Today Panchang आज का पंचांग बुधवार, 05 फरवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 05 फ़रवरी 2025
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – बुधवार माघ माह के शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि 12:35 AM तक उपरांत नवमी
📝 तिथि स्वामी – अष्टमी के देवता हैं रुद्र। इस तिथि को भगवान सदाशिव या रुद्रदेव की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति की प्राप्ति होती है। इससे बंधन से मुक्त भी मिलती है। यह द्वंदवमयी तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र भरणी 08:33 PM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी – भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इस नक्षत्र के देवता यम और लिंग स्री है।
⚜️ योग – शुक्ल योग 09:18 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 01:31 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 12:35 ए एम, फरवरी 06 तक बालव
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 1:57 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:22 ए एम से 06:15 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:48 ए एम से 07:07 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:25 पी एम से 03:09 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:01 पी एम से 06:27 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:04 पी एम से 07:22 पी एम
💧 अमृत काल : 04:00 पी एम से 05:31 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 06 से 01:01 ए एम, फरवरी 06
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 08:33 पी एम से 07:06 ए एम, फरवरी 06
❄️ रवि योग : 08:33 पी एम से 07:06 ए एम, फरवरी 06
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को धर्मशास्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/सर्वार्थसिद्धि योग/भीष्माष्टमी/ रवि योग/ बुधाष्टमी/ दुर्गाष्टमी/ प्रसिद्ध योगाचार्य महर्षि महेश योगी स्मृति दिवस, भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार जन्म दिवस, सिखों के सातवें गुरु, हर राय जयन्ती, राजनीतिज्ञ प्रेम सिंह तमांग जन्म दिवस, भारतीय अभिनेता जो बॉलीवुड आइकन अमिताभ बच्चन के बेटेअभिषेक बच्चन जन्म दिवस, बीजेपी नेता हुकुमचंद यादव स्मृति दिवस, प्रसिद्ध कवि जानकी वल्लभ शास्त्री जन्म दिवस, वन अग्नि सुरक्षा दिवस (सप्ताह)
✍🏼 तिथि विशेष – अष्टमी तिथि को नारियल त्याज्य बताया गया है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इसका मतलब कोई भी विकट कार्य आज आप कर-करवा सकते हैं। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। इसका मतलब आज आप कोई भी भयंकर रोगों के इलाज का प्रयत्न भगवान के नाम के साथ करेंगे-करवाएंगे तो निश्चित लाभ होगा। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेड का सिरहाना दक्षिण दिशा में होना शुभ माना जाता है। इससे दांपत्य जीवन सदैव सुखमय होता है और पति-पत्नी के रिश्ते में मजबूती आती है। इसके अलावा दांपत्य जीवन में आ रही बाधा दूर होती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण के अलावा उत्तर दिशा को भी शुभ माना जाता है। किसी नए काम की शुरुआत के दौरान उत्तर दिशा की तरफ मुंह होना उत्तम माना जाता है। इससे काम में सफलता प्राप्त होती है। इसके अलावा पूजा के दौरान जातक का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना शुभ माना गया है।
🔑 जीवनपयोगी कुंजियां ⚜️
● बाजार में जो चेहरों पर निखार लाने वाले एन्टी एजिंग क्रीम है , उनमें संतरे के छिलकों के रस का इस्तेमाल होता है।
● संतरे के छिलकों को पानी मे उबालकर और छानकर पीने से वजन कंट्रोल में रहता है।
● संतरे के छिलके को उबालकर उसके पानी को सुबह खाली पेट पीने से कब्ज और अपच वगैरह में मदद मिलती है।
● संतरे के छिलकों में पेक्टिन नामक फाइबर पाया जाता है। इसलिए इसका सेवन डायबिटीज में भी लाभदायक है।
● इसके छिलके को सुखाकर बारीक पीस ले और इस पाउडर को शहद या दूध के साथ मिश्रण बनाकर एक शानदार घरेलू फेसमास्क बनाया जा सकता है। ये ब्लैकहेड्स , डार्क स्पॉट और मुंहासे वगैरह में भी उपयोगी है।
● किसी – किसी के मुंह से आती दुर्गंध के कारण उनसे बात करने में सामने वाले की रूह कांप जाती है। ऐसे लोग भी परेशान न हो। इसके छिलके को उबालने से निकले हुए पानी से कुल्ला करें , कृपा आनी शुरू हो जाएगी।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
अश्वगंधा और शतावर के लाभ
✅ अश्वगंधा: यह एक शक्तिवर्धक जड़ी-बूटी है जो तनाव को कम करने, टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाने और मांसपेशियों की मजबूती में सहायक होती है।
✅ शतावर: यह मुख्य रूप से महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होती है, लेकिन पुरुषों में भी यह वीर्य की गुणवत्ता सुधारने और ऊर्जा बढ़ाने में मददगार है।
✅ दोनों का मिश्रण: जब अश्वगंधा और शतावर को एक साथ लिया जाता है, तो यह यौन शक्ति, शारीरिक सहनशक्ति और तनाव प्रबंधन में अत्यधिक फायदेमंद साबित होता है।
📖 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
एक राजा अपने मंत्री के साथ आखेट पर निकले। वन में हिरन को देख राजा ने तीर प्रत्यंचा पर चढ़ाया ही था कि जंगल में से एक सुअर निकला और राजा को धक्का देकर भागा। इस अप्रत्याशित आघात के कारण तीर की नोक से उनकी अंगुली कट गईं। रक्त बहने लगा और व्याकुल हो उठे। मंत्री की ओर देखने पर मंत्री बोले- राजन ! भगवान जो करता है, अच्छे के लिए करता है। राजा पीड़ा में थे ही, मंत्री की बात सुन क्रोध से भर उठे। उन्होंने मंत्री को आज्ञा दी कि वो उसी समय उनका साथ छोड़कर अन्य राह पकड़ ले। मंत्री ने आदेश को सहर्ष स्वीकार किया और भिन्न दिशा में निकल पड़े। इधर राजा थोड़े आगे बढ़े ही थे उन्हें नरभक्षियों ने घेर लिया। वे उन्हें पकड़कर अपने सरदार के पास ले चले। राजा की बलि देने की तैयारी हो ही रही थी कि उनके पुजारी ने राजा की कटी अंगुली देखी तो कहा-इसका तो अंग भंग है, इसकी बलि स्वीकार नहीं हो सकती। राजा को जीवनदान मिला तो उन्हें तुरंत मंत्री की याद आई। सोचने लगे मंत्री ठीक ही कहता था। भगवान जो करता है अच्छे के लिए ही करता है, मुझे उनका साथ नहीं छोड़ना चाहिए था। ऐसा सोचते वे आगे बढ़ रहे थे कि उन्हें मंत्री नदी किनारे भजन करते दिखाई पड़े। राजा ने प्रेम पूर्वक मंत्री को गले लगाया। और उन्हें सारा घटनाक्रम कह सुनाया। तदुपरांत राजा ने उनसे प्रश्न किया- मेरी अंगुली कटी, इसमें भगवान ने मेरा भला किया, पर तुम्हें मैंने अपमानित करके भगाया, इसमें भला तुम्हारा क्या भला हुआ ? मंत्री मुस्कुराए और बोले- राजन यदि आपने मुझे भिन्न राह पर नहीं भेजा होता और मैं आपके साथ होता तो अंग-भंग के कारण नरभक्षी आपकी बलि न देते पर मेरी बलि चढ़नी सुनिश्चित थी। इसलिए भगवान जो करता है अच्छा ही करता है पर हमें तत्काल समझ नहीं आता।
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⚜️ अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।।
मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।।


