मनरेगा में मजदूरी को नही मिल रही मजदूरी : रोजगार पक्का पर पैसों की गारंटी नहीं
13.60 करोड़ अटके, नतीजा 42 हजार कम मिल रही लेबर,
आयुक्त ने सामग्री व सामुदायिक सामग्री मूलक कार्यों पर 30 जून तक राशि आहरण पर लगाई रोक
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। जिले में मनरेगा के तहत काम कर रहे मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिल रहा है। कई मजदूर 4 से 5 माह से अपनी मजदूरी के लिए परेशान हो रहे हैं। अकाउंट चैक करने बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। स्थिति यह है कि अधिकांश ने मनरेगा के तहत काम करने से दूरी भी बना ली है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला पंचायत रायसेन के अंतर्गत 7 जनपद पंचायतों में करीब 13.60 करोड़ रुपए की मजदूरी नहीं मिल पाई है।
इस मजदूरी के भुगतान के लिए 5893 एफटीओ तो कर दिए गए, जिसके तहत 13 करोड़ 60 लाख रुपए की मजदूरी की राशि अटकी हुई है। जबकि करीब 3.89 करोड़ रुपए की राशि के एफटीओ होना शेष हैं। मजदूरों का समय से भुगतान नहीं होने के कारण अब उन्होंने मनरेगा के कार्यों से भी दूरी बना ली है। यही वजह है कि लक्ष्य की पूर्ति के लिए रायसेन में प्रतिदिन 73957 मानव दिवस सृजित होना चाहिए। जबकि इसके विरुद्ध सिर्फ 32023 मजदूर ही 22 फरवरी मंगलवार को काम पर थे। यानी जरूरत के बाद भी करीब 41934 मजदूर कम मिले। इतना ही नहीं सामग्री की कुल राशि तो 35 करोड़ रुपए से अधिक है जो अब तक भुगतान नहीं हो सकी है।
नहीं लगे बिल अटकी मजदूरों की रकम….
कुछ राशि ऐसी भी है, जिसके बिल ही नहीं लग सके हैं। सामग्री के भुगतान पर तो अब रोक भी लगा दी गई है। मनरेगा आयुक्त ने जनवरी माह में कलेक्टर अरविंद दुबे को पत्र भेजकर कहा है कि 2021-22 में रायसेन जिले में सामग्री मद पर (लंबित भुगतान सहित) निर्धारित सीमा से अधिक 45% व्यय होना प्रतिवेदित है। जबकि रिपोर्ट में कुल सक्रिय 2 लाख 65 हजार 989 श्रमिकों के विरुद्ध केवल 17500 यानी 7% श्रमिक ही हैं।
30 जून तक सामग्री खरीदी पर लगाई रोक…..
वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में मजदूरी सामग्री अनुपात को निर्धारित सीमा में लाया जाना जरूरी है। इसके लिए मई माह तक नवीन सामग्री मूलक कार्यों को प्रारंभ करने तथा प्रगतिरत कार्यों में सामग्री मद में व्यय पर रोक लगाई जाए। सामग्री मूलक एवं सामुदायिक सामग्री मूलक कार्यों पर 30 जून 2022 तक सामग्री मद में राशि आहरण पर रोक लगाई जाती है। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा का कहना है कि सामग्री मूलक कार्यों पर जून माह तक रोक लगाई गई है। मजदूरों की मजदूरी भुगतान में भारत सरकार के नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है।
चार सप्ताह तक काम किया मजदूरी नहीं मिली तो काम ही छोड़ दिया…
सिलवानी के मुंआर के ऊदल सिंह, रेवा राम, कुलदीप, मनफूल आदिवासी ने बताया कपिलधारा कूप के 18 दिसंबर 2021 को मस्टर जारी हुए थे। दो सप्ताह मजदूरी की। इसके 2702 रुपए बनते हैं। इसके बाद 10 दिन और काम किया जिसके 1930 रुपए मजदूरी बनी। परंतु आज दिनांक तक मजदूरी का पैसा नहीं आया है। इसके बाद से फिर काम नहीं किया।
एक माह तक काम किया, लेकिन आवास निर्माण की मजदूरी अब तक नहीं मिली । गैरतगंज ब्लॉक के भारत सिंह ने बताया आवास की मजदूरी नहीं मिली है। एक माह काम किया था। जिसकी मजदूरी 5790 रुपए बनी। यह अब तक नहीं मिल सकी है। इसके कारण परेशानियां हो रही हैं। पूछने पर यही कहा जाता है कि अभी भुगतान नहीं हो रहा है, जैसे ही आएगा राशि मिलेगी।
भुगतान नहीं होने से यह दिक्कतें आ रही
लेबर का पैसा नहीं आने से लोग काम करने नहीं आ रहे हैं।
सामग्री का भुगतान नहीं होने से दुकानदार उधार नहीं दे रहे हैं।
दैनिक मानव दिवस सृजन से लेकर कार्य पूर्ण होने का लक्ष्य भी प्रभावित हो रहा है। मजदूरी नहीं आने से मजदूर नकद में एडवांस की मांग कर रहे हैं।



