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बैरखेड़ी, दीवानगंज, कस्बा सलामतपुर क्षेत्र में फैलाया नेटवर्क, नीम हकीम मरीजों की सेहत बजाय सुधारने के बिगाड़ रहे मर्ज

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
जिले के कस्बा सलामतपुर, बैरखेड़ी, दीवानगंज क्षेत्र में इन दिनों स्वास्थ्य महकमे के ढीले रवैये के चलते झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क कस्बों से लेकर गांव गांव तेजी से पसरने लगा है। ग्रामीण इनके झांसे में आकर अपने मर्ज को बजाय बिगाड़ रहे हैं। कई मर्तबा मरीज काल के गाल तक समा जाते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैरखेड़ी चौराहे भोपाल रोड़ पर एक सद्गुरु हॉस्पिटल संचालित हो रहा है। यहां न तो कोई एमडी एमबीबीएस डिग्री धारी कोई अनुभवी चिकित्सक हैं। अनट्रेंड कर्मचारियों के भरोसे यह प्रायवेट हॉस्पिटल चल रहा।मरीज यहां भगवान भरोसे पलंगों पर भर्ती हो इलाज करवा रहे हैं। बदले में उनके परिजनों से अस्पताल प्रबंधक मोटी फीस वसूल रहा है। इसी तरह दीवानगंज में एक बंगाली डॉक्टर व अन्य नीम हकीमों की मेडिसिन दुकानें धड़ल्ले से चल रही है। इसी तरह बैरखेड़ी चौराहे और सलामतपुर कस्बे में भी झोलाछाप चिकित्सक मरीजों का असाध्य बीमारियों जैसे कैंसर टीबी और शुगर का शर्तिया व भगन्दर आदि बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर मोटी फीस वसूल रहे हैं। इसके अलावा खरबई और सेहगंज में एक झोलाछाप डॉ बीएस नायक बिना कोई डिग्री के मरीजों के साइटिका से लेकर अन्य गंभीर बीमारियों का ठेके पर इलाज कर परिजनों से मोटी रकम ऐंठकर कमाई कर रहे हैं। यह महाशय मरीजों को ग्लूकोज बॉटल लगाने से लेकर इंजेक्शन आदि लगाते हैं। यह मोटी तय कमीशन लेकर नीमहकीम अन्य प्रायवेट अस्पतालों में मरीजों को भोपाल रायसेन रैफर कर देते है।
इस सम्बंध में अरविंद दुबे कलेक्टर रायसेन का कहना है कि मैं स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम को इन झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसने भेजकर जांच करूंगा।अगर जिन डॉक्टरों के क्लीनिकों पर कोई डिग्री नहीं मिली तो उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई के आदेश सीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री बीएमओ को देंगे।

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