सरकार ने आहते बंद किए और शराब माफियाओं ने निकाला तोड़, ढावे एवं चखने की आड़ में चल रहे अघोषित शराब अहाते
रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती अपनी खोई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए शराबबंदी का राग अलापा और बह शराब से इतनी व्यतिथ हुई कि उन्होनें शासकीय शराब दुकानों पर गौबर, पत्थर तक मारते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया, लेकिन शिवराज सिंह भी कोई कच्चें खिलाड़ी नहीं निकले और उन्होंनें उमाभारती की बात रखने के लिए बर्ष 2023-24 की नई शराब नीति में मध्यप्रदेश में सभी शराब अहातों को बंद करने की घोषणा की और एक अप्रैल से मध्यप्रदेश में शराब अहातों को बंद कर दिया गया।
तिमाही गुजरने के साथ ही अघोषित अहातों का चलन शुरु।
रायसेन जिला तो बैसे राजनीतिक और भूगोलिक दृष्टि से मध्यप्रदेश में शामिल हैं लेकिन मध्यप्रदेश सरकार और संविधान में प्रदत्त शक्तियों का यहाँ पालन नहीं होता जिससे ऐसा लगता हैं कि रायसेन जिला खुद अपनी समानांतर सरकार चला रहा हो।
अघोषित अहातों का संचालन किस की शह पर ।
नई आबकारी नीति में आबकारी विभाग ने नियम बनाया है कि शराब दुकान के 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के चखना दुकान का संचालन नहीं किया जा सकता है संचालन करते पाये जाने पर सजा व जुर्माना की कार्यवाही आबकारी अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाए ।
लेकिन आबकारी विभाग भी शराब ठेकेदारों की चमक से चाकाचौंध से धृतराष्ट्र की भूमिका निभा रहा इसे कहीं भी शराब ठेकेदार द्वारा आबकारी नीति का पालन नहीं किया जा रहा ।
गाँव गाँव बिक रही देशी विदेशी असली नकली शराब ।
आबकारी विभाग के धृतराष्ट्र की भूमिका में होने से शराब ठेकेदार चिंन्हित शराब ठेके के अलावा प्रतिदिन सुबह से लेकर शाम तक गाड़ियों में शराब भरकर गाँव गाँव बगैर किसी व्यवधान से पहुँचाई जा रही । लेकिन आबकारी विभाग ठेकेदार की पाटनरी की भूमिका में नजर आता हैं लिहाजा शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होती ।
केश मेमो मतलब बिल नहीं दिया जाता।
मध्यप्रदेश की शराब नीति 2021-22 में शिवराज सरकार ने नकली शराब की रोक के लिए सभी शराब दुकानों पर केशमेमो की सुविधा के साथ ही शराब दुकान की रेट लिस्ट पर क्षेत्रीय वृत आबकारी अधिकारी का नंबर लिखना अनिवार्य किया जो इस बर्ष भी लागू हैं लेकिन शराब ठेकेदारों ने न रेटलिस्ट चश्पा की और न क्षेत्रीय वृत आबकारी अधिकारी का मोबाइल नंबर लिखा । जिसके चलते शराब ठेकेदार ग्राहकों से मनमानी कीमत बसूलते हैं ।



