भाजपा में फिर गर्माया नेता-पुत्रों को टिकट देने का मुद्दा, सत्यनारायण जटिया बोले- नेता पुत्र होना कोई दोष नहीं

रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा
भोपाल । परिवारवाद के खिलाफ गुजरात में लागू भाजपा के फॉर्मूले को लेकर मध्य प्रदेश में कई नेता पुत्रों के टिकट पर संशय की स्थिति है। ऐसे में भोपाल में बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में भाग लेने आए केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण जटिया ने बड़ा बयान दिया है। नेता पुत्रों को टिकट देने के सवाल पर जटिया ने कहा कि नेता का पुत्र होना कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि योग्य नेता पुत्रों को टिकट मिलना चाहिए। पार्टी में ऐसी कोई अवधारणा नहीं है। जटिया ने कहा कि जो योग्य है उसे टिकिट मिलना चाहिए चाहे वो नेता पुत्र क्यों न हो। बीजेपी संसदीय बोर्ड ने गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर साफ किया है कि किसी भी विधायक व सांसद के बेटा-बेटी या परिजन को टिकट नहीं मिलेगा। ऐसे में मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव में कई नेता अपने बेटा-बेटी और परिजन को टिकट मिलने की आस लगाए है। बता दें कुछ दिन पहले इंदौर में एक कार्यक्रम में जटिया ने 75 की उम्र होने पर टिकट काटने के सवाल पर कहा था कि बीजेपी में ऐसा कोई मापदंड नहीं था। उसे जबरदस्ती चर्चा का विषय बना दिया गया। पार्टी सही समय पर सही कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपती है। प्रदेश में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बेटे देवेंद्र, मंत्री गोपाल भार्गव बेटे अभिशेक, विजय शाह बेटे दिव्या दित्य शाह, विधायक सुलोचना रावत बेटे विशाल, विधायक और पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन बेटी मौसम को चुनाव लड़ाने के प्रयास में है।



