भागवत कथा के तीसरे दिन नृसिंह अवतार का किया वर्णन
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । पुरूषोत्तम मास के उपलक्ष्य पर गुरूदेव पंडित दयानंद तिवारी के सानिध्य में उमरियापान स्थित कृषि मंडी प्रांगण में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को कथा व्यास पंडित रोहित शास्त्री ने भगवान नृसिंह अवतार का प्रसंग सुनाया। शास्त्री ने बताया कि पूर्व काल में दैत्य राज पुत्र महाबली हिरण्यकश्यप ने ब्रह्माजी के वर से गर्व युक्त होकर संपूर्ण त्रिलोकी को अपने वश में कर लिया। भक्त प्रहलाद एक दिन अपने गुरु के साथ पिता के पास गए। उस समय पिता मद्यपान कर रहे थे। तब अपने चरणों में झुके हुए अपने पुत्र प्रहलाद को गोद में उठाया। प्रहलाद ने अपने पिता से हरि का नाम लेने को कहा तो दैत्य राज ने उसे गोद से उठाकर दूर फेंक दिया। उसे मारने के अनेक प्रयास किए। एक दिन भक्त प्रहलाद अपने सह पाठियों के साथ हरि का नाम ले रहा था। उसकी आवाज दैत्यराज के कानों में पहुंची तब दैत्यराज ने आकर कहा कि तेरा हरि कहां है तो प्रहलाद ने कहा कि मेरा हरि तो कण-कण में विद्यमान है। दैत्यराज ने कहा कि इस पत्थर नुमा खंभे में हरि कहां हैं, तभी भगवान प्रहलाद की लाज रखने के लिए उस खंभे में से निकल कर भगवान ने नृसिंह अवतार लिया ओर दैत्यराज का वध कर दिया। इस अवसर पर झांकी सहित भजन प्रस्तुत किए गए। कथा में आज रविवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। आयोजन समिति ने श्रृद्धालुओं से पहुंचने की अपील की है।

