ज्योतिष

आज का पंचाग रविवार  02 अक्टूबर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501

•••  *_जय श्री हरि_*  •••✦
       🧾 *_आज का पंचांग_* 🧾
        *_रविवार  02 अक्टूबर 2022_*

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 *_रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।_*
*_इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।_*
*_रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।_*
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ”  काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता  है।ब

🔮 *_शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022_*
🌐 *_संवत्सर नाम-राक्षस_*
✡️ *_शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)_*
☸️ *_काली सम्वत 5123_*
☣️ *_सायन दक्षिणायन_*
🌦️ *_ऋतु – सौर शरद ऋतु_*
🌤️ *_मास – आश्विन माह_*
🌗 *_पक्ष – शुक्ल पक्ष_*
📆 *_तिथि – सप्तमी 20.48 PM तक तत्पश्चात अष्टमी_*
✏️ *_तिथि के स्वामी :- सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देव जी और अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है Iसप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य माने गए है।_*
💫 *_नक्षत्र : मूल – 01:53 ए एम, अक्टूबर 03 तक पूर्वाषाढा_*
🪐 *_नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- मूल नक्षत्र के देवता निॠति (राक्षस) एवं स्वामी केतु जी है ।_*
🔔 *_योग – सौभाग्य 17.13 PM तक तत्पश्चात शोभन योग के स्वामी :- सौभाग्य योग का स्वभाव श्रेष्ठ माना जाता है।_*
⚡ *_प्रथम करण : – गर् 7.50 AM तक करण के स्वामी, स्वभाव :- गर करण के स्वामी भूमि तथा स्वभाव सौम्य है ।_*
✨ *_द्वितीय करण : – वाणिज् 18.48 तक करण के स्वामी, स्वभाव :- वणिज करण की स्वामी लक्ष्मी देवी और स्वभाव सौम्य है।_*
🔥 *_गुलिक काल : – अपराह्न – 3:00 से 4:30 तक ।_*
⚜️ *_दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।_*
🤖 *_राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।_*
🌞 *_सूर्योदय – प्रातः 06:14_*
🌅 *_सूर्यास्त – सायं 18:06_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : 04:37 ए एम से 05:26 ए एम_*
🌇 *_प्रातः सन्ध्या : 05:02 ए एम से 06:14 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : 11:47 ए एम से 12:34 पी एम_*
✡️ *_विजय मुहूर्त : 02:09 पी एम से 02:56 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : 05:54 पी एम से 06:18 पी एम_*
🏙️ *_सायाह्न सन्ध्या : 06:06 पी एम से 07:19 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : 07:50 पी एम से 09:20 पी एम_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : 11:46 पी एम से 12:35 ए एम, अक्टूबर 03_*
⭐ *_सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:14 ए एम से 01:53 ए एम, अक्टूबर 03_*
💥 *_सौभाग्य योग – रात्रि 1.53 बजे तक_*
⛄ *_मूल नक्षत्र – रात्रि 1.53 बजे तक_*
🚓 *_यात्रा शकुन- इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।_*
👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।_*
🤷🏻‍♀️ *_आज का उपाय-किसी विप्र को गुड़ दान करें।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ *_पर्व एवं त्यौहार – सप्तम नवरात्र माँ कालरात्रि व्रत  पूजा, रंग नीला, माँ भद्रकाली अवतार, मूल नक्षत्र में  माँ सरस्वती का आह्वान पूजन, भानू सप्तमी, महासप्तमी, महालक्ष्मी, महानिशा पूजा,अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 18:48 से, दुर्गा पूजा प्रारम, ओली प्रारम्भ जैन , चतुर्थी पक्ष, श्री लाल बहादुर शास्त्री जयन्ती, श्री महात्मा गांधी जयन्ती, स्वच्छता दिवस व अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस, श्री के. कामराज स्मृति दिवस_*
✍🏽 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
👣 02 अक्टूबर 2022 दिन रविवार को शारदीय नवरात्रि का सप्तम दिवस है। आप सभी सनातनी बंधुओं को बता दूँ, कि शारदीय नवरात्रा के सप्तम दिन माता कालरात्रि को प्रशन्न करने के लिए पत्रिकाप्रवेशन अर्थात आज सप्तमी से शुरू करके दशमी तक पुस्तक आदि का नित्य पुजन करना चाहिये। आज माता चंडी की सप्तम स्वरूपा माँ कालरात्रि के उपासना निशीथ (महानिशा) पूजा एवं बलिदान आदि करने का (निशिथकाल रात्रि – 11:35 PM से 12:24 PM तक) का समय है। आज देवी आगमन तुरंग (अश्व) वाहन पर सवार होकर। वाहन फल – छत्र भंग का योग बन रहा है। आज दुर्गा सप्तमी है साथ ही गाँधी जी एवं शास्त्रीजी की जयन्ती भी है। आज शाम को 06:21 PM से भवानी अन्नपूर्णा की परिक्रमा आरम्भ होगा। आप सभी को माता चंडी की सप्तम स्वरूपा माँ कालरात्रि के उपासना की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ। मातारानी से हमारी हार्दिक प्रार्थना यही है, कि आप सभी सनातनियों के सभी समस्याओं का समाधान कर उन्हें सुखद एवं आनंददायी जीवन प्रदान करें।।
                🗽 *_Vastu tips_* 🗺️
अपने जीवन और घर में हर कोई सुख शांति चाहता है। व्यक्ति एक-एक कर दिन-रात मेहनत करता है। यदि आप वास्तु शास्त्र के अनुसार काम नहीं करते हैं तो यह सारी मेहनत खराब हो जाती है। घर में वास्तु का सही होना बहुत जरूरी है। यानी कौन सी चीज किस दिशा में रखनी चाहिए, इस बात का ध्यान रखें।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की, अगर आप शादीशुदा हैं और अपने जीवन में प्यार का रस मिलाना चाहते हैं तो अपने घर में राधा कृष्ण की तस्वीर लगाएं। जिसके साथ ही इन्हें प्यार का प्रतीक भी माना जाता है। राधा कृष्ण की तस्वीर लगाने से कई तरह के वास्तु दोष दूर होते हैं। मगर इनकी तस्वीर लगाने का भी एक नियम है।
यदि आप शादीशुदा हैं और अपने जीवन में प्यार का रस मिलाना चाहते हैं तो अपने घर में राधा कृष्ण की तस्वीर लगाएं। वास्तु विज्ञान में राधा कृष्ण के चित्र को बहुत ही शुभ माना गया है।
बता दे की, राधा कृष्ण की तस्वीर लगाने से कई तरह के वास्तु दोष दूर होते हैं। लेकिन इनकी तस्वीर लगाने का भी एक नियम है।
➡️ *_जीवनोपयोगी कुंजियां_* ⚜️
*_विषैले जीवाणुनाशक तथा शुभत्ववर्धक उपाय_*
अपने घर के ईशान कोण में तुलसी-पौधा अवश्य होना चाहिए| प्रात: स्नानादि के बाद उसमें शुद्ध जल चढाने तथा शाम के समय घी या तेल का दीपक जलाने से वातावरण में विचरण करनेवाले विषैले जीवाणु समाप्त होते हैं तथा शुभत्व बढ़ता है
🍃 *_आरोग्य संजीवनी_* ☘️
*हल्की आदतें, चिन्ति स्वभाव, बीमारी आदि सब गायब !*
दवाइयों से रोग नहीं मिटते, दवाइयाँ तो निमित्त होती है, रोग तो आपकी पुण्याई से और आपकी रोगप्रतिकारक शक्ति से मिटते है | अगर दवाइयों से ही रोग मिटते होते तो जवान का ऑपरेशन होने पर थोड़े दिनों में घाव क्यों ठीक होता और बूढ़े व्यक्ति का वही ऑपरेशन होने पर ठीक होने में ज्यादा दिन क्यों लगते हैं ? बूढ़े व्यक्ति की बीमारी मिटने में ज्यादा दिन क्यों लगते हैं और जवान की बीमारी जल्दी क्यों मिटटी हैं ? जिनकी रोग प्रतिकारक शक्ति, प्राणशक्ति, मन: शक्ति दुर्बल है उनके रोग देर से मिटते हैं और जिनकी मन:शक्ति सबल हैं उनको रोग होते नहीं और कभी हो भी जायें तो जल्दी मिट जाते हैं |
यह जो एलोपैथी के डॉक्टरों को भी मानना पड़ेगा, वैज्ञानकों को भी मानना पड़ेगा और आस्तिक जगत के लोग तो मानते ही हैं | आपमें विचारशक्ति का बल है | दुनिया में कई शक्तियाँ है – विद्युत् शक्ति हैं, परमाणु शक्ति है …. तमाम शक्तियाँ है | उन सब शक्तियों की ऐसी -तैसी करनेवाली आपकी विचारशक्ति है |
जो मुसीबतों से, दु:खों से दबे रहते हैं | तो ‘महाराज  ! दुःख तो हमारे पास बहुत है , हम तो दु:खों से डर रहे हैं |’ नहीं | लम्बा श्वास लो, भगवान के नाम का उच्चारण करो | जितने मिनट उच्चारण करो उसके आधे मिनट चुपचाप बैठो और मानसिक उच्चारण होने दो | कितनी भी हल्की आदत होगी, कितना भी डरावना स्वभाव होगा, चिंतित स्वभाव होगा – बीमारी का, तनाव का , वह सब थोड़े दिनों में गायब हो जायेगा |
          📖 *_गुरु भक्ति योग_* 🕯️
      सफल व्यक्ति के दुश्मन तो होते ही हैं लेकिन ऐसे लोगों के भी कई दुश्मन होते हैं जो सफल होने की राह में आगे बढ़ रहे होते हैं। जाहिर है कई बार ये दुश्मन तगड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि खुद को अपने शत्रुओं से बचाकर रखा जाए। आचार्य श्री गोपी राम ने शत्रु से बचने और शत्रु को मात देने के खास तरीके बताए हैं। यदि उन्हें अपना लिया जाए तो ताकतवर से ताकतवर दुश्मन भी आपके आगे घुटने टेक देगा।
          शत्रु को कम न समझें आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि कभी भी अपने दुश्मन को कम न समझें। उसे मात देने के लिए उसकी ताकत का सही अंदाजा लगाना बहुत जरूरी है। तभी आप उसकी कमजोर नस पर वार करके आसानी से जीत हासिल कर सकते हैं।_*
       हार न मानें कभी भी हार न मानें। दुश्मन चाहे कितना भी शक्तिशाली हो, घबराएं नहीं। ना ही ताकतवर दुश्मन को देखकर हिम्मत हारे। अपनी हिम्मत और बुद्धिमानी का उपयोग करके अपनी ताकत बढ़ाएं। एक न एक दिन दुश्मनों के आगे घुटने जरूर टेक देगा।
        ताकतवर दुश्मन का सामना करने के लिए और उसे हराने के लिए खुद पर यकीन होना बहुत जरूरी है। क्योंकि शत्रु कभी न कभी गलती करेगा और आप उसका फायदा उठाकर जीत हासिल कर लेंगे।
    गुस्से पर हो काबू गुस्सा जीता हुआ युद्ध भी हरा सकता है। गुस्से में व्यक्ति सोचने-समझने की शक्ति खो देता है। इसलिए गुस्से पर काबू रखें और शत्रु की हर चाल पर नजर रखें। आप जरूर जीतेंगे।
●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●
⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

Related Articles

Back to top button