थाना प्रभारी ने किसान से की मारपीट, नागरिकों किया चक्काजाम, थानाप्रभारी ने मांगी माफी,
मौके पर एसडीओपी, तहसीलदार
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी,
तीन घंटे चला चक्काजाम
राजमार्ग 15 एवं 44 पर चारों मार्गों पर लगा रहा जाम
सिलवानी। शुक्रवार की सुबह 7 बजे नगर के दो मार्गों को जोड़ने वाले बजरंग चौराहे पर नवागत थानाप्रभारी भारतसिंह ने धान ले जा रहे किसान के साथ सिविल डेस में अकारण ही मारपीट कर दी, वही अन्य वाहन चालकों के साथ भी अभद्रता कर मारपीट की गई। जिससे गुस्सायें किसानों और नागरिकों ने राजमार्ग के बजरंग चौराहा पर अपने वाहन खड़े कर चक्काजाम लगा दिया एवं पुलिस तानाशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
चक्काजाम की जानकारी लगते ही एसडीओपी राजेश तिवारी, तहसीलदार रामजीलाल वर्मा मौके पर पहुंचे और उपस्थित लोगों को समझाने का प्रयास किया। उपस्थित लोग थाना प्रभारी भारतसिंह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने एवं एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर अड़े रहे। एसडीओपी राजेश तिवारी ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही करने एवं माफी मांगने का आश्वासन दे रहे थे परंतु नागरिक मौके पर ही माफी मांगने एवं कार्यवाही होने के बाद ही चक्काजाम खत्म करने की बात पर अडे हुये थे।
काफी समझाइश एवं बातचीत के बाद एसडीओपी राजेश तिवारी ने मौके पर थानाप्रभारी भारतसिंह को बुलाया इस दौरान बहस के दौरान थानाप्रभारी द्वारा अडने पर नागरिकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तब एसडीओपी राजेश तिवारी के निर्देश पर थाना प्रभारी भारतसिंह ने किसान अखिलेश चौरसिया से माफी मांगी। तब किसान एवं नागरिकों ने बजरंग चौराहा से चक्काजाम हटाया।
जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी भारतसिंह शुक्रवार की सुबह सिविल ड्रेस में बजरंग चौराहा पहुंचे और अखिलेश चौरसिया जो कि अपने ट्रैक्टर ट्रॉली से धान लेकर मंडी जा रहे थे उनके साथ जमकर लात घूसों से मारपीट की। वही अन्य वाहन चालकों के साथ भी अभद्रता कर मारपीट की गई जिससे गुस्सायें किसान एवं नागरिकों ने बजरंग चौराहा पर चारो मार्गो पर वाहन खडे कर चक्काजाम कर दिया था।
ज्ञातव्य है कि सिलवानी थाना निरीक्षक स्तर का है। वही प्रशासन द्वारा उपनिरीक्षक को पदस्थ किया गया है। सिलवानी नगर एवं थाना क्षेत्र संवदेनशील क्षेणी में आता है जिससे इस थाने में प्रभारी के रूप् अनुभवी एवं तेज छबि के प्रभारी की सही ढंग से संचालन कर पाते है। सिलवानी में जब जब भी अनुभवहीन थानाप्रभारी का दायित्व सौंपा गया तब तब ही विवाद हुआ है।




