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Today Panchang आज का पंचांग बुधवार, 04 फरवरी 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 04 फरवरी 2026
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352_

✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
⛈️ मास – फाल्गुन मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – बुधवार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि 12:09 AM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है ।तृतीया: किसी भी पक्ष की तीसरी तारीख को तृतीया तिथि या तीज कहते है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 10:12 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भग (अनुबंध और मिलन के देवता) हैं। तथा राशि स्वामी सूर्य है।
⚜️ योग – अतिगण्ड योग 01:04 AM तक, उसके बाद सुकर्मा योग
प्रथम करण : वणिज 12:20 PM तक
द्वितीय करण : विष्टि 12:10 AM तक, बाद बव
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:48:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:43:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 29:23 पी एम से 30:15 शाम तक
🌇 प्रातः सन्ध्या : 29:49 पी एम शाम से 07:08 ए एम तक
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 14:24 पी एम से 15:08 पी एम तक
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 18:00 पी एम से 18:26 पी एम तक
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 18:03 पी एम से 19:21 पी एम तक
💧 अमृत काल : 15:48 पी एम से 17:24 पी एम तक
🗣️ निशिता मुहूर्त : 24:09 पी एम से 25:01 पी एम तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – शबे बरात/ भद्रा/ विडाल योग/ फेसबुक स्थापना दिवस, विश्व कैंसर दिवस, राष्ट्रीय डाककर्मी धन्यवाद दिवस, राष्ट्रीय भांग दिवस, राष्ट्रीय घर का बना सूप दिवस, राष्ट्रीय वैक्यूम क्लीनर बनाने का दिवस, स्वामी विवेकानंद जयंती, पंडित भीमसेन जोशी जन्म दिवस, बिरजू महाराज जन्म दिवस, भारतीय अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर जन्म दिवस, मधुसूदन दास स्मृति दिवस, हामिदुल्ला खान पुण्य तिथि, स्वतंत्रता सेनानी सत्येंद्र नाथ बोस पुण्य तिथि, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एम. ए. अय्यंगार जयन्ती, भारतीय अन्तरिक्ष यात्री राकेश शर्मा जन्म दिवस, वन अग्नि सुरक्षा दिवस (सप्ताह), चौरी-चौरा दिवस (1921)
✍🏼 तिथि विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🌷 Vastu tips 🌸
गरुड़ पुराण के अनुसार जो व्यक्ति सुचिता और साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखता और गंदगी में जीता रहता है ऐसे व्यक्ति की बुद्धि का नाश होने लगता है। बुद्धि के साथ ही ऐसे लोग धन और मान-सम्मान का भी नाश करते हैं। मां लक्ष्मी और सरस्वती दोनों को ही स्वच्छता पसंद है, वहीं जो व्यक्ति गंदगी में जीता है, सफाई से मुंह चुराता है उसकी बुद्धि और धन दोनों का नाश होता है।
गरुड़ पुराण के अनुसार वासना को भी बुद्धि का नाश करने वाला बताया गया है। वासना की अति के कारण व्यक्ति अपने स्वास्थ्य और विवेक का भी नाश कर देता है। इसलिए गरुड़ पुराण में बताया गया है कि वासना जनित विचारों से बचने के लिए योग-ध्यान का अभ्यास व्यक्ति को करना चाहिए।
क्रोध और ईर्ष्या भी बुरी आदते हैं। ये आदतें भी आपके बौद्धिक कौशल को खराब करती हैं। इसलिए गरुड़ पुराण में इन बुरी आदतों से भी दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। क्रोध और ईर्ष्या के कारण व्यक्ति मान-सम्मान भी खो देता है और ऐसे लोगों से सभी दूरी भी बनाने लगते हैं।
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
◾बथुआ के साग के फायदे ◾
चुस्ती लाए-: पोषक तत्वों की खान बथुआ में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम आदि समस्त तत्व पाए जाते हैं। इसलिए बथुए का नियमित प्रयोग शरीर को चुस्ती-फुर्ती और ताकत प्रदान करता है।
*हीमोग्लोबिन की कमी दूर करे-: बथुआ में आयरन और फोलिक एसिड पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसलिए यह हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने में सहायक है। बथुआ महिलाओं के मासिक धर्म की अनियमितता से राहत पाने में भी लाभप्रद है। *पथरी की समस्या-: इसी तरह पथरी (स्टोन) की समस्या में भी बथुआ खाना लाभप्रद है। यही नहीं किडनी में इन्फेक्शनऔर किडनी में स्टोन की समस्या में भी बथुआ फायदेमंद है।
कब्ज की समस्या :-बथुआ आमाशय को ताकत देता है, कब्ज दूर करता है, बथुए की सब्जी दस्तावर होती है, कब्ज वालों को बथुए की सब्जी नित्य खाना चाहिए।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
अश्वगंधा: अश्वगंधा थायरॉयड के लिए एक प्राकृतिक उपाय हो सकती है, क्योंकि इसके सेवन से शरीर का संतुलन बना रहता है और तनाव को कम करने में मदद मिलती है।
*भोजपत्री (तुलसी) पत्तियां: तुलसी के पत्ते थायरॉयड की समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं। यह अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। *सेलरी सीड्स (अजवाइन): सेलरी सीड्स थायरॉयड के लिए लाभकारी हो सकते हैं, क्योंकि इनमें विशेष तत्व होते हैं जो थायरॉयड के संतुलन को सुधारने में मदद कर सकते हैं।
विटामिन D सप्लीमेंट: कमश्मायु के मामूली संकेतों में एक उचित विटामिन D सप्लीमेंट लेना उपयुक्त हो सकता है। विटामिन D की कमी थायरॉयड के नमुने में बदलाव के कारण हो सकती है।
*योग और प्राणायाम: योग और प्राणायाम करना थायरॉयड के लिए लाभकारी हो सकता है, क्योंकि यह तनाव को कम करके और मन को शांत करके शारीरिक और मानसिक संतुलन को सुधारता है। 🪔 *गुरु भक्ति योग* 🕯️
वेदवती ब्रह्मर्षि कुशध्वज की बेटी थी, जो देवताओं के गुरु बृहस्पति के पुत्र थे। अपना जीवन जपने और पवित्र वेदों का अध्ययन करने में बिताने के बाद, उन्होंने अपनी बेटी का नाम वेदवती रखा, जो उनकी भक्ति और तपस्या के फलस्वरूप में पैदा हुई थी ।
वेदवती के पिता चाहते थे कि उनकी पुत्री के पति भगवान विष्णु हों। इस कारण उन्होंने कई शक्तिशाली राजाओं और दिव्य प्राणियों को अस्वीकार कर दिया जिन्होंने उसकी बेटी का हाथ चाहा था। अपनी अस्वीकृति से क्रोधित होकर, राजा संभू ने चांदनी रात के मध्य में उसके माता-पिता की हत्या कर दी।
भगवान विष्णु को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या करने के लिए वेदवती गंधमादन पर्वत चली गईं। एक दिन असुर राज रावण उस पर्वत से होकर गुजर रहा था तभी वेदवती पर उसकी नजर पड़ी और वहीं रुक गया।
लंका के राजा और राक्षस जाति के रावण ने वेदवती को तपस्विनी के रूप में ध्यान में बैठा पाया और उसकी अविश्वसनीय सुंदरता पर मोहित हो गया। उसने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा और उसे अस्वीकार कर दिया गया। हर मोड़ पर दृढ़तापूर्वक अस्वीकार किए जाने पर रावण ने उसके बाल पकड़ लिए और उसकी शील भंग करने की कोशिश की। क्रोधित वेदवती ने अपने बाल काट लिए और रावण को श्राप दिया कि वह एक बार फिर जन्म लेगी और उसकी मृत्यु का कारण बनेगी। इतना कहकर उन्होंने अपने आसपास मौजूद अनुष्ठानिक हवन में छलांग लगा दी और खुद को आग लगा ली। अगले जन्म मे वेदवती सीता के रूप में फिर से जन्म लेंगी, और वह रावण और उसके रिश्तेदारों की मृत्यु का कारण बनीं।
ब्रह्म वैवर्त पुराण, [11] देवी भागवत पुराण, [12] तमिल पाठ श्री वेंकटचला महत्यम [13] और मलयालम अध्यात्म रामायण [14] में एक और संस्करण वेदवती को माया सीता के साथ जोड़ता है, जो सीता की एक मायावी नकल है। जब वेदवती आत्मदाह करने के लिए अग्नि में प्रवेश करती है, तो अग्निदेव अग्नि उसे आश्रय प्रदान करते हैं। जब रावण द्वारा सीता का अपहरण किया जाता है, तो सीता अग्नि में शरण लेती है और माया सीता, जो अपने पिछले जन्म में वेदवती है, के साथ स्थान बदल लेती है। रावण माया सीता को सीता समझकर उसका अपहरण कर लेता है। सीता के पति राम द्वारा रावण की मृत्यु के बाद, सीता और माया सीता अग्नि परीक्षा में स्थान बदल लेती हैं।
🐚 हरि अनंत हरि कथा अनंता। कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता ॥ रामचंद्र के चरित सुहाए। कलप कोटि लगि जाहिं न गाए ॥
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।।

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