महंत की ड्यूटी पर तैनात टीआई सहित पांच पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस कस्टडी में मौतः प्रशासन की समझाइश के बाद शाम 6 बजे दी गई महंत को जलसमाधि
रायसेन । नाबालिक से बलात्कार के आरोपी महंत विजयराम दास की मंगलवार को मौत के बाद बुधवार को नर्मदा के केलकच्छ घाट पर संत परंपरा के अनुसार जलसमाधि दी गई। इससे पहले महंत के अनुयाइयों और परिजनों ने लगभग चार घंटे विरोध किया। परिजनों ने महंत की हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। पुलिस अभिरक्षा में मौत के बाद उनके शिष्यों द्वारा लगातार इस मौत पर सवाल उठाए जा रहे थे। जमीन के विवाद के चलते झूठा प्रकरण बनवाने और फिर हत्या तक करवाने के आरोप लगाए। मंगलवार को जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया था। जबकि बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर कैलकच्छ पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में महंत के शिष्य, ग्रामीण और परिजन मौजूद थे। इस बीच पुलिस अधीक्षक पंकज पांडे ने संत की गिरफ्तारी के बाद उन्हें सिलवानी के ग्राम महगवां ले जाकर नक्शा आदि की कार्रवाई करवाने वाली महिला थाने की टीआई सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
बुधवार दोपहर 2 बजे मृतक महंत विजयराम दास के पार्थिव शरीर को मां नर्मदा घाट ग्राम कैलकच्छ में जल समाधि देना तय हुआ था। जिसकी पूरी तैयारी भी हो चुकी थी, परन्तु इसी बीच उनके परिजन और शिष्यों के साथ ग्राम कैलकच्छ और ग्राम चौका मेहंगवा के लोगों ने न्याय की गुहार लगाते हुए अंतिम संस्कार नहीं करने दिया। मौके पर एसडीएम संतोष मुद्गल, एसडीओपी सुरेश दामले, सिलवानी एसडीओपी के साथ लगभग 5 थानों के टीआई मौके पर मौजूद रहे। सभी ने आक्रोशित लोगों को समझाइश दी और न्याय का भरोसा दिलाया। जिसके बाद शाम 6 बजे महंत को जलसमाधि दी जा सकी। ग्रामीणों और उनके शिष्यों ने बोरास कुटी के महंत वीरेन्द्र दास और मेहंगवा गांव के तीन लोगों नरेंद्र रघुवंशी, परषोत्तम रघुवंशी तथा कृष्णकुमार रघुवंशी पर आरोप लगाते हुए एक आवेदन एसडीएम को दिया। जिसमें उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने तथा मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि महंत विजयराम दास बोरास कुटी की ग्राम मेहगवा बाखर में रहते थे। उन पर जनवरी माह में बलात्कार के आरोप लगाते हुए एक नाबालिग लड़की द्वारा महिला थाना रायसेन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसका तकनीकी परीक्षण के बाद सोमवार को महंत को ग्राम पचामा से कथा से वापस जाते समय ग्राम खिरिया के पास गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस मंगलवार को जांच के लिए महंत को ग्राम मेहंगवा लाई थी, तभी पुलिस अभिरक्षा में महंत ने जहर खा लिया था और उनकी मौत हो गई थी।
इन पुलिस कर्मियों को किया निलंबित
पुलिस अधीक्षक पंकज पांडे ने महंत की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर महिला थाना टीआई अपाला सिंह सहित प्रआ दिलीप भदोरिया, रणविजय सिंह, महेंद्र सिंह राजपूत, आरक्षक संजय शाक्य को निलंबित कर दिया है। उन्हे पुलिस लाइन में अटैच किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा मौत के कारणों का पता
हालांकि महंत की मौत का कारण जहर खाना बताया जा रहा है, लेकिन मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। जानकारी के अनुसार बीमार होने के बाद सिलवानी अस्पताल में महंत ने तंबाकू खाने का बयान दिया था। पुलिस का अनुमान है कि उनकी मौत का कारण हार्ट अटेक भी हो सकता है।
इस संबंध में रायसेन पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पांडे का कहना हैं कि महंत की मौत के मामले में उनकी सुरक्षा में तैनात महिला थाना टीआई सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने महंत की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती। मामले की ज्यूडीशियल जांच की जा रही है।



