क्राइम

रिश्वतखोर बीएमओ डॉ. योगेश झा के कारावास की सजा में वृद्धि

12 सितम्बर से झिझरी जेल में बंद है रिश्वतखोर बीएमओ
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।
न्यायालय विशेष न्याायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय द्वारा 27 जुलाई को दिये गये अपने निर्णय में तत्कालीन बीएमओ पानउमरिया डॉ. योगेश झा को धारा 7 एवं धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अपराध में दोषी पाते हुए 3-3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10000-10000 रूपये के अर्थदण्ड कुल 20000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया था। उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा क्रिमिनल पुनरीक्षण क्रमांक 3005/2022 में पारित आदेश दिनांक 29 अगस्त को द्वारा दण्डादेश को निरस्त कर पुनः दण्डादेश पारित करने के लिए प्रकरण माननीय विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कटनी के न्यायालय को भेजा गया था तथा अभियुक्त की अपील को निरस्त किया है। तत्संबंध में 15 सितम्बर को न्यायालय द्वारा उभयपक्ष को सुनने के पश्चात अभियुक्त को पूर्वाेक्त धारा 7, 13(1) डी सहपठित धारा 13(2) के अपराध में 4 – 4 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10000-10000 रूपये के अर्थदण्ड कुल 20000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
यहां यह उल्लेखनीय है कि अभियुक्त उच्च न्यायालय से कारावास स्थगन का आदेश न ला पाने के कारण डॉ.योगेश झा 12 सितम्बर से जिला जेल कटनी में बंद है। अभियोजन की ओर से उक्त मामले में विशेष लोक अभियोजक संजय पटेल के द्वारा पक्ष रखा गया।
ये था मामला
विशेष लोक अभियोजक के अनुसार डॉ योगेश झा 2016 में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद पर पान उमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ थे। इसी के अंतर्गत ढीमरखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रसूताओं को चाय-नाश्ता व भोजन सप्लाई करने वाले होटल संचालक से 75 हजार रुपए का बिल भुगतान करने के एवज में 35 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। होटल संचालक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त एसपी से की तो 3 मार्च 2016 को लोकायुक्त की टीम ने 25 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
नहीं कर रहा था भुगतान
घूसखोर डॉक्टर ने 75 हजार रुपए के भुगतान के लिए होटल संचालक सुनील कुमार पटेल को एक साल तक दौड़ाया था। वह बिना घूंस लिए बिल पास करने को तैयार नहीं था। परेशान होकर होटल संचालक ने डॉ झा के खिलाफ लोकायुक्त एसपी से शिकायत की और रंगे हाथ पकड़वा दिया था। सुनील ने यह भी बताया कि पहले तो वह 35 हजार रुपए मांग रहा था बाद में 25 हजार में तैयार हुआ था।

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