आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 10 जुलाई 2024
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – बुधवार आषाढ़ मास शुक्ल चतुर्थी 7.51 AM तक तत्पश्चात पंचमी
📝 तिथि स्वामी – पंचमी तिथि के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – मघा 10.15 AM तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- मघा नक्षत्र के देवता पितर देव और नक्षत्र स्वामी केतु जी है ।
⚜️ योग – व्यतिपात 3.10 AM, 11 जुलाई तक
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 07:51 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 08:54 पी एम तक बालव
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:15:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:45:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:10 ए एम से 04:50 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:30 ए एम से 05:31 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:21 पी एम से 07:41 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:22 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 07:37 ए एम से 09:22 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जुलाई 11 से 12:47 ए एम, जुलाई 11
❄️ रवि योग : 05:31 ए एम से 10:15 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शिव मंदिर में हरे फल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – वैश्विक ऊर्जा स्वतंत्रता दिवस, भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह जन्म दिवस, राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस, मोंटसेराट में प्रार्थना चिंतन और धन्यवाद का राष्ट्रीय दिवस है, कॉनवी नदी महोत्सव, राष्ट्रीय बिल्ली का बच्चा दिवस, वैश्विक ऊर्जा स्वतंत्रता दिवस, जीर्ण रोग जागरूकता दिवस
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
प्रवेश द्वार डिज़ाइन करते समय ध्यान देने योग्य युक्तियाँ:
प्रवेश द्वार के लिए बेहतर गुणवत्ता वाली लकड़ी का उपयोग करें।
मुख्य द्वार के बाहर कोई भी फव्वारा या पानी से संबंधित सजावट करने से बचें।
प्रवेश द्वार के बाहर शू रैक या कूड़ेदान लगाने से बचें।
मुख्य द्वार के पास बाथरूम बनाने से बचें।
मुख्य द्वार को काले रंग से नहीं रंगना चाहिए।
प्रवेश द्वार पर अच्छी रोशनी होनी चाहिए।
दरवाजे को नेमप्लेट और तोरण से सजाना चाहिए।
दरवाज़ा दक्षिणावर्त दिशा में खुलना चाहिए।
प्रवेश द्वार के पास किसी भी जानवर की मूर्ति न रखें।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
वजन या पेट को नियंत्रण में रखने के लिए 80% न्यूट्रीशन 20% व्यायाम अपनाना ज़रूरी है। अपने जीवनशैली और खानपान में सुधार करें। संयमित रहें। इसका एकमात्र कारण है आपकी खराब जीवनशैली, मतलब की आपका कोई रूटीन सेट नहीं है मसलन खाने का, सोने का, व्यायाम का या फिर किसी भी काम को नियमित कर पाने का।
तो इससे छुटकारा पाने के लिए आप अपने जीवनशैली और खानपान में सुधार करें। अच्छी नींद लें। पोषण युक्त खाना जिसमें कार्बोहाईड्रेट, गुड फैट, फ़ाइबर, प्रोटीन, पानी, आदि से भरपूर हो। क्योंकि शरीर की इन सभी चीज़ों की ज़रूरत होती है। पानी, व्यायाम का पूरा ध्यान रखें।
जैसे जीवन जीने का एक नियम है, वैसे ही भोजन का भी है। वैसे ही वजन कम करने का भी है।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
दाद-खाज आदि सभी कुष्ठरोगों के रामबाण आयुर्वेदिक उपाय
दाद या “फंगल इंफेक्शन” को आयुर्वेद में कुष्ठरोगाधिकार के अंतर्गत वर्णित किया गया है। आयुर्वेद में अनेक औषधियां हैं जिनके माध्यम से दाद को पूरी तरह से ठीक किया जाता है और यह दोबारा फिर नहीं आता।
गंधक रसायन जीर्ण-शीर्ण रोगी को युवावस्था के समान बल-वीर्य प्रदान कर शरीर को तेजस्वी बनाता है। वात, पित्त और कफ तीनों दोषों में से बढ़े हुए को घटाता और घटे हुए को बढ़ाता है। यह दाद-खाज से लेकर महाकुष्ठ रोग तक सभी को भी नष्ट करता है।
वंग भस्म के सेवन से दाद में तुरंत लाभ होता है और रोग जितना पुराना हो भस्म का कार्य उतना ही अधिक स्पष्ट होता है। -औ.गु.ध.शा. वंग भस्म को कुष्ठादि रोगों में निर्गुण्डी के पत्तों के रस या खदिर (खैर या बबूल) छाल के क्वाथ के साथ देना श्रेष्ठ होता है।
मंजिष्ठादि क्वाथ अथवा मंजिष्ठारिष्ट के सेवन करने से त्वचा रोग, सब प्रकार के कुष्ठ, वात-रक्त, सम्पूर्ण रुधिर विकार आदि रोग शान्त होते हैं। महामंजिष्ठारिष्ट भी बहुत बहुत अच्छा काम करता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक साधु था, वह रोज घाट के किनारे बैठकर चिल्लाया करता था, “जो चाहोगे सो पाओगे, जो चाहोगे सो पाओगे। बहुत से लोग वहाँ से गुजरते थे पर कोई भी उसकी बात पर ध्यान नही देता था और सब उसे एक पागल आदमी समझते थे। एक दिन एक युवक वहाँ से गुजरा और उसने उस साधु की आवाज सुनी, जो चाहोगे सो पाओगे, जो चाहोगे सो पाओगे” और आवाज सुनते ही उसके पास चला गया।
उसने साधु से पूछा – महाराज आप बोल रहे थे कि ‘जो चाहोगे सो पाओगे’ तो क्या आप मुझको वो दे सकते हो जो मैँ जो चाहता हूँ ?
साधु उसकी बात को सुनकर बोला – हाँ बेटा तुम जो कुछ भी चाहता है मैं उसे जरुर दुँगा, बस तुम्हे मेरी बात माननी होगी। लेकिन पहले ये तो बताओ कि तुम्हे आखिर चाहिये क्या ?
युवक बोला – मेरी एक ही ख्वाहिश है मैं हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनना चाहता हूँ।
साधू बोला – कोई बात नहीँ मैँ तुम्हे एक हीरा और एक मोती देता हूँ, उससे तुम जितने भी हीरे मोती बनाना चाहोगे बना पाओगे ! और ऐसा कहते हुए साधु ने अपना हाथ आदमी की हथेली पर रखते हुए कहा – पुत्र, मैं तुम्हे दुनिया का सबसे अनमोल हीरा दे रहा हूं, लोग इसे “समय” कहते हैं, इसे तेजी से अपनी मुट्ठी में पकड़ लो और इसे कभी मत गंवाना, तुम इससे जितने चाहो उतने हीरे बना सकते हो”।
युवक अभी कुछ सोच ही रहा था कि साधु उसका दूसरी हथेली पकड़ते हुए बोला – पुत्र, इसे पकड़ो, यह दुनिया का सबसे कीमती मोती है, लोग इसे “धैर्य” कहते हैं, जब कभी समय देने के बावजूद परिणाम ना मिलें तो इस कीमती मोती को धारण कर लेना, याद रखना जिसके पास यह मोती है, वह दुनिया में कुछ भी प्राप्त कर सकता है।
युवक गम्भीरता से साधु की बातों पर विचार करता है और निश्चय करता है कि आज से वह कभी अपना समय बर्बाद नहीं करेगा और हमेशा धैर्य से काम लेगा और ऐसा सोचकर वह हीरों के एक बहुत बड़े व्यापारी के यहाँ काम शुरू करता है और अपने मेहनत और ईमानदारी के बल पर एक दिन खुद भी हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनता है।
समय और धैर्य’ वह दो हीरे-मोती हैं जिनके बल पर हम बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। अतः ज़रूरी है कि हम अपने कीमती समय को बर्वाद ना करें और अपनी मंज़िल तक पहुँचने के लिए धैर्य से काम लें।
𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼 🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।



