Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 09 मई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 09 मई 2025
09 मई 2025 दिन शुक्रवार को वैशाख मास शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि है।आज रुक्मणी द्वादशी हैं। आज देर रात्रि तक वज्र योग भी रहेगा।आप सभी सनातनियों को “प्रदोष व्रत एवं परशुराम द्वादशी” के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), वैशाख
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – वैशाख मास
🌔 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार बैशाख माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 02:56 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र हस्त 12:09 AM तक उपरांत चित्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है। हस्त नक्षत्र का देवता सविता है।यह प्रेरणा और ज्ञान का देवता है।
⚜️ योग – वज्र योग 02:57 AM तक, उसके बाद सिद्धि योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 02:56 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 04:12 ए एम, मई 10 तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:27:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:33:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:10 ए एम से 04:52 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:31 ए एम से 05:34 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:32 पी एम से 03:26 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:00 पी एम से 07:21 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:01 पी एम से 08:04 पी एम
💧 अमृत काल : 05:23 पी एम से 07:11 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, मई 10
❄️ रवि योग : 12:09 ए एम, मई 10 से 05:33 ए एम, मई 10
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में मीठी लस्सी चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – प्रदोष व्रत/रवियोग/व्यापार/कर्णवेध/वधू प्रवेश/ भारतीय स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले जयन्ती, महान शूरवीर विनोदिया परिवार के महान महाराणा प्रताप जन्म दिवस, विजय दिवस, रोमानिया का स्वतंत्रता दिवस, स्वतंत्रता सेनानी केशवराव मारुतराव जेधे जन्म दिवस, उद्योगपति करमसिभाई जेठाभाई सोमैया पुण्य तिथि, विश्व थैलेसीमिया दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु के अनुसार बेडरूम के निर्माण का महत्व लोग अपने घरों को इस तरह से डिज़ाइन करने का प्रयास करते हैं जिससे उन्हें घर जैसा महसूस हो और सही वास्तु वाला बेडरूम यह निर्धारित करता है कि एक लंबे और थका देने वाले दिन के अंत में जब उन्हें आराम करने का मौका मिलेगा तो वे कैसा महसूस करेंगे। इतना ही नहीं, हमारे बेडरूम हमें जगह प्रदान करते हैं जहां हम काम, लिखना, अपने शौक पूरा करना आदि जैसी कई चीजें कर सकते हैं। बेडरूम के लिए सही वास्तु शास्त्र एक महत्वपूर्ण निर्धारण है यह न केवल कमरे में मौजूद ऊर्जा के प्रकार को प्रभावित करता है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य, धन और सफलता को भी प्रभावित करता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
लहसुन की उत्पत्ति 🌍🧄लहसुन का वैज्ञानिक नाम Allium sativum है और यह दुनिया की सबसे पुरानी औषधियों में से एक है। इसकी उत्पत्ति एशिया के पश्चिमी हिस्से में हुई थी, और फिर धीरे-धीरे इसे पूरे दुनिया में फैलाया गया। प्राचीन मिस्र में तो इसका इस्तेमाल न केवल खाने में, बल्कि दवाओं के रूप में भी किया जाता था। इसे उस समय पिरामिड बनाने वाले श्रमिकों को शक्ति वर्धक के रूप में दिया जाता था। ✨
लहसुन का ऐतिहासिक महत्व 🏺👑लहसुन को प्राचीन रोम, ग्रीस और मिस्र में पवित्र और शक्ति का प्रतीक माना जाता था। ग्रीस के प्रसिद्ध चिकित्सक हिप्पोक्रेटस ने इसे बहुत प्रभावी औषधि के रूप में माना था। वह इसे जोड़ों के दर्द, पाचन समस्याओं, और यहां तक कि ट्यूबरकुलोसिस जैसे गंभीर रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल करते थे। एक तरह से, लहसुन को एक प्राचीन “सुपरफूड” माना जा सकता है।
🧄💊 स्वास्थ्य के लिए चमत्कारी गुण 🌱💪
लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो इसे एक प्राकृतिक दवा बना देते हैं। जब लहसुन का सेवन किया जाता है, तो यह शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। लहसुन का प्रमुख तत्व अलिसिन है, जो इसकी औषधीय शक्ति को प्रदान करता है। यह न केवल कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है, बल्कि शरीर में खून के संचार को भी सुधारता है। 🩸
दिल और रक्तचाप के लिए फायदेमंद 💖🩺लहसुन का सेवन नियमित रूप से दिल की सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है। यह हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। एक रिसर्च में यह पाया गया है कि लहसुन का सेवन दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को भी कम कर सकता है। ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बना कर, यह हृदय प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखता है। 😍💖_
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
बोलने की परेशानी में लाभकारी:बच्चों में बोलने की देर या तुतलाने जैसी समस्याओं में वच चूर्ण को शहद के साथ देने की सलाह दी जाती है।
पाचन सुधारता है:यह चूर्ण पाचन शक्ति को बढ़ाता है, गैस, अपच और पेट फूलने में राहत देता है।
कफ और बलगम को दूर करता है:वच एक उत्तम कफ नाशक है। यह बलगम निकालने में मदद करता है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसे रोगों में उपयोगी होता है।
वात और कफ दोष को संतुलित करता है:आयुर्वेद के अनुसार वच वात और कफ को संतुलन में रखता है, जिससे कई शारीरिक और मानसिक रोगों में राहत मिलती है।
कीड़े और परजीवी नष्ट करता है:पेट में कीड़ों की समस्या में यह चूर्ण लाभकारी है।
मानसिक तनाव और अनिद्रा में उपयोगी:वच का प्रयोग मानसिक तनाव, चिंता और नींद न आने की स्थिति में किया जाता है। यह मन को शांत करता है।
त्वचा रोगों में लाभकारी: वच चूर्ण का लेप त्वचा रोगों, घावों और खुजली में फायदेमंद होता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक बार नारद जी ने भगवान् से प्रश्न किया कि प्रभु आपके भक्त गरीब क्यों होते हैं ? भगवान् बोले – “नारद जी ! मेरी कृपा को समझना बड़ा कठिन है। इतना कहकर भगवान् नारद के साथ साधु भेष में पृथ्वी पर पधारे और एक सेठ जी के घर भिक्षा मांगने के लिए दरवाजा खटखटाने लगे। सेठ जी बिगड़ते हुए दरवाजे की तरफ आए और देखा तो दो साधु खड़े हैं।
भगवान् बोले – “भैया ! बड़े जोरों की भूख लगी है। थोड़ा सा खाना मिल जाए।” सेठ जी बिगड़कर बोले “तुम दोनों को शर्म नहीं आती। तुम्हारे बाप का माल है ? कर्म करके खाने में शर्म आती है, जाओ-जाओ किसी होटल में खाना मांगना।” नारद जी बोले – “देखा प्रभु ! यह आपके भक्तों और आपका निरादर करने वाला सुखी प्राणी है। इसको अभी शाप दीजिये।”
नारद जी की बात सुनते ही भगवान् ने उस सेठ को अधिक धन सम्पत्ति बढ़ाने वाला वरदान दे दिया। इसके बाद भगवान् नारद जी को लेकर एक बुढ़िया मैया के घर में गए। जिसकी एक छोटी सी झोपड़ी थी, जिसमें एक गाय के अलावा और कुछ भी नहीं था। जैसे ही भगवान् ने भिक्षा के लिए आवाज लगायी, बुढ़िया मैया बड़ी खुशी के साथ बाहर आयी। दोनों सन्तों को आसन देकर बिठाया और उनके पीने के लिए दुध लेकर आयीं और बोली..
“प्रभु ! मेरे पास और कुछ नहीं है, इसे ही स्वीकार कीजिये।” भगवान् ने बड़े प्रेम से स्वीकार किया। तब नारद जी ने भगवान् से कहा – “प्रभु ! आपके भक्तों की इस संसार में देखो कैसी दुर्दशा है, मेरे पास तो देखी नहीं जाती। यह बेचारी बुढ़िया मैया आपका भजन करती है और अतिथि सत्कार भी करती है। आप इसको कोई अच्छा सा आशीर्वाद दीजिए।”
भगवान् ने थोड़ा सोचकर उसकी गाय को मरने का अभिशाप दे डाला। यह सुनकर नारद जी बिगड़ गए और कहा – “प्रभु जी ! यह आपने क्या किया ?” भगवान् बोले – यह बुढ़िया मैया मेरा बहुत भजन करती है। कुछ दिनों में इसकी मृत्यु हो जाएगी और मरते समय इसको गाय की चिन्ता सताएगी… कि मेरे मरने के बाद मेरी गाय को कोई कसाई न ले जाकर काट दे, मेरे मरने के बाद इसको कौन देखेगा ?
तब इस मैया को मरते समय मेरा स्मरण न होकर बस गाय की चिन्ता रहेगी और वह मेरे धाम को न जाकर गाय की योनि में चली जाएगी। उधर सेठ को धन बढ़ाने वाला वरदान दिया कि मरने वक़्त धन तथा तिजोरी का ध्यान करेगा और वह तिजोरी के नीचे साँप बनेगा। प्रकृति का नियम है जिस चीज मे अति लगाव रहेगा यह जीव मरने के बाद बही जन्म लेता है ओर बहुत दुख भोगता है।
अतः अपना चिंतन प्रभु की तरफ अधिक रखें।
हे नाथ! हे मेरे नाथ!! मैं आपको भूलूँ नहीं!!! !! जय श्री हरि !
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⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।


