Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 27 मई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 27 मई 2025
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 08:32 AM तक उपरांत प्रतिपदा तिथि 05:02 AM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न होकर प्रजावृद्धि, धन-रक्षा, आयु तथा बल-शक्ति प्रदान करते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रोहिणी 02:50 AM तक उपरांत म्रृगशीर्षा
🪐 नक्षत्र स्वामी – रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा है.और राशि का स्वामी शुक्र है।
⚜️ योग – सुकर्मा योग 10:54 PM तक, उसके बाद धृति योग
⚡ प्रथम करण : नाग – 08:31 ए एम तक किंस्तुघ्न – 06:45 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 05:02 ए एम, मई 28 तक बालव
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:18:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:42:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:03 ए एम से 04:44 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:24 ए एम से 05:25 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:46 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:36 पी एम से 03:31 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:11 पी एम से 07:31 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:12 पी एम से 08:13 पी एम
💧 अमृत काल : 12:00 पी एम से 01:25 ए एम, मई 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:39 ए एम, मई 28
🪷 द्विपुष्कर योग : 05:02 ए एम, मई 28 से 05:25 ए एम, मई 28
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:25 ए एम से 05:32 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय- हनुमान मंदिर में सवाकिलो बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – द्विपुष्कर योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ गंगा दशहरा/ करिदिवस/ धनिष्ठा नवक समाप्ति/ अमावस्या समाप्ति सुबह 08 .32 पर/ देवकार्य (स्नान/दान) अमावस्या/शनि देव प्राकट्योत्सव/करवीर व्रत/ भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति दिवस, मेमोरियल डे, राष्ट्रीय सनस्क्रीन दिवस, राष्ट्रीय ग्रे दिवस, रमाबाई आम्बेडकर पुण्य तिथि, ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित हंगपन दादा स्मृति दिवस, राष्ट्रीय स्मृति दिवस, भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री जन्म दिवस, भारतीय राजनीति नितिन गडकरी जन्म दिवस, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सरदार हुकम सिंह पुण्य तिथि
✍🏼 तिथि विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
अवॉर्ड्स न रखें फ्रिज के ऊपर कई लोग अपनी ट्रॉफी और अवॉर्ड्स को फ्रिज के ऊपर रख देते हैं। हालांकि, ऐसा करने से आपको नुकसान हो सकता है। वास्तु के अनुसार फ्रिज के ऊपर ट्रॉफी, अवार्ड्स या किसी भी तरह का मोमेंटो रखने से आपको आर्थिक हानि हो सकती है। इसलिए यह कार्य करने से आपको बचना चाहिए।
पौधा फ्रिज के ऊपर रखने से बचें कभी भी आपको फ्रिज के ऊपर पौधा या पौधे का गमला नहीं रखना चाहिए। वास्तु की मानें तो फ्रिज पर पौधा रखने से आपको पारिवारिक जीवन में अशांति छा सकती है। साथ ही धन से जुड़ी समस्याओं का सामना भी आपको करना पड़ सकता है। इसलिए गलती से भी फ्रिज के ऊपर पौधा न रखें।
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
दही में नमक – बाल झड़ने और सफेद होने का कारण!
भारत में दही के साथ नमक खाने का चलन आम है। चाहे दही-चावल हो या दही में नमक डालकर सीधा खाना। लेकिन यह आदत आपकी खूबसूरती पर भारी पड़ सकती है। आयुर्वेद में दूध और उससे बनी चीजों में नमक डालना वर्जित माना गया है। दही में नमक डालने से स्किन और बालों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं जैसे:
बालों का झड़ना
समय से पहले सफेद बाल
मुंहासे और त्वचा की सूजन
अगर आप दही खाना पसंद करते हैं तो उसमें नमक की जगह काला भुना जीरा या पुदीना डालें, ये ज्यादा फायदेमंद रहेगा।
फलों पर नमक – पोषक तत्व हो जाते हैं खत्म!
खट्टे-मीठे फलों पर अक्सर लोग नमक छिड़ककर खाते हैं ताकि स्वाद बढ़ जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना उन फलों के पोषक तत्वों को नष्ट कर देता है? नमक डालने से विटामिन सी और अन्य न्यूट्रीएंट्स की मात्रा घट जाती है। साथ ही शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है जिससे हो सकते हैं ये नुकसान:
वॉटर रिटेंशन (शरीर में पानी जमा होना)
हाई ब्लड प्रेशर किडनी पर असर दिल की बीमारी का खतरा फल प्राकृतिक रूप से पोषक होते हैं, इसलिए उन्हें बिना नमक खाएं।
🍒 आरोग्य संजीवनी 🍓
आइए जानते हैं इस मिर्च के फायदे-
सफेद मिर्च खाने से हमारी आंखों की रोशनी बनी रहती है।
सफेद मिर्च खाने के स्वाद को और बढ़ा देती है।
बादाम सफेद मिर्च दोनों का पाउडर बनाकर चाय कॉफी या दूध के साथ लेने से खांसी बहुत ही जल्दी ठीक होती है।
सफेद मिर्च खाने से कोलस्ट्रोल नियंत्रण में रहता है।
सफेद मिर्च शुगर के रोगियों के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होती है।
जोड़ों के दर्द के लिए भी सफेद मिर्च खाना बहुत ही फायदेमंद होता है।
जुकाम लगने पर सफेद मिर्च के पाउडर में अगर थोड़ी सी शहद मिलाकर खाते हैं तो इससे जुकाम भी बहुत ही जल्दी ठीक हो जाता है।
सफेद मिर्च की तासीर काली मिर्च से ज्यादा होती है। इसलिए सर्दियों में इसका सेवन करने से सर्दी लगने का खतरा कम रहता है।
कैंसर के रोगियों के लिए भी सफेद मिर्च बहुत ही फायदेमंद होती है।
📖 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
नंदी के कान में सभी लोग क्या बोलते हैं और इससे क्या होता है?
नंदी महाराज की कल्पना एक जंगली बैल या सांड के रूप में की गई है,ये शिव जी के एक प्रमुख गण हैं। सांड या बैल गोवंश के पुरुष होते हैं।
बैल को हमेशा से बुद्धिहीन माना गया है , बल्कि स्कूल में “गधा है ” के साथ “बैल बुद्धि”होना भी एक विशेषण होता था 😛। हांलाकि प्रेमचंद ने “हीरा-मोती” की कथा के साथ बैलों का एक नया पक्ष भी सामने रखा।
पर सांड एक अलग किस्म का जीव होता है, उसकी फुर्ती, रफ्तार और शक्ति बहुत कम आंकी जाती है।दुनिया मे शक्ति हॉर्स पावर से मापी जाती है, युद्धों में भी घोड़े प्रयोग हुए।
पर सांड दरअसल घोड़े से भी ज्यादा शक्तिशाली होता है। आपने कई वीडियो देखे होंगे जिसमे सांड इंसान को अपने सींगों में उठाकर पटक देता है। पटककर भी सांड नही छोड़ता बल्कि फिर पेट मे सींग गढ़ाकर रगड़ता भी है। ज़िंदगी न मिले दोबारा में दिखाई गई स्पेन की सांड रेस बहुत प्रसिद्ध है,इसमे सांड के आगे भागने में लोगों को रोमांच महसूस होता है।
“मर्दाना ताकत” वाले उत्पादों में भी “बुल” का प्रयोग बहुत होता है।सबसे मशहूर एनर्जी ड्रिंक का तो नाम ही” रेड बुल” है।
कहने का मतलब है कि सांड में ताकत और ऊर्जा तो बहुत है पर मनुष्य के वश की नही कि वो इस ताकत तो काबू कर सके।
पर महादेव ने दो सबसे खतरनाक जीवों सर्प और सांड को काबू में कर रखा है। मनुष्य की बारात घोड़े पर निकलती है पर महादेव की बारात में दूल्हा सांड पर बैठता है।
जंगली सांड को लोग लाठी मारकर भगा देते हैं पर नंदी महाराज न सिर्फ पूजे जाते हैं बल्कि भक्तगण इनके कान में बताते हैं कि शिव जी से क्या चाहिए।
नंदी इस बात के प्रतीक हैं की असीम शक्ति भी समाज द्वारा तभी पूज्यनीय है जब वो नियंत्रित हो। अगर ये शिव द्वारा नियंत्रित न होते तो लोग इनको देखकर भी दूर भागते।
सनातन में धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की बात की गई है। अर्थ (धन) और काम की शक्ति बहुत है, इनको पुरुषार्थ माना जाता है मतलब मेहनत, बल- बुद्धि से पाना गलत नही है। इनको उसी तरह नियंत्रित रखें जैसे शिव ने नंदी को किया है,ये जीवन का भाग हैं,जीवन नही हैं।
जय नंदी महाराज, जय भोलेनाथ !!
━━━━━━━━✧❂✧━━━━━━━━
⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।।



