी ने कहा कि मैंने तुम्हारे जादुई पत्थर की चर्चा सुनी थी इसीलिए यहां आया हूं लेकिन क्या तुम्हें पता है जिससे तुम मांस तोल रहे हो वह कोई साधारण पत्थर नहीं है बल्कि भगवान शालिग्राम जी हैं और इस तरह शालिग्राम जी से मांस के टुकड़े को तोलना बहुत बड़ा पाप है। तुम स्वयं प्रभु की कितनी भक्ति करते हो क्या तुम्हारा अंतरात्मा गवाह देता है कि शालिग्राम से मांस का टुकड़ा तोला जाए।
कसाई एक धार्मिक व्यक्ति था उसने जैसे ही महात्मा जी की बात सुनी उसने महात्मा जी के पैरों में अपने आप को झुका लिया और उनसे कहा महात्मा जी आप ही शालिग्राम जी को अपने पास ले जाइए आप तो बहुत पहुंचे हुए महात्मा हैं।
महात्मा जी शालिग्राम जी को कसाई के दुकान से अपने मंदिर में लेकर आए पहले तो शालिग्राम जी को उन्होंने दूध से स्नान करवाया फिर पंचामृत से अभिषेक किया और उसके बाद पूजा-अर्चना आराम कर दिया।
अभी कुछ दिन ही हुए थे कि महात्मा जी के सपने में शालिग्राम भगवान ने दर्शन दिया और कहा हे महात्मा मैं तुम्हारी सेवाओं से बहुत प्रसन्न हूं लेकिन मैं उस कसाई के पास ही रहना चाहता हूं । महात्मा जी ने भगवान से कहा भगवान आप उस कसाई के दुकान में कैसे रह सकते हैं वहां पर मांस का टुकड़ा आप से तोला जाता है।
शालिग्राम जी ने महात्मा जी से कहा महात्मा जी आप मेरी पूजा अर्चना करते हो मुझे बहुत पसंद आता है लेकिन जो भक्त मेरे नाम का दिन भर गुण-गान और कीर्तन करते रहते हैं उनके लिए तो मैं कुछ भी कर सकता हूं।
मैं मानता हूं कि वह कसाई है वह आपकी तरह मेरी पूजा अर्चना नहीं करता है लेकिन पूरे समय वह मेरा ही नाम गुनगुनाता रहता है जो कि मुझे बहुत प्रिय लगता है इसीलिए तो मैं उसके पास गया था।
महात्मा जी अगली सुबह ही शालिग्राम जी को लेकर कसाई की दुकान के पास गए और कसाई के चरणों में गिर गए और कसाई से रात के सपने वाली बात बताया।
कसाई ने जब यह सुना तो उसकी आंखों से अश्रु धारा बहने लगे और उस दिन से उसने कसम खाया अब वह मांस बेचने का व्यापार नहीं करेगा बल्कि कोई और काम कर लेगा और ज्यादा से ज्यादा अपना समय प्रभु जी की कीर्तन करने और दूसरे लोगों को भी प्रभु जी के भक्ति के बारे में बताएगा।
जो तेरे भीतर बैठा है वही मेरे भीतर भी बैठा है।
ईश्वर में विश्वास बनाए रखें वह आपका अच्छा ही करेगा
(समाप्त)
※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
⚜️ सप्तमी तिथि सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

Related Articles

Back to top button