बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन की कवायद : जिला महिला एवं बाल विकास विभाग ने बनाए कंट्रोल रूम

टीमें वहीं से करेंगी निगरानी, 3 मई को है अक्ष्य तृतीया
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। रायसेन शहर सहित जिले भर में आगामी 3 मई को अक्षय तृतीया को देखते हुए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग रायसेन में बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है ।वहीं बाल विवाह पर निगरानी रखने के लिए टीम भी गठित कर दी गयी है। अक्षय तृतीया पर हर साल शुभ मुहूर्त होने के चलते 1 दिन में हजारों विवाह संपन्न होते हैं ।इनमें बाल विवाह होने की भी संभावना को देखते हुए विभाग द्वारा शिकायत के लिए कंट्रोल रूम एवं टीम का गठन कर दिया गया है।
उक्त जानकारी देते हुए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी दीपक संकत ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधान अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु का लडका नाबालिग की श्रेणी आता है। और इनका विवाह बाल विवाह के अपराध की श्रेणी में माना गया है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए एसडीएम एलके खरे की अध्यक्षता में परियोजना अधिकारी, बीएमओ, बीईओ, पुलिस निरीक्षक तथा चाईल्ड लाईन इकाई की संयुक्त टीम गठित की गई है।संकत ने बताया कि समस्त सामूहिक विवाहों का प्रति परीक्षण का आयोजन करने वाली समिति के अध्यक्षो व कार्यकर्ताओं को वर-वधु की उम्र अधिकारियों-कर्मचारियों व्दारा जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल की अंकसूची, आंगनवाडी केन्द्र के रिकार्ड से किया जायेगा। इन दस्तावेजों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग व्दारा जारी मेडिकल प्रमाण पत्र को मान्य किया जायेगा। यदि किसी व्यक्ति को बाल विवाह की शिकायत प्राप्त होती है तो वह जिला स्तरीय कंट्रोल रूम नं.टोल फ्री नम्बर 942 5004777, चाईल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098 वन स्टाप सेंटर अथवा बाल संरक्षण अधिकारी के मोबाईल अथवा नजदीकी थाना या उस परियोजना क्षेत्र के लिए गठित टीम परियोजना अधिकारी, सुपरवाईजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सरपंच सचिव, ग्राम कोटवार को शिकायत की जा सकती है, शिकायत गोपनीय रहेगी। बाल विवाह सम्पन्न कराने वाले अभिभावक, माता पिता, केटरर्स, मेरिज लॉन संचालकों को भी अधिनियम के तहत 2 वर्ष का कारावास या रु .1 लाख तक जुर्माने या दोनों ही प्रकार से दंडित किये जाने का प्रावधान है।



