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Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 12 अप्रैल 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 12 अप्रैल 2026_
12 अप्रैल 2026 दिन रविवार को बैशाख मास के कृष्ण पक्ष कि दशमी तिथि है। आज से पंचक आरम्भ हो जाता है। आज यायीजययोग भी है। आज का दिन बहुत ही उत्तम है। आज किसी भी तरह का धार्मिक अनुष्ठान एवं ग्रह शांति के लिए बड़ा ही शुभ मुहूर्त है। आप सभी सनातनियों को “इस शुभ मुहूर्त” की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी
🌐 रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,
✡️ शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल
☸️ काली सम्वत् 5127
🕉️ संवत्सर (बृहस्पति) पराभव
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
☀️ मास – बैशाख मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – रविवार बैशाख माह के कृष्ण पक्ष दशमी तिथि 01:17 AM तक उपरांत एकादशी
🖍️ तिथि स्वामी – दशमी के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र- नक्षत्र श्रवण 03:14 PM तक उपरांत धनिष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – श्रवण नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा है। इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता भगवान विष्णु हैं।
⚜️ योग – साध्य योग 06:15 PM तक, उसके बाद शुभ योग
प्रथम करण – वणिज 01:03 PM तक
द्वितीय करण – विष्टि 01:17 AM तक, बाद बव
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 05:50:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 06:24:00
🌟 ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 04:29 ए एम से 05:14 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : प्रातः 04:52 ए एम से 05:59 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : दोपहर 11:57 ए एम से 12:48 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : दोपहर 02:30 पी एम से 03:21 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : शाम 06:44 पी एम से 07:06 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : शाम 06:45 पी एम से 07:52 पी एम
💧 अमृत काल : प्रातः 05:18 ए एम, अप्रैल 13 से 06:57 ए एम, अप्रैल 13
🗣️ निशिता मुहूर्त : दोपहर 11:59 पी एम से 12:44 ए एम, अप्रैल 13
💥 भद्रावास पाताल – 01:02 पी एम से 01:16 ए एम, अप्रैल 13 तक
🚓 यात्रा शकुन- रविवार को इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पिताम्बर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/ पञ्चक प्रारम्भ/ विडाल योग/ सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर सिंह जयन्ती, शब्दकोश निर्माता, गंगाधर बालकृष्ण देशपांडे जयन्ती, समाज सुधारक किरपाल सिंह नारंग जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान दिवस, बारह वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय दिवस, राष्ट्रीय मुलेठी दिवस, राष्ट्रीय इकलौते बच्चे का दिवस, पोलियो वैक्सीन दिवस, प्रसिद्ध गीतकार गुलशन बावरा जन्म दिवस, जैन धर्म के संस्थापक महावीर जन्म दिवस, इतिहासकार राखलदास बनर्जी जन्म दिवस, महामहोपाध्याय पंडित महेशचंद्र न्यारत्न भट्टाचार्य स्मृति दिवस, कवि मोहित चट्टोपाध्याय स्मृति दिवस, प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ सुमित्रा महाजन जन्म दिवस, प्रसिद्ध गीतकार गुलशन बावरा जन्म दिवस, (रेल सप्ताह), वर्ल्ड डे ऑफ़ एविएशन एंड कॉस्मोनाटिक्स
✍🏼 तिथि विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
नमस्कार मित्रों, वर्तमान समय में यदि किसी व्यक्ति को अपने भविष्य के बारे में जानना हो तो वह अधिकतर ज्योतिष का सहारा लेते हैं, जिस प्रकार ज्योतिष आने वाले भविष्य के बारे में बताता है उसी प्रकार जीवन में होने वाली परेशानियों से बचने का उपाय भी बताता है ।* परंतु यहां पर जब भी कुंडली देखी जाती है तो ग्रह दोषों के कारण ही जीवन में परेशानियों का आगमन होता है, जानकर ज्योतिषों के अनुसार कुंडली में ग्रह कहीं स्थित हो तो वह दूसरे ग्रह आदि पर अपनी नजर डालता है तो वह दृष्टि अच्छे या बुरे प्रभाव वाली हो सकती है इसके अलावा यदि कोई ग्रह अपने मित्र ग्रह में है या अपने शत्रु ग्रह में उपस्थित है यहीं से ग्रह दोषों को उत्पत्ति होती है।*
ऐसे में ग्रहों के दोषों को दूर करने हेतु अनेकों उपाय किए जाते हैं तो चलिए ग्रह दोषों को दूर करने के सरलतम उपायों को जानते हैं —
🌞 सूर्य के दोषों को शांत करने के सरलतम उपाय —
प्रतिदिन स्नान के पश्चात सूर्य को जल अर्पित करें, शास्त्रों में सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है इसके अलावा ऐसा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
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प्रतिदिन लाल चंदन की माला से ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का 1 माला जाप करें।* ब्राह्मण अथवा किसी गरीब व्यक्ति को रविवार के दिन गुड़ का खीर खिलाने से सूर्य से संबंधित नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।*
बड़े बुजुर्गों एवं अपने माता पिता का आदर सत्कार एवं उनकी सेवा करने से सूर्य देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं ।* अपने छत पर पक्षियों के लिए पानी और चावल रखें इसके अलावा पशुओं के लिए भी ऐसी व्यवस्था करें।*
पीपल के पेड़ लगाएं और उनकी लगातार सेवा करें इसके अलावा रविवार और एकादशी का व्रत रखें और बिलकुल भी नमक का सेवन न करें।* माणिक्य रत्न अवश्य धारण करें इसे धारण करने के अनेकों लाभ हैं और यह सूर्य ग्रह के दोषों को दूर करने में सहायता करती है। 🌙 चंद्र के दोषों को शांत करने के सरलतम उपाय —
प्रतिदिन माता पिता के पैर छूना चाहिए और वट वृक्ष की जड़ में पानी देना चाहिए इसके अलावा अपने बैड के चारों पायों पर चांदी की कीले लगवाएं।
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चंद्र की कृपा प्राप्त करने हेतु सोमवार के दिन दूध की खीर अशहाय और गरीब लोगों में दान करें।* पूर्णिमा की रात को चंद्र देवता का दर्शन करें और उन्हीं की रोशनी में बैठकर चन्द्र-मंत्र का जाप करना करें ऐसा करने से चंद्र देव की कृपा प्राप्त होती है और उनके नकारात्मक प्रभावों में कमी आती हैं ।*
चंद्र के अशुभ प्रभावों से अधिक लाभ हेतु चंद्र देव के मंत्र का जाप काफी असरकारक होता है।* भगवान शंकर के माध्यम द्वारा भी चंद्र देव को प्रसन्न किया जा सकता है एवं उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है, सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध से रूद्राभिषेक करें ऐसा करने से जुड़े नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।*
चंद्र देव को सफेद वस्तुएं अत्यंत प्रिय है इसीलिए सोमवार के दिन, चावल, चीनी, दूध, सफेद रंग की मिठाइयां और सफेद वस्त्र आदि दान अवश्य करें ऐसा करने से चंद्र देव अति शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और जातक पर अपनी कृपा बरसाते हैं।* मोती रत्न धारण करें, इसे धारण करने से चंद्र के दोषों में अत्यधिक लाभ मिलता है इसीलिए ज्योतिषियों द्वारा मोती रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। ☀️ मंगल के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के उपाय —
रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें, मंगलवार के दिन व्रत रखें और भोग में बूंदी चढ़ाएं और प्रसाद बांटें।
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रोजाना ॐ भौमाय नम: व ॐ अं अंगारकाय नम: मंत्र का 1 माला जाप करें।* मंगलवार के दिन लाल कपड़ा धारण करें और भगवान हनुमान के मंदिर में लाल सिंदूर अर्पित करें इसके अलावा संभव हो सके तो मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें।*
गरीबों में लाल वस्त्र एवं लाल मसूर दान करें और विधिवत दही, घी, दूध, शक्कर, लाल वस्त्र, लाल गुलाल, लाल मसूर की दाल और शहद आदि से भगवान हनुमान की पूजा करें इस प्रकार से भगवान हनुमान की पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है जिससे मंगल के अशुभ प्रभावों में अधिक कमी आती है।* लाल वस्त्र में 2 मुठ्ठी मसूर की दाल बांधकर मंगलवार के दिन किसी गरीब को दान करना चाहिए ऐसा करने से मंगल के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।*
मंगलवार के दिन भगवान हनुमान के मंदिर में उनके चरणों में रखे सिंदूर का तिलक लगाना चाहिये इसके अलावा बंदरों को गुड़ एवं चने खिलाएं ।* मित्रों मंगल के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने हेतु सबसे असरकारक उपाय मूंगा रत्न धारण करने से है ऐसे समय में मूंगा रत्न अवश्य धारण करना चाहिए और इसके अनेकों लाभ भी है। ☄️ बुध के अशुभ प्रभावों को दूर करने के उपाय —
हर बुधवार के दिन मोतीचूर के लड्डू गणेश जी के मंदिर में अर्पित करें एवं “ऊं ब्राम ब्रीम ब्रोम स: बुधाय नम:” दिए गए मंत्र का एक माला प्रतिदिन जाप करें।
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किन्नरों को दान करें, यहां पर एक बात का ध्यान रखना आवश्यक है उन्हें दान आपको स्वत ही देना है उनके मांगने से पूर्व ही दान कर देना है ऐसा करने से बुध प्रसन्न होते हैं।* किन्नरों को खुश करना यह बुध ग्रह को प्रसन्न करने का सबसे बेहतर तरीका है, किसी भी समय किन्नरों के पैर छूना यह बुध के नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है, किन्नरों को प्रसन्न कर बुध के प्रभाव को दूर किया जा सकता है इसके अलावा किन्नर बुध ग्रह के प्रतीक हैं इन्हें दिया गया दान बुध ग्रह को प्रसन्न करता है।*
हर बुधवार के दिन घर के उत्तर दिशा में गाय के घी का दिया जलाएं और हर बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं साथ ही साथ प्रतिदिन पक्षियों को चावल खिलाएं।* महीने के एक बुधवार को मूंग की खिचड़ी गरीबों को खिलाएं और अपने घर के मंदिर में अभिमंत्रित बुध यंत्र स्थापित करें।*
छोटी कन्याओं, माता दुर्गा एवं भगवान विष्णु की पूजा आराधना करें साथ ही साथ मांस और अंडे का सेवन न करें इसके अलावा बहन, बेटी, बूआ की सेवा करें और उन्हें अपशब्द ना बोलें और इन्हें कुछ न कुछ देकर ही विधा करें।* बुध ग्रह को शांत करने हेतु पन्ना रत्न अवश्य धारण करें यह रत्न बुध ग्रह को शांत करने हेतु अत्यंत लाभकारी है इसके अलावा इसके अनेकों फायदे हैं 🪐 गुरु के दोषों को दूर करने के उपाय —
बृहस्पतिवार के दिन सूर्य के उदय होने से पूर्व उठ जाएं उसके पश्चात भगवान विष्णु के समक्ष गाय के घी का दीपक जलाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें इसके अलावा गुरुवार के दिन केसर का तिलक लगाएं यदि केसर नहीं है हल्दी का तिलक लगाएं ।
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बृहस्पतिवार के दिन शाम में केले के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं साथ ही साथ बेसन के लड्डू की मिठाई अर्पित करें
बृहस्पतिवार के दिन व्रत रखें, पीले वस्त्र धारण करें और बिना नमक का भोजन ग्रहण करें, भोजन में पीले रंग की चीजें होना आवश्यक हैं ।* देव गुरु बृहस्पतिजी की फोटो या मूर्ति को पीले कपड़े स्थापित करें इसके पश्चात पंचोपचार से पूजा करें, पूजन में पीले चावल, पीले पकवान, पीले फूल एवं भोग में पीले फल अर्पित करें और विधिवत देव गुरु बृहस्पति की पूजा करें।*
देव गुरु बृहस्पति के दिए गए मंत्र का जाप करें — “ॐ बृं बृहस्पते नम” मंत्र के जाप को संख्या कम से कम 1 माला होनी चाहिए ।* पीली वस्तुओं का अधिक से अधिक दान करें जैसे — हल्दी, आम, केला और हल्दी आदि इसके अलावा यदि आपका गुरु निर्बल है तो इसके लिए प्रतिदिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं, अपने आचरण को शुद्ध करें और सदा सत्य बोलें ऐसा करने से गुरु के दोष दूर होंगे।*
मित्रों गुरु के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने हेतु पुखराज को अवश्य धारण करना चाहिए इसके अलावा पुखराज के अनेकों लाभ है,* फिरोजा रत्न धारण करें, यह पुखराज का उपरत्न है पुखराज की जगह इसे भी धारण कर सकते हैं क्योंकि इसका प्रभाव पुखराज के समान ही होता है, इसे भी धारण करने के अनेकों लाभ है 💫 शुक्र के नकारात्मक प्रभावों से बचने के उपाय —
ओपल रत्न धारण करें — यह डायमंड का उपरत्न है यदि आप डायमंड नही पहन सकते हैं तो इसे धारण कर सकते हैं यह डायमंड के समान ही फल प्रदान करता है, यह शुक्र के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने में अत्यंत लाभकारी है
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शुक्र के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए अच्छे आचरण रखने चाहिए, स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए और शुक्र ग्रह को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है इसीलिए बादामी रंग के वस्त्र या सफेद रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए ऐसा करना से शुक्र के अशुभ प्रभावों में कमी आती है।* प्रत्येक पूर्णिमा और शुक्रवार के दिन शुक्र के मंत्र (“ऊं द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः”) का जाप करना चाहिए ऐसा करने से शुक्र ग्रह बलवान बनता है और भोजन में सफेद चीजों का प्रयोग करें जैसे — खीर, चावल, दही और दूध आदि ऐसा करने से शुक्र मजबूत बनता है जिससे सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं ।*
शुक्रवार के दिन आटे में चीनी मिलाकर चिटियों को खिलाएं और सफेद गाय को आटा खिलाएं इसके अलावा शुक्रवार को व्रत रखें और प्रतिदिन माता लक्ष्मी की उपासना करें।* हमेशा साफ सुथरा रखें, अच्छे कपड़े पहनें, प्रतिदिन नहाएं और अपने शरीर को हमेशा साफ रखें इसके अलावा रोजाना इत्र लगाएं ।*
शुक्रवार से आरंभ कर 21 शुक्रवार तक 9 साल से कम उम्र की कन्याओं को मिश्री से युक्त खीर का भोजन कराएं ऐसा करने से शुक्र ग्रह बलवान होता है और सकारात्मक प्रभावों की प्राप्ति होती है।
शुक्र के दोषों को दूर करने हेतु प्रत्येक शुक्रवार को भगवान शिव को सफेद फूल अर्पित करें इसके अलावा स्फटिक माला धारण करें, स्फटिक माला धारक करने के अनेकों लाभ है,
👺 शनि ग्रह के दुष्प्रभाव को दूर करने के उपाय —
सूर्यास्त होने के बाद भगवान हनुमान की पूजा आराधना करें, काली तिल के तेल का दिया जलाएं, नीले पुष्प अर्पित करें और सिंदूर का प्रयोग अवश्य करें।* शनिदेव की पूजा 10 द्वारा करें — कृष्ण, पिंगल, कौनस्थ, रौदांतक, शनैश्चर, मंद, पिप्पलाद, यम, सौरी और बभ्रू ।*
गरीबों, अंधे, अपंगों, सेवकों और सफाई कर्मचारियों की मदद करें और उन्हें अन्न व धन दान करें इसके अलावा प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।* प्रतिदिन कौवे को रोटी खिलाएं, काला वस्त्र, तेल, तिल, उड़द और काले जूते का दान दें इसके अलावा शनिवार के दिन सरसों का तेल न खरीदें नहीं तो आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।*
अभिमंत्रित शनियंत्र की स्थापना अपने मंदिर एवं कार्यस्थल पर अवश्य करें, शनि यंत्र शनि के नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है, अपने कार्य स्थल एवं अपने मंदिर में इसकी प्रतिदिन पूजा होने से शनि महाराज अत्यंत प्रसन्न होते हैं जिससे व्यापार में वृद्धि, मान — प्रतिष्ठा बढ़ती है, बीमारियों से छुटकारा मिलता है ऐसे ही अनेकों लाभ मिलते हैं* नीलम रत्न धारण करें — नीलम रत्न धारण करने से शनि के नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है भाग्योदय होता है, धन में वृद्धि होती है आदि इसके अनेकों लाभ हैं,*
अपने घर में शमी का पेड़ लगाएं और यदि इसे शनिवार के दिन लगाएं तो बहुत अच्छा है, लोगों का मानना है की इसमें शनिदेव का वास होता है जिससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है इसके अलावा बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें।
🤖 राहु के अशुभ प्रभावों से बचने के सरलतम उपाय
राहु के नकारात्मक प्रभावों से बचने हेतु ज्योतिष शास्त्र में उनके एक मंत्र का वर्णन किया गया है जो इस प्रकार है — ओम कयानश्चित्र आभुवदूतीसदा वृध: सखा कयाशश्चिष्ठया वृता । इस मंत्र को रोजाना एक माला जाप करने से राहु के नकारात्मक प्रभावों से छुटकारा मिलता है, यह एक वैदिक मंत्र है जिसका जाप शनिवार से शुरू करना चाहिए।* राहु के दुष्प्रभाव से बचाव हेतु प्रतिदिन चंदन का धूप जलाएं, मोर पंख अपने पॉकेट में रखें, ऐसा करने से मन का दर दूर होता है और राहु के अशुभ प्रभावों में लाभ होता है इसके अलावा राहु के नकारात्मक प्रभावों से बचने हेतु आश्रम में दान देना चाहिए, गरीबों में खाना खिलाना चाहिए इससे राहु अत्यंत प्रसन्न होते हैं जिससे उनकी कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख शांति और वंश में वृद्धि होती है ।*
शास्त्र में कबूतर को बाजरा खिलाने के अनेकों चमत्कारी लाभ बताए गए हैं, कबूतरों को बाजरा खिलाने से पुण्य तो मिलता ही है साथ ही साथ घर में सुख शांति आती है और परेशानियां दूर होती हैं ।* कुंडली में राहु को बलवान बनाने हेतु बुधवार के दिन सिक्का, भूरे या नीले रंग के वस्त्र, सरसों और कांच आदि वस्तुओं का गरीबों में दान करें इसके अलावा राहु के अशुभ प्रभावों से बचने हेतु अभिमंत्रित राहु यंत्र की स्थापना अपने घर के मंदिर एवं कार्यस्थल पर करें,*
आचार्य श्री गोपी राम की मानें तो राहु महादेव के भक्त हैं इसलिए यदि आप राहु के दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं तो भगवान शिव की उपासना करना आपके लिए अत्यंत लाभदायक है, शिवलिंग पर जला अभिषेक करने से राहु अत्यंत प्रसन्न होते हैं ।* मांस मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें, मांस मदिरा का सेवन करने से राहु नाराज होते है इसीलिए मांस मदिरा का सेवन करना बिल्कुल बंद कर दें एवं शाकाहारी भोजन और संत जैसा जीवन व्यतीत करें इसके आलावा सोमवार के व्रत रखें।*
मित्रों राहु के अशुभ प्रभावों के समय गोमेद रत्न अवश्य धारण करना चाहिए इसे धारण करने से राहु के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और इसके अलावा इसके अनेकों लाभ है* 👹 केतु के नकारात्मक प्रभावों से बचने के उपाय
केतु ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने हेतु हर गुरुवार को उपवास रखना चाहिए और रोजाना भगवान गणेश की पूजा – आराधना करनी चाहिए इसके अलावा सफेद रेशम का धागा अपने हाथ में बांधे और केतु से जुडी हुई वस्तुओं का दान करें।
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भैरव बाबा की पूजा आराधना करें और हर रविवार के दिन कन्याओं मीठा दही और हलवा खिलाएं इसके अलावा भैरव बाबा को केले के पत्ते पर चावल का भोग अर्पित करें ।* दो रंग का कंबल दान करें और हमेशा अपने साथ हरा रूमाल रखें इसके अलावा बर्फी के चार टुकड़े बहते जल में बहा दें।*
रोजाना पीपल के पेड़ के नीचे कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं और प्रतिदिन सूर्योदय के पश्चात गाय के घी का दिया जलाएं इसके अलावा केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों को कम करने हेतु सोते समय अपने सिरहाने जल से भरे पात्र को रखें और सुबह उस जल को पेड़ पर अर्पित करें ऐसा आपको लगातार 43 दिन करते रहना है ।* यदि संभव हो तो काली गाय किसी पंडित को दान में दें अथवा नहीं दे सकते तो काली गाय की सेवा करें इसके अलावा गौशाला में दान दें ।*
सरोवर या तालाब में मछलियों के लिए आते की गोलियां डालें, इसी प्रकार जहां भी चीटियां दिखाई दें वहां उनके लिए आटे की व्यवस्था करें इसके अलावा काले और सफेद कुत्ते को एक समय खाने का प्रबंध करें।* कुंडली में केतु के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए केतु के तांत्रिक एवं वैदिक मंत्रों का जाप करें ।*
लहसुनिया रत्न धारण करें इसे धारण करने से केतु के नकारात्मक प्रभाव दूर होते है,* ••••✤••••┈•✦ 👣✦•┈••••✤•••• ⚜️ *दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।।
*_दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।।

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