मध्य प्रदेश

पुलिस के संरक्षण में शराब बिकने से जनप्रतिनिधी त्रस्त, पुलिस वसूली में मस्त

रिपोर्टर : राजेन्द्र सिंह
पाटन । जिला मुख्यालय की पाटन तहसील कृषि प्रधान है इसलिए प्रदेश में इसे मिनी पंजाब के नाम से जाना जाता है। तहसील के नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों की युवा पीढ़ी नशे का आदी बन गया है। पंजाब की तर्ज पर शराब, गांजा इसके साथ ही नशीले इंजेक्शन लेने उतारू है। नगर में जगह जगह अंडे के ठेलों में, नगर के आस पास अवैध शराब होटल ढाबो में बिक रही है। पुलिस की कार्यप्रणाली से पाटन तहसील के जनप्रतिनिधी भी त्रस्त है। वही ग्रामीण क्षेत्रों की 83 ग्राम पंचायत के लगभग सभी ग्रामों में अवैध शराब बिक रही है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि पाटन पुलिस की लचर कानून व्यवस्था के कारण जगह जगह अवैध शराब बिक रही है। पेट्रोलिंग के नाम पर पुलिस अपना हाप्ता वसूली करने गांव में आती है। नशे के कारण गांव में आय दिन विवाद होते रहते है। नशे की लत के कारण घरों की माताएं, बहनें, बड़े बुजुर्ग छोटे बच्चे सभी परेशान है। मदिरा शौकीन लोगों का कहना है हमको अपनी शराब लेने पाटन नहीं जाना पड़ता शराब संचालक द्वारा हमारे गांव में ही उनके द्वारा माल सप्लाई किया जाता है।

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