ज्योतिष

आज का पंचाग बुधवार 14 सितम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 14 सितम्बर 2022
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
🎯 14 सितम्बर 2022 दिन बुधवार को अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज पञ्चम दिवस का श्राद्ध किया जायेगा। आज पञ्चमी का तर्पण तथा आज से अगले 11 दिन पर्यन्त प्रतिदिन पितरों का तर्पण एवं श्राद्ध करने से वर्षभर सुख बना रहता है। आज भरणी नक्षत्र है, इसलिए आज के श्राद्ध को भरणी का श्राद्ध कहा जाता है। आज भरणी श्राद्ध करने से पितृपक्ष में गयाजी में श्राद्ध करने का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है। आप सभी सनातनियों को भरणी श्राद्ध की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्र्विन मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- चतुर्थी तिथि 10:56:00 बजे तक तदोपरान्त पंचमी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं और पंचमी तिथि के स्वामी सर्पदेव (नागराज) जी हैं।
💫 नक्षत्रः- भरणी नक्षत्र समस्त।
🪐 नक्षत्र स्वामीः- भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं।
🔔 योगः- व्याघात 07:00:00 बजे तक तदोपरान्त हर्षण।
प्रथम करण : बालव – 10:25 ए एम तक
द्वितीय करण: कौलव – 10:37 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक कालः-आज का शुभ गुलिक काल 10:43:00 से 12:16:00 बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- बुधवार को उत्तर दिशा में जाना अशुभ होता है यदि आवश्यक हो तो घर से धनियां या तेल खाकर निकलें।
🤖 राहुकालः- आज का राहुकाल 12:16:00 से 01:49:00 बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:27:27
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:40:57
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:32 ए एम से 05:19 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:56 ए एम से 06:05 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:20 पी एम से 03:10 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:15 पी एम से 06:39 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:28 पी एम से 07:37 पी एम
💧 अमृत काल : 03:04 ए एम, सितम्बर 15 से 04:44 ए एम, सितम्बर 15
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:53 पी एम से 12:40 ए एम, सितम्बर 15
☀️ अश्विनी नक्षत्र प्रातः 06 बजकर 58 मिनट तक उपरांत भरणी नक्षत्र रहेगा।
☄️ ध्रुव योग प्रातः 06 बजकर 16 मिनट उपरांत व्याघात योग रहेगा।
🚓 यात्रा शकुन-हरे फल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी मंदिर में शहद दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पंचमी का श्राद्ध, भरणी श्राद्ध, मूल संज्ञक, हिन्दी दिवस (भारत), महर्षि दधीचि जयंती, श्री पुष्प दन्त जी मोक्ष कल्याणक, विश्व भाईचारा एवं क्षमादान दिवस, मूल समाप्त
✍🏽 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🪺 Vastu tips 🏚️
चिड़िया का घर में घोंसला बनाना अगर चिड़िया आपके घर में आकर कोई घोंसला बनाने लगे तो उसे भगाइए मत, बल्कि उनका स्वागत कीजिए। दरअसल वास्तु शास्त्र में किसी घर में चिड़िया का घोंसला बनाना बहुत शुभ माना जाता है। अगर आपको लगता है कि उस घोंसले से घर गंदा हो रहा है तो उसे उठाकर बाहर फेंकने के बजाय किसी पेड़ पर रख आइए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी आप पर प्रसन्न होंगी और आपका घर खुशियों से भर जाएगा।
किसी को झाड़ू लगाते हुए देखना सुबह काम पर जाते समय अगर आपको कोई व्यक्ति रोजाना झाड़ू लगाता दिखाई दे, तो समझ जाइए कि आपको लॉटरी लगने वाली है। साथ ही आपका कोई अटका हुआ काम पूरा हो सकता है।
काली चींटियों का झुंड देखना काले रंग की चीटियों का अचानक घर में दिखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि अगर किसी दिन अचानक काली चीटियों का झुंड घर में कुछ खाता दिखाई दे तो वह मां लक्ष्मी के घर में पधारने का संकेत होता है। इसलिए अगर आपको घर में इनका झुंड दिखाई दे, तो उनके ऊपर पानी न डालें न ही उन्हें भगाए।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
नाखून, बाल और दाढ़ी काटना : मान्यता अनुसार कहते हैं कि रात में बाल नहीं कटवाना चाहिए और सेविंग नहीं बनवान चाहिए। इससे जहां नाकारात्मक असर होता है वहीं कर्ज भी बढ़ता है।
दूध पीना : रात में दूध नहीं पीना चाहिए क्योंकि दूध की तासीर ठंडी होती है
पेड़ पौधों को छूना या पानी देना : सूर्यास्त के बाद पेड़ पौधों को छूना, उनके पत्ते तोड़ना या उन्हें पानी देना सही नहीं माना जाता। मान्यता अनुसार वे सूर्यास्त के बाद सो जाते हैं। सूर्यास्त के बाद भूलकर भी तुलसी के पौधे को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
सूर्यास्त के बाद स्नान : कई लोग दो समय स्नान करते हैं सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त के बाद। यदि सूर्यास्त के बाद स्नान कर रहे हैं तो माथे पर चंदन ना लगाएं। रात्रि को स्नान करने से शीत का प्रकोप बढ़ जाता है।
कपड़े धोना और सूखाना : सूर्यास्त के बाद कपड़े धोना सूखाना सही नहीं माना जाता है। इससे आसमान से नकारात्मक उर्जा प्रवेश कर जाती है। यह भी कहा जाता है कि इससे व्यक्ति रोगी हो जाता है। इससे कपड़ों पर बैक्टीरिया की संख्या भी बढ़ने की मान्यता है।
खाना खुला रखना : सूर्यास्त के बाद भोजन या पानी को खुला नहीं छोड़ना चाहिए उन्हें ढककर ही रखना चाहिए। मान्यता अनुसार खुला छोड़ने से उसमें नकारात्मक गुण बढ़ जाते हैं।
🫙 आरोग्य संजीवनी 🍯
नमक का कम सेवन करें जिन लोगों को किडनी में पथरी की शिकायत है, उन्हें नमक और साल्ट वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। क्योंकि इसमें सोडियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है जो किडनी को नुकसान पहुंचाती है।
विटामिन सी से बना लें दूरी पथरी होने पर व्यक्ति को विटामिन-सी से भरपूर फूड आइटम्स से दूरी बना लेनी चाहिए। क्योंकि इनसे स्टोन ज्यादा बनने लगता है। इसलिए अपनी हेल्दी लाइफ के लिए आप ​नींबू, ​पालक, ​संतरा, सरसों का साग​, कीवी और ​अमरूद जैसे फल खाना बंद कर दें।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हमारे हिन्दू धर्म में सुबह-शाम और विभिन्न त्यौहारों पर पूजा-पाठ का विधान है! ऐसा माना जाता है कि घर में भगवान की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है! इसीलिए जिस भी घर में रोज सुबह-शाम भगवान की पूजा की जाती है उस घर से धीरे-धीरे नकारात्मक ऊर्जा ख़त्म हो जाती है और सकारात्मक ऊर्जा आ जाती है! लेकिन वही जब पूजा-पाठ की बात की जाती है तो प्रायः ऐसा देखा जाता है कि विशेष तरह की पूजा या विशेष त्यौहारों पर की जाने वाली पूजा के लिए विशेष तरह की पूजा थाली भी सजाई जाती है।
किसी भी तरह की पूजा में पूजा की थाली को सजाते समय हमें काफी सावधानी बरतनी चाहिए! हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि पूजा की थाली में कोई ऐसी चीज न रखें जिससे कि पूजा व्यर्थ हो जाय और उसका दुष्परिणाम हमें मिले!
नहीं रखना चाहिए पूजा की थाली में ये दो चीजें: किसी भी तरह की पूजा करने में सुपारी और कपूर का इस्तेमाल जरूर किया जाता है! इसलिए पूजा थाली को सजाते समय इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि पूजा की थाली में न तो टूटी / कटी हुई सुपारी रखनी चाहिए और न ही टूटा हुआ कपूर ही रखना चाहिए क्योंकि पूजा में केवल साबुत सुपारी का ही इस्तेमाल करने का विधान है!
पूजा में कपूर को भी कभी तोड़कर नहीं जलाना चाहिए! अगर पूजा की थाली में टूटी / कटी हुई सुपारी अथवा टूटा हुआ कपूर है तो इससे भगवान नाराज हो सकते हैं और जिस कार्य की पूर्ति के लिए पूजा की जा रही है वह कार्य भी बिगड़ सकता है!
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⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।
ज्योतिष शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।
।।नारायण सभी का नित्य कल्याण करें सभी सदा खुश एवं प्रशन्न रहें।।

 ””सदा मुस्कुराते रहिये””

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