खेलमध्य प्रदेश

खेल मैदान के अभाव में खेल प्रतिभाओं की प्रतिभा का ह्रास, नहीं हो पा रहे हैं टुर्नामेंट

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
ग़ौरझामर । गौरझामर एक बहुत बड़ी सर्किल है जिसमें 72 गांव सम्मिलित हैं आज 21वीं सदी में लोग खेलों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं ऐसे में गौरझामर जैसी जगह पर उपयुक्त खेल मैदान स्टेडियम ना हो तो बड़े ही दुख व शर्म की बात है चिंतनीय विषय तो यह है कि गौरझामर में एक दशक पूर्व गडरिया ढोगा गंगवारा में एक स्टेडियम का निर्माण हुआ था जो पूरा नहीं बनाया जा सका और उद्घाटन के पहले ही खंडहर में तब्दील हो गया। भारत वर्ष के मध्य प्रदेश में यह पहला स्टेडियम होगा जिसका आज तक उद्घाटन नहीं हो सका मध्य प्रदेश शासन के करोड़ों रुपए व्यय होने के बाद भी लोग उस खंडहर हो चुके खेल स्टेडियम में क्रिकेट के स्थान पर गिल्ली डंडा और गड़ा गेंद खेल रहे हैं शासन ने उक्त खेल मैदान को ऐसे छोड़ दिया है जैसे वह कभी बना ही नहीं है खेल मैदान स्टेडियम के जीर्णोद्धार नवीनीकरण हेतु ग्राम वासियों एवं स्कूली छात्र छात्राओं अभिभावकों ने शासन का ध्यान कई बार आकृष्ट कराया लेकिन शासन के कानों पर आज तक जू नहीं रेगी आज क्षेत्र में एक से बढ़कर एक खेल प्रतिभाएं हैं जो क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, कबड्डी, कुश्ती, वेशवाल आदि खेलों में पारंगत हैं लेकिन वह अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने हेतु मौका और मैदान नहीं मिलने के कारण मन मसोसकर घर बैठे हुए हैं। गौरझामर का इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि जिले में तीन तीन कैबिनेट मंत्री होते हुए गौरझामर का खेल स्टेडियम खेल के लिए अभी तक खंडहर रूप में पड़ा हुआ है । मध्यप्रदेश शासन कथित स्टेडियम की जांच और उद्घाटन शीघ्र कराएं जिससे क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं अपने खेल का प्रदर्शन उक्त स्टेडियम में कर सकें इस संबंध में छात्र-छात्राओं अभिभावकों ग्राम के नागरिकों और क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं ने अपेक्षा व्यक्त की है कि शासन इस हो शीघ्र ध्यान देगा।

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