गंगा मे स्नान से जो पुण्य मिलता है वो फल नर्मदा मैय्या के दर्शन से मिलता है : ब्रम्हचारी महाराज
रिपोर्टर : रवि राय
जमुनिया । ग्राम उचेरा जमुनिया (महंगवा ) में पातालेश्वर हनुमान मंदिर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय नर्मदा पुराण कथा के पंचम दिवस श्रीश्री 1008 वापोली बाले ब्रह्मचारी जी महाराज की अमृतवाणी से नर्मदा पुराण की कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ परम् पुज्य ब्रह्मचारी महाराज जी ने
अपनी अमृतवाणी से मां नर्मदा की महिमा सुनाई नर्मदा साक्षात शिव है जलरूप में अमरकंटक की महिमा सुनाई। अमरकंटक जहां सारे देवताओं का वास है यहां किया गया पुण्य हजार गुना अधिक मिलता है यहां एक अन्जली तर्पण करने से अपने पितृ- अक्षय तृप्ती प्राप्त करते है शरीर जब जरजर हो जाए – तो 7 दिन का अनशन कर के शरीर छोड़ने पर स्वर्ग की प्राप्ति होती है
व्यासपीठ से ब्रह्मचारी महाराज जी ने बताया कि माँ नर्मदा के किनारे सफाई करे गन्दगी न करे गन्दगी छोड़ने से पुण्य नहीं मिलता माँ नर्मदा जी के किनारे
मल मूत्र त्याग न करे कम से कम 100 हाथ दूर करे। क्योकि मां नर्मदा जग को पवित्र करती है हमें उसको पवित्र रखना चाहिए नर्मदा में कभी कुल्ला नहीं करना चाहिए कुल्ला करने का कोई भी प्रयाश्चित नही होता। वही कथा में पधारे सभी भक्तगणों ने पूज्य
ब्रम्हचारी जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया
कथा वाचक पं. हितेशकृष्ण शास्त्री ने बताया कि घर में स्नान करके तीर्थ में स्नान करना चाहिए कितना भी बड़ा पाप हो नर्मदा मैय्या में धुल जाता है कथा दोपहर 1 से 5 बजे तक चल रही है कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है ।


