आज का पंचाग सोमवार 19 सितम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 19 सितम्बर 2022
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
🙏🏼 19 सितम्बर 2022 दिन सोमवार को अश्विन मास के नवमी तिथि है। आज मातृनवमी का पावन व्रत है। आज सौभाग्यवती स्त्रियाँ जो पितृलोक को प्रस्थान कर चुकी हैं, उनके लिए सौभाग्यशालिनी स्त्रियों के द्वारा आज श्राद्ध करके उनको विदा किया जाता है और अपने सौभाग्य वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने का सुअवसर होता है। आज महाराष्ट्र प्रदेश में दुर्गानवमी का उत्सव मनाया जाता है। आज नवम दिवस का तर्पण तथा आज से अगले 06 दिन पर्यन्त प्रतिदिन पितरों का तर्पण एवं श्राद्ध करने से वर्षभर सुख बना रहता है। आप सभी सनातनियों को मातृनवमी की हार्दिक शुभकामनायें।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन माह
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- नवमी तिथि 19:03:05 तक तदोपरान्त दशमी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- नवमी तिथि की स्वामिनी दुर्गा जी हैं तथा दशमी तिथि के स्वामी यमराज जी हैं।
💫 नक्षत्रः- आर्द्रा 18:11:00 तक तदोपरान्त पुनर्वसु नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु देव हैं तथा पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु देव हैं।
📣 योगः- वरियन 06:30:00 तक तदोपरान्त परिघा
⚡ प्रथम करण : गर – 07:01 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 03:19:00 से 04:51:00 बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- राहु काल 04:51:00 से 06:23:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:28:19
🌅 सूर्यास्त – सायं 18:36:31
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:34 ए एम से 05:21 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:57 ए एम से 06:08 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:39 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:17 पी एम से 03:06 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:09 पी एम से 06:33 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:22 पी एम से 07:32 पी एम
💧 अमृत काल : 06:56 ए एम से 08:44 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:51 पी एम से 12:39 ए एम, सितम्बर 20
💥 व्यतिपात योग – आज सुबह 7 बजकर 29 मिनट तक
☄️ आर्द्रा नक्षत्र – आज शाम 6 बजकर 11 मिनट
🏎️ यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को छैने से बनी मिठाई भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – नवमी का श्राद्ध, सौभाग्यवती स्त्रियों का श्राद्ध, मातृ नवमी, जीवित्पुत्रिका (जीउतिया) व्रत का पारण, श्री बलवंतराय मेहता स्मृति दिवस, श्री पी शीलू एओ स्मृति दिवस, अन्तरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स जन्म दिवस
✍🏽 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗽 Vastu tips 🗺️
घर के मेन गेट के एकदम सामने वृक्ष नहीं होना चाहिए। इसे वृक्षवेध माना जाता है जिससे सभी कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। इससे बाल दोष भी होता है।
कहते हैं कि घर या आंगन में फलदार वृक्ष लगाने से संतान को कष्ट होता है।
उत्तर दिशा में फलदार पेड़ लगाने से संतान पीड़ा अथवा बुद्धि का भी नाश होता है।
पाकड़, गूलर, आम, नीम, बहेड़ा तथा कांटेदार वृक्ष, पीपल, अगस्त, इमली ये सभी घर के एकदम समीप निंदित कहे गए हैं। इन्हें घर की ऊंचाई से दोगुनी दूर उचित दिशा में होना चाहिए। घर की छाया किसी भी समय जहां तक जा रही है उसके थोड़ी दूर पर पीपल, आम और नीम लगा सकते हैं।
आम पित्त नाशक होता है और इसे लगाने से उचित दूर और दिशा में लगाने से सकारात्मकता का माहौल बनता है।
उचित दिशा और दूरी पर आम का पौधा लगाने से व्यक्ति की प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है और धन संपत्ति में इजाफा होता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां⚜️
यदि आप सपने में किसी और को निर्वस्त्र देखते हैं तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह सपना एक बहुत ही शुभ सपना माना जाता है। यह सपना बताता है कि आने वाले समय में आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव होने वाला है। जो आपको आपके जीवन में सकारात्मक परिणाम देगा। इसलिए सपने में किसी और को निर्वस्त्र देखना भी एक अच्छा सपना माना जाता है।
अगर आप सपने में किसी स्त्री को निर्वस्त्र देखते हैं तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह सपना एक अशुभ सपना माना जाता है। इस सपने के अनुसार आने वाले समय में आपको कई प्रकार के कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय में आपको मान हानि का सामना भी करना पड़ सकता है। इसके अलावा यह सपना धनहानि का भी संकेत देता है।
यदि आप किसी पुरुष को निर्वस्त्र देखते हैं तो स्वप्न शासत्र के अनुसार यह सपना भी एक अच्छा सपना नहीं माना जाता। यदि कोई स्त्री इस प्रकार का सपना देखती है तो उसके अंदर विलासिता बढ़ सकती है।वहीं यदि कोई पुरुष इस प्रकार का कोई सपना देखता है तो उसे आने वाले समय में धनहानि का सामना करना पड़ सकता है।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
दांत हमारे शरीर का बेहद ज़रूरी हिस्सा है। दांतों की सही ढंग से देखभाल न करने पर उसमें कीड़े लग जाते हैं। कैविटी होने पर दांत काले और अंदर से खोखले हो जाते हैं और फिर मुहं से भयंकर बदबू आने लगती है। जिसकी वजह से लोग अक्सर शर्मिंदा होते हैं। समय रहते अगर कैविटी का इलाज न किया जाए तो दांत सड़ भी सकते हैं। आज हम इस समस्या से निजात दिलाने के लिए आपको ऐसे हर्बल पाउडर के बारे में बताते हैं, जिसे आप आसानी से घर पर भी तैयार कर सकते हैं।
ऐसे बनाएं हर्बल पाउडर दांतों को मजबूत बाने के लिए और सड़न से छुटकारा पाने के लिए आप सूखी नीम की पत्तियों का पाउडर, दालचीनी पाउडर, लौंग का पाउडर और मुलेठी का पाउडर बराबर मात्रा में लें। इन सभी पाउडर को आपस में मिक्स कर दें, आपका टूथ हर्बल पाउडर तैयार है। अब रोज़ाना सुबह शाम टूथ ब्रश पर इस पाउडर को लगाकर आप दांतों की सफाई करें। ऐसा करने से आपके दांतों का सड़ना रुक जाएगा। यह पाउडर आपको दांतों से जमे हुए पायरिया को निकालने में मदद करता है और साथ ही ये पाउडर मुंह से आने वाले बदबू को पूरी तरह दूर करता है। इससे दांतों की सड़न से छुटकारा मिलता है और जमा हुआ पायरिया निकलने में मदद मिलती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
राजनीति बल्कि समाज के हर विषय का भी गहन ज्ञान और अंतर्दृष्टि थी। हमनें कई ऐसी बातें बताई गई हैं, जिसका अगर व्यक्ति ने अनुसरण किया तो वह कभी भी निराश नहीं रहता। मनुष्य को जीवन में अपने दुश्मनों की पहचान आनी चाहिए। हमारे आसपास कुछ ऐसे लोग भी रहते हैं, जो दुश्मन से भी खतरनाक होते हैं। आइए जानते हैं ऐसे कौन से लोग हैं जिनसे दूरी बनानी आवश्यक है।
मतलबी इंसानों से बनाएं दूरी बनाए शास्त्र नीति के अनुसार मतलबी लोग कभी आपका भला नहीं करेंगे। इस तरह के लोग आपसे मतलब सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए रखेंगे। ऐसा व्यक्ति जीवन में अपने लाभ के अलावा किसी भी बात का विचार नहीं करता है। ऐसे लोग अपने स्वार्थ के लिए दूसरों को दुःख देने से भी नहीं हिचकते। इसलिए ऐसे लोगों से दूर रहने में ही भलाई है।
जलनखोर लोग से कभी भी सहायता न मांगे शास्त्र के अनुसार जो व्यक्ति लालची और जलनखोर होते हैं वह दूसरों की तरक्की देखकर जलते हैं। ऐसे लोगों से आप भूलकर भी कभी कोई मदद नहीं मांगना चाहिए। ऐसे लोग जलन के नशे में आप को बर्बाद करने से पीछे नहीं हटेंगे। ऐसे लोग ऊपर से दिखाएंगे कि वह आपकी मदद कर रही हैं लेकिन अंदर ही अंदर आपके काम को खराब करने का प्रयास करेंगे। इसलिए ऐसे लोगों की जीवन में कभी मदद नहीं लेनी चाहिए।
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार जिन लोगों में गुस्सा भरा होता है, ऐसे लोग किसी के सगे नहीं होते। ऐसे लोगों से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ऐसे लोग अपनी इच्छा पूर्ति के लिए दूसरे को हमेशा नुकसान पहुंचाते हैं। उन्हें ऐसा करने से खुशी मिलती है। ऐसे लोगों की दुश्मनी भी ठीक नहीं है।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भीकि एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों क अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।



