मनरेगा: मे 114 मजदूरों का कार्य मशीनों से करवाकर मजदूरी हड़पने चल रहा खेल
एक सप्ताह पहले मशीनों से खुलवाया परकुलेशन टैंक
रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी
दमोह । मनरेगा मे मशीनों से कार्य नहीं कराया जाता है। लेकिन जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा ग्राम पंचायत कुलवा दिनारी मे परकुलेशन टैक निर्माण मशीनों से कराएं जाने का मामला सामने आ रहा है। हैरानी की बात तो यह है मनरेगा का कार्य मशीनों से करवाकर भुगतान निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत के द्वारा मजदूरों के नाम से फर्जी मस्टर रोल भर कर किया जा रहा है। मशीनों से कराएं जा रहें कार्य मूल्यांकन उपयत्रियों के द्वारा भी फर्जी रुप से घर बैठे कर दिया जाता है और अधिकारी कर्मचारियों की मिली भगत से पूरा मनरेगा योजना को पलीता लगाया जा रहा है। ताजा मामला जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा ग्राम पंचायत कुलवा मे मनरेगा कार्य जिसमें एक सप्ताह पहले मनरेगा के कार्य जेसीबी मशीनों से निपटाया लिया फिर धीरे धीरे मस्टरोल डालकर मजदूरी को पड़पने का खेल शुरू हुआ ग्राम पंचायत बदस्तूर जारी मामला है ग्राम पंचायत कुलवा का जहां एक सप्ताह पहले मनरेगा योजना तहत परकुलेशन टैंक निर्माण जेसीबी मशीन करवाने के एक सप्ताह बाद मजदूरों की मजदूरी हड़पने सिलसिला शुरू हुआ परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य का फर्जी मस्टरोल जारी करके अपने चहेते के खातों मे राशि डालीं जा रही है। जिसके बकायदा सबूत जीपीएस सिस्टम वाले कैमरे से ली गई फुटेज वीडियो हैं। बावजूद इसके मस्टरोल क्रमांक नंबर 22973 – 22984 परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य में 114 मजदूर के नाम मस्टरोल चल रहा था जिसमें परकुलेशन टैंक के निर्माण कार्य पर मौका स्थल पर एक भी मजदूर कार्य करते हुए नहीं पाया गया है। मशीनों से परकुलेशन टैंक के स्पष्ट निशान जेसीबी मशीनों के पंजों से खुदाई दे रहें हैं। मनरेगा योजना के कार्य में मशीनों से काम करवाने की बात ग्राम पंचायत कुलवा सचिव आंनद जैन से बात की गई उनका कहना हमें अभी ग्राम पंचायत कुलवा चार्ज मिला है हमें जानकारी नहीं है। उपयंत्री दिलीप सूत्रधार फोन रिसीव नहीं किया गया, इस पूरे गड़बड़झाला से अपना पल्ला झाड़ लिया गया लेकिन परकुलशन टैंक निर्माण कार्य मे 114 मजदूरों के नाम मजदूरी डालने का पूरा गड़बड़झाला चल रहा है।
इस संबंध ने जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा सीईओ हलधर मिश्रा का कहना है कि मनरेगा योजना में मशीनों से कार्य जानकारी अभी प्राप्त हुई पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।
जांच का विषय है। अब देखते है कि खबर प्रकाशित होने पर अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं।



