सावन के पहले सोमवार शिव पूजा के लिए मिलेगा इतना समय : ज्योतिष अचार्य पं. अरुण शास्त्री

रिपोर्टर : सतीश मैथिल
सांचेत । सावन के पहले सोमवार को शिव पूजा के लिए मिलेगा इतना समय ज्योतिष अचार्य पंडित अरुण शास्त्री ने बताया जलाभिषेक का मुहूर्त पूजा विधि और मंत्र
सावन माह में इस साल 4 श्रावण सोमवार पड़ रहे हैं। पं, शास्त्री बताते है पहला सावन सोमवार कब पड़ेगा। इसके साथ ही जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, जलाभिषेक का समय
सावन सोमवार की तिथि
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ सावन आरंभ हो चुका है। इस दौरान भगवान शिव की विधिवत पूजा करने के साथ-साथ व्रत रखने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन मास में भगवान शिव को जल मात्र चढ़ाने से वह अति प्रसन्न हो जाते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। सावन माह के हर एक सोमवार का दिन काफी खास होता है, क्योंकि यह शिव जी का प्रिय सोमवार होते हैं। इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ शिवलिंग में बेलपत्र, जल आदि चढ़ाना काफी शुभ माना जाता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण, मंत्र जाप और व्रत-पूजन से भगवान शिव को प्रसन्न किया जाता है।
श्रावण मास 11 जुलाई शुक्रवार से आरंभ हो चुका है, जो 9 अगस्त को पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। ऐसे में सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई 2025 को पड़ रहा है।
सावन सोमवार में जलाभिषेक का श्रेष्ठ समय
प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त से लेकर प्रदोष काल तक शिव पूजा की जा सकती है, लेकिन जलाभिषेक के लिए विशेष शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:15 से 05:00
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक
प्रदोष काल- शाम 07:15 से 08:45 बजे तक
सावन में मंत्र उच्चारण करते हुए जलाभिषेक करें:
ॐ नमः शिवाय
ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बंधनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥”
पहले सावन सोमवार को बन रहे अद्भुत योग
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन सोमवार के दिन काफी अच्छे योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही इस दिन गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। इसके अलावा इस दिन आयुष्मान योग, सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है।
सावन सोमवार व्रत पूजन विधि
इस दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद शिव मंदिर जाएं या घर पर शिवलिंग स्थापित कर विधिवत पूजा करें। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक करें। इसके साथ ही बेलपत्र, धतूरा, आक, सफेद फूल, अक्षत, भस्म, और भोग अर्पित करें। और ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। सोमवार व्रत कथा पढ़ें। इसके साथ ही फलाहार व्रत रखें और संध्या में भी पूजा करें।
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सावन सोमवार का महत्व
सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की उपासना करना सबसे उत्तम दिन माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन से सोलह सोमवार का व्रत भी आरंभ हो जाता है। इस दिन व्रत रखने से
विवाह में आ रही अड़चन दूर होती हैं, जीवन में सौभाग्य और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है इसके साथ ही हर क्षेत्र में अपार सफलता हासिल हो सकती है।
सावन सोमवार की तिथियां
पहला सोमवार- 14 जुलाई
दूसरा सोमवार- 21 जुलाई
तीसरा सोमवार- 28 जुलाई
चौथा सोमवार- 4 अगस्त



