पंडित व पूजा शब्द का विस्तार से वर्णन कर त्रिदिवसीय तारण जयंती के महोत्सव का किया गया आगाज
तारण तरण जैन चैत्यालय में तारण स्वामी की 574 वी जयंती मनाने एकत्रित हुए समाजजन।
पंडित शुभम शास्त्री के प्रवचन के बाद चैत्यालय के षिखर पर किया गया झण्डा वंदन।
बड़ी संख्या में शामिल हुए समाज बंधु
सिलवानी । महान अध्यात्मिक संत श्रीमद् जिन तारण तरण मंडलाचार्य महाराज की 574 वी जयंती उत्साह पूर्वक मनाए जाने को लेकर तारण तरण जैन समाज के द्वारा तीन दिवसीय कार्यक्रम का सोमवार को आगाज किया गया। चैत्यालय में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के प्रथम दिन बड़ी संख्या में समाजजनो ने सहभगिता की ।
प्रवचन कार्यक्रम में पंडित शुभम शास्त्री ज्ञानोदय ने आराधना पुस्तक (लधु जैन ग्रंथ) में वर्णित पंडित पूजा से अपने प्रवचन की शुरुआत की ।
उन्होने पंडित व पूजा शब्द का विस्तार से वर्णन कर अनेक द्रष्टांत के माध्यम से तारण स्वामी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाल का तारण जयंती का महत्व बताया। तथा कहा कि आत्मा को जानने वाला ही पंडित कहलाला है।
षिखर पर किया गया झण्डा वंदनः- प्रवचन की समाप्ति के पष्चात समाजजनो के द्वारा सामूहिक रुप में तारण तरण जैन चैत्यालय पर षिखर पर केसारिया झण्डा फहराया गया । यहां पर उपस्थितो के द्वारा झण्डा भजन का गायन भी सुर व लय के बीच तालियो की गड़गड़ाहट के साथ किया गया। इसके पष्चात मंदिर विधि, आरती व प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न किया गया ।
मंगलवार को निकाली जाएगी बाइक रैलीः- तीन दिवसीय कार्यक्रम के द्वितीय दिवस मंगलवार को श्रीतारण तरण युवा परिषद के द्वारा दोपहर 1 बजे बाइक रैली निकाली जाएगी । जिसका प्रारंभ चैत्यालय से किया जाएगा। रैली नगर भ्रमण के पश्चात प्रारंभिक स्थल पर पहुंच कर समाप्त होगी । इसके अतिरिक्त भाव पूजा, जिनवाणी वंदना, प्रवचन, आरती, प्रसाद वितरण के साथ ही रात्रि में अक्षय निधि (तंबोला) प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। जवकि शाम के समय पालना चल समारोह भी निकाला जाएगा। इसी दिन चैत्यालय में 24 धंटे तक निरंतर चलने वाले अखण्ड भक्तामर पाठ का भी आगाज किया जाएगा। जिसका समापन
30 नवंबर को सुबह के समय किया जाएगा।


