हिन्दू संगठनों ने एकजुट होकर थाना प्रभारी की पक्षपात पूर्ण कार्यवाही के विरोध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी
हटा । हटा तहसील की ग्राम पंचायत रनेह में असामाजिक तत्वों ने चबूतरा पर विराजी माता की मूर्ति को अलग कर नीचे फेक दिया गया था, रनेह हिन्दू समाज ने रनेह थाना प्रभारी और हटा एसडीएम महोदय को ज्ञापन दिए थे, गुरुवार को हिन्दू संगठनो ने एकजुट होकर दमोह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा ।
ज्ञापन में असामाजिक तत्वों पर जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए, साथ ही रनेह थाना प्रभारी रनेह द्वारा पक्षपात पूर्ण कार्यवाही करने की शिकायत हेतु हिन्दू संगठनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया, कि जिले के रनेह थाना के प्रभारी द्वारा हिन्दू और हिन्दू धर्मो की अपेक्षा करते है खुले आम हिन्दू देवी देवताओं की मूर्ति को अपमानित कर उन्हें अपने स्थान से हटाकर नाके के पास फेंकने वाले मुस्लिम पक्ष का सहयोग कर रही है। जैसे जब हिन्दू पक्ष अपना शिकायती आवेदन देने गया तो हिन्दू पक्ष के लगभग 100 लोग थाने के गेट पर था पर मेडम रात्रि में बैठकर हिन्दू आवेदनकर्ताओं की अपेक्षा कर चली गई, हम लोग थाने के प्रागंण में खड़े रहे जब घूम कर आई तो अंदर चली गई और आदेश किया किसी एक व्यक्ति को अंदर भेजो जो मिलन मास्टर नोने सींग अंदर गये तो आवेदन लेने के बाद देखा और बोलने लगी तेल लहजे में की वहा तो कोई मूर्ति नही फेंकी गई न उसमें कोई अतिक्रमण किया है, वो तो चबूतरा उसी का हम लोगों की बात नहीं सुनी जब हम लोगों ने कार्यवाही की मांग की तो कहां में कुछ नहीं करूंगी। एसडीएम साहब को आवेदन दो में अभी मौका देख आई हूं वहां ऐसा कुछ नहीं है जब मासाब ने बोला की मूर्तियां नाली के पास पड़ी है तो बोला में वहां गई थी हजरत उसके परिवार ने बताया कि सदा से यहां पड़ी है और हम लोगों को भगा दिया गया। बिना संगठन और दुर्गा मंडल को बताए हजरत के कहने से मौके का निरीक्षण किया और हम लोगो को भगा दिया। जब बच्चो ने जय माता के नारे लगाये तो चैम्बर से निकल कर आई और बोली इसे माता आता के नारे नही लगाओ वरना सारी गुडागर्दी उतार दूंगी तब हम लोग वहां से आ गये। शाम 4 बजे के लगभग जब मुझे जानकारी मिली की कुछ दस्तावेज हम लोगों के पास भी है मेडम तो बोली मुझे नहीं देखना एसडीएम को दिखाओ मैने कहा मूर्ति तो नाली के बाजू में पड़ी है उस पर कार्यवाही करो तब बोली मेरे पास भी वीडियों है वो वहीं पड़ी वहां से और तुम अपना काम करो और फोन काट दिया फिर रात में साढ़े सात बजे के लगभग रात में 100 गाडी कांग्रेस नेता के घर खड़ी हुई, फिर दो तीन गरीब के बच्चो को पुलिस पकड कर ले गई और उनसे दबाब देकर झूठे बयान करवायें जब बच्चो के बयान हो रहे थे जब उस समय अखिलेश तिवारी जो कि एक अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति है दो वार सजा हो चुकी है उच्च न्यायालय से जमानत पर हैं। हजरत और करीम खान जो जिलाबदर का वांटेड अपराधी हैं को दबाब देने के लिए बुलाया।



