मध्य प्रदेश

हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में मप्र में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली नैन्सी दुबे ने डाक्टर बनने का सपना संजोया

ग्राम पंचायत पठापुर के किसान की बेटी ने क्षेत्र नाम रोशन किया
रिपोर्टर : विनोद अग्रवाल
छतरपुर।
छतरपुर जिले की जनपद पंचायत छतरपुर की ग्राम पंचायत पठापुर के पुरवा नारायणपुर की रहने वाली नैन्सी दुबे ने 10वीं परीक्षा में 496 अंक प्राप्त कर छतरपुर छतरपुर जिले का नाम रोशन कर दिया है। नैन्सी के पिता मजदूरी करते थे उसके बाद उन्होंने गांव में ही छोटी सी किराना की दुकान खोलकर अपनी बच्ची को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी नैन्सी की दो बड़ी बहिने हैं जो कि बीए द्वितीय वर्ष एवं बीए प्रथम वर्ष में महाराजा कॉलेज में अध्ययन कर रही हैं। नैन्सी तीसरे नंबर की है इसके अलावा चौथी बहन कथा सातवीं में पढ़ रही है। सबसे छोटा भाई आयुष्मान दुबे अभी 6 वर्ष का है। नैन्सी के पिता राममनोज दुबे ने बताया कि नैन्सी को अभी तक शासन से किसी भी प्रकार की योजना का लाभ नहीं मिला है। नैन्सी को जो गांव से स्कूल जाने के लिए साइकिल दी जाती थी वह भी उसे नहीं मिली है। बल्कि स्कूल में एक बार साइकिल चोरी चली गई। गरीबी रेखा का राशनकार्ड होने केबाद भी नैन्सी के परिवार के लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। नैन्सी के परिवार के लोग संयुक्त रूप से रह रहे हैं। जिसमें लगभग 17 सदस्य एक साथ रहते हैं। नैन्सी की मां संगीता दुबे जो कि गृहणी है और अपने परिवार का भरण पोषण के कार्य में लगी रहती हैं। संयुक्त परिवार में 26 एकड़ जमीन है जो कि नारायणपुरा और टुरया में है। अभी परिवार में जमीन का बंटवारा नहीं हुआ है। नैन्सी ने अपने दिए इंटरव्यू में कहा कि उसकी इच्छा डाक्टर बनना है। और वह चाहती है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह मामा उसे आर्थिक सहायता प्रदान करें। ताकि वह आगे की पढ़ाई अच्छी तरह से कर सके। नैन्सी ने कहा कि उसने अपनी मेहनत के साथ साथ अपने शिक्षकों और अपनी बड़ी बहन को इसके लिए विशेष महत्व दिया है। बड़ी बहन वैशाली दुबे ने उसकी पूरी तैयारी कराई है। नैन्सी प्रतिदिन लगभग 6 से 7 घंटे अध्ययन करती थी। गांव से 7 किमी दूर प्रतिदिन साइकल से स्कूल जाती थी। स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों ने भी नैन्सी को बधाई देते हुए स्कूल का नाम रोशन करने के लिए नैन्सी को शुभकामनाएं दी हैं। वहीं दूसरी ओर जिले के प्रतिष्ठित लोगों ने नैन्सी को हर संभव मदद करने का भी आश्वासन दिया है। क्षेत्रीय विधायक आलोक चतुर्वेदी ने नैन्सी को घर जाकर इसके लिए बधाई दी है और उसे स्कूल आने जाने के लिए एक इलेक्ट्रिक स्कूटी देने का वादा किया है। फिलहाल छतरपुर के एक किसान की बेटी ने जिले का नाम रोशन कर उन सभी लोगों को चौंका दिया है जो लोग  अपने बच्चों को बड़े बड़े प्रायवेट स्कूलों में पढ़ाते हैँ और ट्यूशन भी पढ़ाने के लिए भेजते हैं। उन लोगों के लिए नैन्सी दुबे ने यह सुझाव दिया है कि यदि बच्चा प्रतिदिन चार से पांच घंटा पढ़ाई करता है तो उसे किसी भी ट्यूशन की जरूरतनहीं हे। आज पूरे नारायणपुर में खुशी का माहौल था और जगह जगह मिठाईयां बांटी जा रही थीं। 

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