ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 18 नवम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 18 नवम्बर 2025
18 नवम्बर 2025 दिन मंगलवार को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष कि त्रियोदशी तिथि है। आज मंगलवार का अत्यंत शुभ महाशिवरात्रि व्रत भी है। आज कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी उपरान्त चतुर्दशी तिथि में भगवान शिव का शहद से रुद्राभिषेक अवश्य करना चाहिए। नहीं तो कम से कम मंदिर जाकर शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फल आदि चढ़कर भगवान शिव की पूजा अर्चना करें। ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। आप शिव पूजन में सफेद चंदन में केसर घीसकर शिवलिंग पर चढ़ने से घर में पारिवारिक एवं आंतरिक करें और शांति दूर होती है। घर में कोई रोग नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है। क्योंकि आज महाशिवरात्रि का पर्व पवन व्रत भी है। आप सभी सेनानियों को “महाशिवरात्रि के पावन व्रत” की हार्दिक शुभकामनाऐं।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
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मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
*मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है। 🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352_

☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि 07:12 AM तक उपरांत चतुर्दशी
🖍️ तिथि स्वामी :- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है । चतुर्दशी को चौदस भी कहते हैं। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र स्वाती – पूर्ण रात्रि तक
🪐 नक्षत्र स्वामी – स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु है। स्वाति नक्षत्र के देवता वायु देव (पवन देव) हैं, साथ ही विद्या की देवी सरस्वती का भी संबंध है।
⚜️ योग – आयुष्मान योग 08:08 AM तक, उसके बाद सौभाग्य योग
प्रथम करण : वणिज – 07:12 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 08:27 पी एम तक शकुनि
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:24:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:09:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:00 ए एम से 05:53 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:26 ए एम से 06:46 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:45 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:26 पी एम से 05:53 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:26 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 10:06 पी एम से 11:54 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:33 ए एम, नवम्बर 19
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-देवी मन्दिर में सवाकिलो अनार चढ़ाएं।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – शिवरात्रि/ विश्व वयस्क दिवस, मिरगी दिवस, परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक शैतान सिंह स्मृति दिवस, ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित कमांडो ज्योति प्रकाश निराला स्मृति दिवस, भारत के योग गुरु, आयुर्वेद के वैद्य तथा विद्वान तिरुमलाई कृष्णामाचार्य जयन्ती, राष्ट्रीय विचिसोइस दिवस, अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस, विश्व दर्शन दिवस,राष्ट्रीय विचिसोइस दिवस, राजस्थान के जयपुर शहर स्थापना दिवस, बाल यौन शोषण, दुर्व्यवहार और हिंसा की रोकथाम और उपचार के लिए विश्व दिवस, राष्ट्रीय बाघ दिवस, राष्ट्रीय राजकुमारी दिवस, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री बालकृष्णन जन्म दिवस, प्रसिद्ध क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त जयन्ती, गायक कमलनाथ जन्म दिवस, राष्ट्रीय पुस्तक दिवस (सप्ताह), नवजात शिशु दिवस (सप्ताह), राष्ट्रीय औषधि दिवस (सप्ताह)
✍🏼 *तिथि विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।। 🌷 *_Vastu tips* 🌸
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, मृत परिजनों के कपड़े भी घर में वास्तु दोष कारण बन सकते हैं। घर में पड़े मृत परिजनों के कपड़े मृत आत्माओं की मुक्ति के मार्ग में भी बाधा बनते हैं और आपके जीवन में भी उतार-चढ़ाव इसके कारण आ सकते हैं। इसलिए मृत परिजनों के कपड़ों को या तो किसी को दान में दे दें या फिर किसी अन्य तरीके से इन्हें घर से बाहर कर दें।
*जंग लगी लोहे की चीजें घर में गलती से भी कभी आपको जंग लगी लोहे की चीजें नहीं रखनी चाहिए। जंग लगा हुआ लोहा दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है इसकी वजह से शनि देव की कृपा भी रुकती है। जंग लगे लोहे के कारण आपके बनते काम भी बिगड़ सकते हैं और हर कार्य में आपको असफलता का सामना करना पड़ सकता है। इसके जंग लगा लोहा या लोहे से बनी चीजों को घर से तुरंत आपको बाहर कर देना चाहिए। ❇️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ जिन लड़कियों का नाम K अक्षर से शुरू होता है वे मां लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं। ससुराल वालों के लिए ये बेहद ही भाग्यशाली मानी जाती हैं। जिस घर में इनकी शादी होती है वहां धन-दौलत की कोई कमी नहीं रहती। *_Lअक्षर से शुरू होने वाले नाम की लड़कियां पति को बनाती हैं धनवान जिन लड़कियों का नाम L से शुरू होता है वे अपने पति के लिए बेहद भाग्यशाली मानी जाती हैं। ये पति को करियर में सफलता प्राप्त करने में काफी मदद करती हैं। ये ससुराल में खुशनुमा माहौल बनाए रखती हैं और सभी की खुशियों का खास ख्याल रखती हैं। ये घर को स्वर्ग बना देती हैं। *_S लेटर से शरू होने वाले नाम की लड़कियां धन की देवी मानी जाती हैं जिन लड़कियों का नाम इस अक्षर से शुरू होता है उन्हें धन की देवी माना जाता है क्योंकि ये जहां भी रहती हैं वहां धन की कोई कमी नहीं होती है। इनके शुभ कदम ससुराल में पड़ने से वहां सुख और समृद्धि आ जाती है। 🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
डिनर का सही समय- अगर आप अपनी सेहत को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं, तो आपको 6 बजे से लेकर 8 बजे के बीच में खाना खा लेना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक 7 बजे का समय डिनर करने के लिए परफेक्ट समय साबित हो सकता है। अगर आप 8 बजे के बाद या फिर लेट नाइट डिनर करते हैं, तो आपको अपनी इस आदत को जल्द से जल्द सुधार लेना चाहिए।
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सेहत के लिए फायदेमंद- 7 बजे तक डिनर करना गट हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। गैस और अपच जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं को पैदा होने से रोकने के लिए जल्दी डिनर कर लेना चाहिए। क्या आप अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो भी आपको 7 बजे तक डिनर करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके अलावा समय से डिनर करने की वजह से नींद की क्वॉलिटी भी काफी हद तक इम्प्रूव हो सकती है।
📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️
देसी दुनिया और देसी दर्द- भारत की मिट्टी में जितनी उपजाऊ जमीन है, उतनी ही उपजाऊ है यहाँ की कहावतें और रिश्तों की कहानियाँ। जहाँ चंबल की नार का दिल बिजली से तेज़ और लंगोट का यार वाई-फाई से भी तेज़ बदल जाता है!
*चंबल की नार – दिल भी तेज, ड्राइविंग भी तेज़! चंबल की नार अगर प्यार में पड़ जाए तो जीवन रंगीन! अगर गुस्से में आ जाए तो पूरा जीवन डीजल पेट्रोल से भी महंगा! इनका गुस्सा, फास्ट एंड फ्यूरियस की तरह – एक बार शुरू तो पूरा इलाका थर्रा जाए! *”स्त्रियो हि कारणं नूनं सर्ववर्णविनाशनम्। (मनुस्मृति) अर्थात-स्त्रियाँ सृष्टि का कारण हैं और कभी-कभी विनाश का भी! जीवन में तीन चीज़ें सोच-समझकर ही करनी चाहिए! नार से प्यार, यार से उधार, और साझे का व्यापार! क्योंकि ये तीनों अगर एक साथ हो जाएँ, तो बैंक, बीवी और बरबादी! तीनों आपकी परछाई बन जाते हैं! विश्वासो धनसंपत्तिर्मित्रं बन्धुश्च यः सदा। तं परिक्ष्य तु सेवेत, अन्यथा दुःखमावहेत्॥*
अर्थात- मित्रता और धन से पहले विश्वास को परखो, वरना दुख तय है।
साझे का व्यापार यानि दिल भी गया, माल भी गया!
*अगर कभी किसी दोस्त कहे कि चल साझे में दुकान खोलते हैं तो समझिए, उस दिन से आपकी नींद, चैन, और बैंक बैलेंस सबको बुखार चढ़ना तय है! *साझे का व्यापार वही टिकता है, जहाँ एक गिनता है पैसा, दूसरा विश्वास! साझेदारी में अक्सर एक “काम” करता है, दूसरा “नाम” कमाता है और तीसरा (अगर हो) कमीशन लेकर भाग जाता है।
संपत्ति बेचकर ली गई कार और किस्मत का पंचर!* देसी आदमी का सपना होता है कि गांव में पहली कार मेरी हो!पर जब कार आती है, EMI उसके पीछे दौड़ती है। घरवाले सोचते हैं! बेटा बड़ा आदमी बन गया, बैंक सोचता है बड़ा उधारी बन गया!
धनं गतं न पुनरायाति, परं ब्याजं समायाति।_

अर्थात-धन गया तो लौटकर नहीं आता, पर ब्याज जरूर साथ लाता है!
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।

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