प्रथम जिला न्यायाधीश द्वारा जेल का किया गया आकस्मिक निरीक्षण

रिपोर्टर : कंचन साहू
उमरिया । न्यायाधीश सुधीर कुमार चौधरी, प्रथम जिला न्यायाधीश उमरिया l द्वारा जेल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया कि बंदियों को आध्यात्म की ओर प्रेरित करने के लिये संगीत से जोड़ा गया है। बंदियों के सर्वांगीण विकास के लिये खिलौने बनाना, सिलाई, कम्प्यूटर टाइपिंग के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था है।
महिला वार्ड में न्यायाधीश एवं संस्कृति चौचरी द्वारा महिला बंदियों से उनके प्रकरण एवं जेल में पेयजल, बैरक, एवं अन्य संसाधन का अवलोकन किया गया। जेल के अन्य सभी वार्डो मे न्यायाधीश के द्वारा बंदियों के प्रकरण में अधिवक्ता नियुक्त होने, आगामी पेशी दिनांक, आपराधिक प्रकरण की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेकर पूछताछ की गई। बंदियों के बैरक में पंखे, टेलीवीजन, कपडे, बिस्तर, शौचालय, स्नानागार, तथा बंदियो के अनुशासन के साथ उनके परिजनो से मुलाकात करने का कक्ष, वीडियो कान्फ्रेंसिंग कक्ष, जेल में मंदिर, मंदिर, का अवलोकन किया। भोजन , पाकशाला में कैदियों के लिये बन रहे भोजन चावल, रोटी, सब्जी, दाल, सूजी का हलवा लडडू का अवलोकन किया गया। जेल अस्पताल मे जेल चिकित्सक डॉ. एस. के. जैन से बंदियो के स्वास्थ्य एवं उनके वर्तमान स्थिति की जानकारी लिये। जेल मे संगीत की शिक्षा ले रहे बंदियो को प्रोत्साहित करने के लिये उनके द्वारा संगीतमय गीत प्रस्तुत कर उन्हें लगातार अच्छा अभ्यास करने की प्रेरणा दिये। बंदियो के द्वारा किये जा रहे संगीत के नियमित अभ्यास एवं हार्ट फुलनेस संस्था द्वारा ध्यान के माध्यम से बंदियो के मन मे मानसिक शांति के लिये ध्यान एवं योगा अभ्यास की जानकारी ली गई। बंदियो को अनुशासन मे रहकर जेल में संचालित पुनर्वास प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित होने की समझाईश दी गई।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक डी. के. सारस, उप अधीक्षक जेलर माखनसिंह मार्को, जेल चिकित्सक डॉ एस.के. जैन, एवं न्यायाधीश के निज सहायक एम.एस. परस्ते, मेलनर्स कनिका रामपाल एवं ड्यूटीरत प्रमुख मुख्य प्रहरी एवं जेल के समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।



