Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 20 फरवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 20 फ़रवरी 2025
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125_
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 09:58 AM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथि स्वामी – सप्तमी के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है। यह मित्रवत, मित्रा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र विशाखा 01:30 PM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी – विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं। यह तुला राशि और वृश्चिक राशि को जोड़ने वाला नक्षत्र है।
⚜️ योग – ध्रुव योग 11:33 AM तक, उसके बाद व्याघात योग
⚡ प्रथम करण : बव – 09:58 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 11:02 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 09:45:00 से 11:10:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 2:00 से 3:25 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:22:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:38:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:14 ए एम से 06:04 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:39 ए एम से 06:55 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:12 पी एम से 12:58 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:28 पी एम से 03:14 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:12 पी एम से 06:38 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:15 पी एम से 07:31 पी एम
💧 अमृत काल : 04:27 ए एम, फरवरी 21 से 06:13 ए एम, फरवरी 21
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 21 से 01:00 ए एम, फरवरी 21
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 01:30 पी एम से 06:54 ए एम, फरवरी 21
❄️ रवि योग : 06:55 ए एम से 01:30 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर चढ़ाएं।
🪵 *वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार : रवि योग/ सर्वार्थसिद्धि योग/ कालाष्टमी/ स्वतन्त्रता सेनानी शरत चन्द्र बोस शहीद दिवस, मुग़ल शासक औरंगज़ेब स्मृति दिवस, हरियाणा के मुख्यमंत्री राव वीरेन्द्र सिंह जन्म दिवस, अभिनेत्री जिया ख़ान जन्म दिवस, क्रिकेटर रोहन गावास्कर जन्म दिवस, भारतीय अभिनेता अनु कपूर जन्म दिवस,अरुणाचल प्रदेश दिवस, मिजोरम दिवस, विश्व सामाजिक न्याय दिवस, नेता जयन्त कुमार मलैया जन्म दिवस, गांधीवादी विचारक भवानी प्रसाद मिश्र स्मृति दिवस ✍🏼 तिथि विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। 🗽 *_Vastu tips* 🛕
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के सामने अशोक का पेड़ लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है। साथ ही घर में शांति और खुशहाली आती है।
ऐसी मान्यता है कि देवी-देवताओं को अशोक की पत्तियां चढ़ाने से मनचाहा फल मिलता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से भगवान जल्दी खुश होते हैं।
अगर आप न चाहते हुए भी आए दिन झगड़ा और मन-मुटाव की समस्या से गुजर रहे हैं या फिर वैवाहिक जीवन अड़चनें आ रही है तो अशोक के पेड़ के पत्तों को पानी मिलाकर नहाएं। फिर नहाने के बाद अशोक के पत्तों को पीपल के पेड़ के पास रख दें। लगातार 42 दिनों तक ऐसा करें। इससे वैवाहिक जीवन में खुशी लौट आएगी।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आप सब हरि मिर्च से तो भली भांति ही परिचित होंगे बेशक हरि मिर्च का प्रयोग सब्जीयों में न करने ये सब्जी बिना स्वाद की लगती है, आप मे से बहुत कम लोगो को ये पता होगा कि एक हरि मिर्च को सबेरे खाना कई बीमारियों का रामबाण होता है
रोज रात को 2 हरी मिर्च लेकर उनको अच्छी तरह से शुद्ध पानी से धो लें और फिर इन मिर्चों को हल्का सा बीच में से काट दें|
फिर इन हरी मिर्चों को शुद्ध पानी में डालकर रात-भर रख दें| सुबह उठने के कुछ समय बाद इन हरी मिर्चों के पानी का सेवन करें|
इस पानी का सेवन करने से दिनचर्या में कोई भी गलत असर नहीं पड़ता| बल्कि इसे पिने से इंसान का शरीर पूरा दिन एनर्जी से भरा हुआ रहता है|
🌰 आरोग्य संजीवनी 🍶
गोखरू और वरुणादि क्वाथ: आयुर्वेदिक चमत्कारी जड़ी-बूटियाँ
गोखरू प्रोस्टेट ग्रंथि की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जबकि वरुणादि क्वाथ मूत्र संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है।
➡ कैसे सेवन करें? रोज सुबह खाली पेट गोखरू चूर्ण (1 चम्मच) और वरुणादि क्वाथ (2 चम्मच) गुनगुने पानी के साथ लें।
हल्दी और अदरक: सूजन और संक्रमण का प्राकृतिक इलाज
हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जो प्रोस्टेट की सूजन को कम करता है, जबकि अदरक का एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द और जलन में राहत देता है।
➡ कैसे सेवन करें? हल्दी और अदरक वाली हर्बल चाय बनाकर पीने से बहुत लाभ होता है।
📖 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
एक समय था जब आग को घर में हमेशा जिंदा रखा जाता था मतलब हर समय घर में आग अंगार के रूप में मौजूद रहती थी।
हर घर में मिट्टी की बनी एक बोरसी रहती थी जो अंगीठी से थोड़ी छोटी रहती थी। इसका मुख्य काम आग को ही जिंदा रखना होता था।
जब घर में बच्चे का आगमन होता था तब प्रसूतिकक्ष के दरवाजे पर ये बोरसी रखी जाती थी जिसमें रखी आग से पैर सेंक कर ही कोई जच्चा-बच्चा के पास जाता था।
हमारे बुजुर्ग कहते थे कि होली से पहले अग्नि माता अपनी ससुराल रहती हैं और होली के दिन मायके आती हैं और जब तक मायके रहती हैं तब तक वो निश्चिन्त होकर उन्मुक्त रहती हैं इसलिए आग के मामले में बहुत सावधानी बरतनी पड़ती थी जरा सी लापरवाही होते ही आग लगने का खतरा हो जाता था। बोरसी में रखी आग को बरकत की निशानी माना जाता था।
मेरी नानी कहती थी कि घर में आग हमेशा जिंदा रखना सुघड़ गृहलक्ष्मी की निशानी है। जो स्त्री रोज रोज दूसरों के घर आग मांगने जाती है वो सुघड़ नहीं फूहड़ होती है।
बोरसी में आग को एक उपले के कोने पर रखकर उपले में आग पकड़ा दी जाती थी फिर उसे बोरसी में रखकर उपर से धान का छिलका यानी भूसी रख दिया जाता था। आग बुझने न पाए इसलिए गर्म राख में नया उपला दबा दिया जाता था।
अब न आग जलाने के लिए चूल्हे रह गए हैं न ही आग के ये अंगार घर में रखे जाते हैं। इस अग्नि की क़ीमत और अग्नि को माता समझने वाले न वो बुजुर्ग रह गए हैं।
अब तो घर घर गैस चूल्हा आ गया है जिसे लाइटर की एक चिंगारी चमक कर जला देती है बल्कि ये कहें कि अब तो नए मॉडल के गैस चूल्हे में लाइटर की भी जरूरत नहीं पड़ती है।
समय बहुत बदल गया है बहुत सी सुविधा हो गयी है परन्तु कोई पुरानी चीजें नजर के सामने आ जाती है तो उससे जुड़ी बाते अवश्य याद आ जाती हैं।
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।।

