पर्यावरण

सीजन का सबसे गर्म दिन : बार-बार आ रही है पश्चिमी विक्षोभ से रुकी उत्तरी हवा, इसलिए फरवरी में ही मार्च-अप्रैल जैसा मौसम

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान का पारा 34 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सीजन में यह सबसे गर्म दिन रहा। न्यूनतम तापमान पारा 14 डिग्री सेल्सियस आंका गया।मालूम हो कि 2011 से अब तक के आंकड़े देखें तो ऐसा पहली बार हुआ है जब अधिकतम तापमान 20 फरवरी से पहले ही इतना बढ़ गया। हालांकि बीते दो दिन से रात के तापमान में गिरावट आ रही है। दो दिन पहले यह 15 डिग्री तक पहुंच गया था। जबकि रविवार को यह 13 पर आ गया।
मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ एसएस तोमर का कहना है कि फरवरी माह के बाकी दिनों में भी तापमान के 30 डिग्री के नीचे आने की संभावना कम ही है। इस दौरान 26 से 28 फरवरी के बीच अगर हालात अनुकूल रहे तो बारिश के चलते लगातार बढ़ रही गर्मी थम सकती है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते 10 दिन के दौरान 4 पश्चिमी विक्षोभ आ चुके हैं।
एक सिस्टम निकलता है तो दूसरा आ जाता है। जरूरी यह है कि दो सिस्टम के बीच कम से कम 3-4 दिन का अंतर हो। तभी उत्तर की हवा का पैटर्न सेट हो पाता है। अभी भी यही स्थिति बनी हुई है। एक सिस्टम उत्तर भारत से गुजर रहा है और दूसरा अफगानिस्तान के रास्ते दाखिल होने की तैयारी में है। इसके अलावा यह सभी सिस्टम बेहद कमजोर रहे हैं। यानि इनसे उत्तर की पहाड़ियों तक पर बर्फवारी नहीं हो पा रही है।
25 फरवरी से मौसम बदलने की उम्मीद: मौसम विभाग का कहना है कि 25 फरवरी को जो सिस्टम बनेगा, वह ताकतवर होने की संभावना है। उसके बाद अगर कोई दूसरा सिस्टम नहीं आया तो हल्की ठंडक फिर से आ सकती है।
तापमान माह/ वर्ष
34.2 22 फरवरी 2012
34.2 22 फरवरी 2015
34.5 20 फरवरी 2016
34.2 28 फरवरी 2021
35.4 28 फरवरी 2022
35.5 फरवरी 2023

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