ट्रक का रूप लेती जा रहीं ट्रॉलियां, ओवरलोडिंग से हादसों का बढ़ता खतरा

अनाज परिवहन के नाम पर अवैध ढुलाई, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय और सरकारी राजस्व दोनों को नुकसान
सिलवानी। क्षेत्र में ट्रैक्टर ट्रॉलियों का स्वरूप तेजी से बदलता जा रहा है। जो ट्रॉलियां पहले छोटे और सीमित क्षमता की हुआ करती थीं, वे अब आकार में बढ़कर ट्रकनुमा रूप ले चुकी हैं। अनाज की पैदावार बढ़ने के साथ परिवहन की मांग भी बढ़ी है, लेकिन इसके चलते ट्रॉलियां अपना सुरक्षित मूल स्वरूप खोती जा रही हैं। स्थिति यह है कि अनाज परिवहन के लिए ट्रॉलियों की क्षमता दोगुनी से तीन गुनी तक बढ़ा दी गई है।
ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े संचालकों का कहना है कि उनका मूल कार्य ही अनाज और अन्य सामग्री का परिवहन है, लेकिन ट्रॉलियों के जरिए हो रहे इस अवैध और अनियंत्रित परिवहन से उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। साथ ही, इस तरह की ओवरलोडिंग से किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
नगर में ट्रक और ट्रॉलियां दोनों ओवरलोड
नगर और आसपास के क्षेत्रों में न केवल ट्रॉलियां बल्कि ट्रक भी ओवरलोड होकर सड़कों पर दौड़ते नजर आ रहे हैं। समय-समय पर ट्रॉलियों से होने वाले इस परिवहन को अवैध बताते हुए रोक लगाने की मांग उठती रही है। यह मुद्दा प्रशासनिक बैठकों में भी चर्चा का विषय बना, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से ऐसी ट्रॉलियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
30 क्विंटल की क्षमता, ढुलाई 90 से 140 क्विंटल तक
ट्रांसपोर्ट संचालकों के अनुसार सामान्य तौर पर ट्रॉलियों की परिवहन क्षमता 30 से 35 क्विंटल तक होती है, लेकिन वर्तमान में इनका आकार इतना बढ़ा दिया गया है कि 90 से 120 क्विंटल तक अनाज का परिवहन किया जा रहा है। यह कार्य पूरी तरह से व्यावसायिक श्रेणी में आता है, जिसके लिए जिला परिवहन विभाग से संबंधित औपचारिकताओं का पालन जरूरी होता है।
इसके बावजूद ट्रॉलियों से परिवहन करने वाले न तो कमर्शियल टैक्स का भुगतान कर रहे हैं, न ही उनके पास लाइसेंसधारी चालक होते हैं और न ही जीएसटी का कोई हिसाब-किताब रखा जा रहा है। ट्रांसपोर्ट संचालकों का आरोप है कि इसके बाद भी इन्हें खुलेआम परिवहन की छूट मिली हुई है।
प्रशासन की अनदेखी, हादसों की आशंका
बिना रोकटोक चल रहे इस अवैध परिवहन से न केवल ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि शासन को भी कमर्शियल वाहनों से मिलने वाले विभिन्न करों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अधिकांश मामलों में अनाज मंडी से गोदामों और अन्य स्थानों तक ट्रकनुमा ट्रॉलियों से ढुलाई की जा रही है, जबकि वैध ट्रांसपोर्ट संचालक काम के अभाव में खाली बैठे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में ओवरलोडिंग से जुड़े हादसों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो जमनिया घाट का बताया जा रहा है, जिसमें रेत से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली आगे से उठती हुई नजर आ रही है। यह दृश्य न केवल डराने वाला है, बल्कि प्रशासन के लिए भी चेतावनी है।
ट्रांसपोर्ट संचालकों और आम नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड ट्रॉलियों और अवैध परिवहन पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और वैध परिवहन व्यवसाय को संरक्षण मिल सके।



