तुलसी माता व शालिगराम का धूमधाम से रचाया विवाह

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर के अयोध्या नगर में तुलसी जी और शालिगराम जी का विवाह बड़े ही धूमधाम साथ मनाया गया।जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा ढोल नगाड़ों डीजे की धुन पर अतिशबाजी के साथ नृत्य कर भव्य बारात निकाली गई, जिसमें श्रद्धालू जमकर झूमे। इस दौरान सुख व शांति की कामना की गई। देवोत्थान एकदाशी के मौके पर तुलसी जी व शालिगराम का विवाह श्रद्धा व उल्लास के बीच संपन्न हुआ।
भक्तों को तुलसी शालिगराम की सात परिक्रमा कराईं। बताया कि ऐसा करने से खुशहाली प्राप्त होती है। विवाह पूर्ण करने के साथ ही सैकड़ों भक्त ढोल बाजे के साथ भक्ति संगीत में झूमते नजर आए।
पुजारी अनिल शास्त्री ने बताया कि आज जो भक्त देवोठावनी एकादशी पर शालिगराम तुलसी विवाह मनाते हैं उनके परिवार में सभी रुके हुए मांगलिक कार्य सफल हो जाते हैं और मानव जगत को भक्ती श्रध्दा से सभी प्राणी मात्र को सुखी संपन्न स्वस्थ रहने का शुभ अवसर प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि इस दिन चातुर्मास की समाप्ति होती है और भगवान विष्णु इस दिन लंबी नींद से जागते हैं। इसी दिन से सभी मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी की विधिवत पूजा अर्चना करने वाले व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होकर जीवन में खुशियों की बहार आती है। वहीं दूसरी ओर शास्त्रों के अनुसार वृंदा की मर्यादा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए देवताओं ने तुलसी माता का श्री विष्णु के स्वरूप शालिगराम से विवाह करवाया जाता है।



