Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 19 नवम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 19 नवम्बर 2023
19 नवम्बर 2023 दिन शुक्रवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष का षष्ठम दिवस है। आज अनुदय से सूर्यषष्ठी (छठ) व्रत का तीसरा दिन है। आज छठ व्रत का तीसरा दिन अर्थात सायंकालीन भगवान सूर्य को सूर्यार्घ्य अर्थात सूर्य भगवान को अर्घ्यदान (वाराणसी एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में सायं 17:22:19 और मुंबई एवं आस-पास के क्षेत्रों में 17:55:27) का समय है। सूर्यार्घ्य मन्त्र:- “नमोस्तु सूर्याय सहस्र भानवे, नमोस्तु वैश्वानरजातवेदसे। त्वमेव चार्घ्यं प्रतिगृह्ण, गृह्ण देवाधिदेवायनमो नमस्ते।।” आज सहस्रार्जुन अर्थात सहस्रबाहु जयन्ती है, जो जायसवाल समाज के लिए त्यौहार अथवा पर्व के समान मनाया जाता है। आज की षष्ठी को प्रतिहार षष्ठी एवं स्कंदषष्ठी भी कहते हैं, इसलिए आज स्कंदषष्ठी व्रत भी है। आप सभी सनातनियों को “सहस्रार्जुन जयन्ती एवं सूर्यषष्ठी व्रतम् अर्थात छठ व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास शुक्ल पक्ष दिन रविवार षष्ठी तिथि 07:23 AM तक उपरांत सप्तमी तिथि 05:22 AM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथी स्वामी : षष्ठी तिथि के देता हैं कार्तिकेय। तथा कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र श्रवण 10:48 PM तक उपरांत धनिष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी : श्रवण नक्षत्र का स्वामी शनि ग्रह है।श्रवण नक्षत्र का देवता भगवान विष्णु को माना गया है।
🔔 योग : वृद्धि योग 11:28 PM तक, उसके बाद ध्रुव योग
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 07:23 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – गर – 06:23 पी एम तक वणिज – 05:21 ए एम, नवम्बर 20 तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:38:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:22:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:41 ए एम से 05:32 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:07 ए एम से 06:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:39 ए एम से 12:24 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:40 पी एम से 06:05 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:40 पी एम से 06:56 पी एम
💧 अमृत काल : 12:58 पी एम से 02:29 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:36 पी एम से 12:27 ए एम, नवम्बर 20
🌸 द्विपुष्कर योग : 10:48 पी एम से 05:21 ए एम, नवम्बर 20
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में गुड़ की मिठाई चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/छठ पूजा/द्विपुष्कर योग/ स्कंदषष्ठी/ भानु सप्तमी/ सूर्य षष्ठी (बिहार)/ छष्ठ् पूजा/ जलाराम जयन्ती, प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के यहां जन्मी आयरन लेडी इंदिरा गांधी जयन्ती, भारत की प्रथम मिस यूनिवर्स और प्रसिद्ध अभिनेत्री सुष्मिता सेन जन्मोत्सव, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जयन्ती, ब्रह्म समाज’ के संस्थापक केशव चन्द्र सेन जन्म दिवस, राष्ट्रीय पुस्तक दिवस (सप्ताह), नवजात शिशु दिवस (सप्ताह), राष्ट्रीय औषधि दिवस (सप्ताह), राष्ट्रीय एकता दिवस (सप्ताह), अंतर्राष्ट्रीय नागरिक दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस, विश्व नागरिक दिवस, विश्व शौचालय दिवस, विश्व विरासत (धरोहर) सप्ताह (19 से 25 नवंबर)
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान
किचन के वास्तु में मुख्य तौर पर चूल्हा अग्नि कोण की दिशा में होना चाहिए, क्योंकि वह अग्नि देव की सर्वश्रेष्ठ दिशा मानी गई है।
किचन में पानी का नल ईशान कोण में होना चाहिए। यानी उत्तर-पूर्व दिशा में यह जल के देवता वरुण देव का स्थान भी माना जाता है।
वास्तु के अनुसार किचन में लगी खिड़की पूर्व दिशा में होनी चाहिए और किचन का चूल्हा खिड़की के बाहर की तरफ नहीं दिखना चाहिए।
बात करें रंग कि, तो माना जाता है कि किचन में रंग का उतना ही महत्व है जितनी दिशा का होता है। वास्तु के अनुसार घर की रसोई में पीला रंग, हल्का लाल रंग या गुलाबी रंग करवाना चाहिए। क्योंकि यह अग्नि देव से संबंधित रंग हैं। घर की रसोई में कभी भी काला या नीला और डार्क शेड रंग नहीं करवाना चाहिए। ऐसा करना अशुभता को दर्शाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में किचन से कभी भी सटा हुआ बाथरूम नहीं होना चाहिए। जहां ऐसा होता है, तो उस घर में परिवार के सदस्य रोग से घिरे रहते हैं।
रसोई घर में भोजन बनाएं, तो रोटी का पहला हिस्सा गाय को सबसे पहले खिलाएं। माना जाता है इससे घर में अन्न की बरकत होती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के लिए ये घरेलू नुस्खें आज़माएं
पेट्रोलियम जेली
पेट्रोलियम जेली तो हर किसी के घर में पाया जाता है। अगर आपकी एड़ियां इस मौसम में फटने लगी हैं तो आप पेट्रोलियम जेली लगाएं। ये जेली लगाने से फटी एड़ियों को कुछ आराम मिलता है। इस पूरी तरह खत्म करने के लिए आप एक हफ्ते तक अगर आपने इसे एक हफ्ते भी से छुटकारा दिलाने के लिए आप पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करें।
मलाई लगाने से भी मिलेगा आराम
अपने पैरों की एडियों को मलाई की तरह मुलायम बनाने के लिए आप मलाई का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। एड़ियों के जिस क्षेत्र में ज़्यादा गहरे घाव हैं वहां पर आप मलाई लगाएं। ऐसा हफ्ते भर करने से आपको पॉज़िटिव रिजल्ट देखने को मिलेगा।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
ऑयली खाने से नुकसान
तला-भुना खाना जल्दी नहीं पचता और धीरे-धीरे लिवर पर जमा होने लगता है। इससे लिवर फंक्शन डिस्टर्ब होता है। ऐसे लोगों का मेटाबॉलिज्म स्लो होने लगता है। जिससे इनडायजेशन, गैस-एसिडिटी, कब्ज़, पेट में सूजन, कमजोर आंत, फूड प्वाइज़निंग जैसी समस्या होने लगती है।
पेट का कैंसर खतरे में ऑर्गन
छोटी-बड़ी आंत
किडनी
गॉल ब्लैडर
पैंक्रियाज़
पाचन को बनाएं परफेक्ट
सुबह उठकर गुनगुना पानी पीएं
एलोवेरा-आंवला और गिलोय लें
बाजार की चीजें खाने से बचें
पानी को उबालकर पीएं
रात में हल्का खाना खाएं
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
महाभारत में कंस को पता था कि देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान उसका वध करेगी फिर भी कंस ने उन दोनों को अलग कमरे में क्यों नहीं रखा?
क्या ये प्रसंग अतार्किक नहीं लगता?
आप कुछ दशक पहले का ही पुराण पढ़ेंगे तो आप को बहुत फरक मिलेगा बौद्ध जातक कथा पढ़ेंगे तो कुछ और मिलेगा दरअसल वास्तविकता आप को पुराण पर शोध करने पर ही मिलेगा कंस को किसी पुरोहित ने बोल दिया की वासुदेव का पुत्र ही उतराधिकारी होगा क्यों की यादव गणराज्य शासन करते है यानी हर कबीले के प्रमुख लोग अपना महामहिम चुनते थे बिल्कुल जैसे भारत के राष्ट्रपति का चुनाव होता है बादुदेव को ज्यादतार यादवों के कबीले पसंद नही करते थे कंस वासुदेव से डरने लगा चुकी गणराज्य में बगावत होने का डर था अगर वासुदेव को बंदी बनाता तो क्यों की ज्यादतर यादव सामंत वासुदेव के साथ थे कंस ने वासुदेव को नजरबंद कर लिया था वासुदेव के समर्थको के मालूम था की कंस नजरबंद किया है मगर कंस स्वीकार नहीं करता था की मैंने कैद किया है अब जो वासुदेव के समर्थक सामंत थे पहले रोहणी बलराम को नंद के यहा पहुचाए कारण यादवों का योद्धा कबीला था वो सीधे हमला करने का साहस उसमे कंस में नहीं था फिर जब श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो उनको पहुंचा दिया समंतो ने असली कथा यहीं है इसमें चमत्कार अलौकिक शक्ति जैसा कुछ नही था हा पुराण में चुकी हमेशा बदलाव होता रहता है तरह तरह के छेपक कथा जोड़े जाते है तरह तरह के कथा कहानी जुड़ते गए जब कंस को मालूम चल भी गया की श्रीकृष्ण नंद गांव में है तो भी छल से ही भेजा वहा अपना जासूस हमला थोड़े करने का साहस किया था उद्धव से बकायदा निमंत्रण दिया कृष्ण को मथुरा बुलाया मगर मारने की हिम्मत थोड़े सीधे किया छल से किया हाथी को मदिरा पीला कर कुस्ती लड़ाकर सीधा हमला करता तो यादवों में ही महाभारत हो जाता।
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⚜️ षष्ठी तिथि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

