आज का पंचांग शनिवार, 17 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••• ✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 17 दिसम्बर 2022
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – नवमी 22:52 PM बजे तक उपरान्त दशमी तिथि है।
🖍️ तिथि स्वामी : नवमी (नौमी) की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है तथा हर क्षेत्र में सदा विजयी प्राप्त करता है। यह उग्र अर्थात आक्रामकता देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र : उत्तराफाल्गुनी – 09:18 ए एम तक हस्त
🪐 नक्षत्र स्वामी: उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र बारहवाँ हैं वहीं इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है।
🔊 योग : आयुष्मान् – 07:35 ए एम तक सौभाग्य – 06:48 ए एम, दिसम्बर 18 तक शोभन
⚡ प्रथम करण : तैतिल – 03:27 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : गर – 03:41 ए एम, दिसम्बर 18 तक वणिज
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🔥 गुलीक काल : (शुभ समय) शनिवार – प्रातः6 से 7.30 बजे तक।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:52
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:26
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:18 ए एम से 06:13 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:45 ए एम से 07:07 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:38 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:00 पी एम से 02:42 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:17 पी एम से 05:41 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:27 पी एम से 06:49 पी एम
💧 अमृत काल : 04:03 ए एम, दिसम्बर 18 से 05:43 ए एम, दिसम्बर 18
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:50 पी एम से 12:45 ए एम, दिसम्बर 18
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-जरूरतमंदों को काला कंबल दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – धनुर्मासारंभ, सौर पौष मास प्रारंभ/मलमास प्रारंभ (पंचांग भेद), राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी (भारत के अमर शहीद प्रसिद्ध क्रांतिकारी) शहीद दिवस, नूरजहां – मुग़ल सम्राट जहांगीर की पत्नी पुण्य तिथि, हरी देव जोशी राजनीतिज्ञ भारत जन्म दिवस
✍🏽 तिथि विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗼 Vastu tips 🗽
हिंदू धर्म में दही को पांच अमृत माना जाता है। ज्योतिषिय के मुताबिक जब भी किसी सफेद चीज को खाकर घर के बाहर निकला जाता है तो मन में एकाग्रता और पॉजिटिविटी बढ़ती है। जिससे किसी भी कार्य को अच्छे से किया जा सकता है। घर से निकलने के पहले दही खाने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। साथ ही हमारे मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। माना जाता है कि दही खाने से दिमाग तेजी से चलता है। यह भी माना जाता है कि अगर आपको किसी किसी तरह की परेशानी हो रही हो और समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें तो दही खा ले। इससे आपका मन शांत हो जाएगा। फिर आप किसी भी काम को आसानी से कर सकते है
सेहत के लिए फायदेमंद है दही और चीनी दही हमारे शरीर के लिए सुपरफूड की तरह है। दही को सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक दही खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। दही खाने से आंतों के अंदर के कई बुरे जीवाणु मर जाते हैं। कई दूसरी चीजों का खाने से आंतों में फूलन आ जाती है। दही, खाने को पचाने में मदद करने के साथ ही नैचरल लैक्सेटिव यानी खाने को मुलायम बनाने में भी मदद करता है। दूध से बनने वाली दही में कैल्शियम, विटमिन बी-2, बी-12, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे अहम विटमिन्स और मिनरल्स भी पाए जाते हैं।
⏯️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कम करें नमक सेवन नमक के बिना खाने का स्वाद फीका है। लेकिन नमक की अधिक मात्रा का शरीर के लिए जहर से कम नहीं है। इसलिए खाने में नमक का अधिक सेवन न करें। अगर आपको बल्ड प्रेशर की समस्या है तो सफेद नकम का सेवन कम करें। नमक के अधिक सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जोकि टेंशन का मुख्य कारण है।
भरपूर नींद लें कामकाज का बोझ इतना बढ़ गया है कि लोग रात-रात भर काम करते हैं और सुबह फिर नौकरी पर निकल जाते हैं। इससे नींद पूरी नहीं हो पाती है। स्ट्रेस को दूर रखने के लिए भरपूर नींद लेना बेहद जरूरी है। इसलिए रोजाना रात में 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें।
सोशल नेटवर्किंग बढ़ाएं छोटी फैमली और सीमित दोस्त होने के कारण लोग अपनी बातों को दूसरों के साथ शेयर नहीं कर पाते, जिससे स्ट्रेस बढ़ता है। इसलिए सोशल नेटवर्किंग बढ़ाएं और अच्छे दोस्त बनाएं। इससे आपका अकेलापन दूर होगा और तनाव भी।
🥒 आरोग्य संजीवनी 🍓
खराब ब्लड सर्कुलेशन के लक्षण-पीठ पर दाने पीठ पर दाने खराब ब्लड सर्कुलेशन की वजह से होता है। दरअसल, खराब ब्लड सर्कुलेशन होने से आपकी स्किन तक ऑक्सीजन का सर्कुलेशन से नहीं हो पाता है, स्किन पोर्स बंद होने लगते हैं और इस वजह से आपके पीठ पर दाने निकल आते हैं।
शरीर में झुनझुनी शरीर में झुनझुनी खराब ब्लड सर्कुलेशन का ही असर है। दरअसल, जब आपका ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं होता है तो नसें सो जाती हैं और इससे पैरों में झुनझुनी की समस्या बनी रहती है।
चेहरा पीला या नीला पड़ना खराब ब्लड सर्कुलेशन की वजह से आपका चेहरा पीला या नीला पड़ सकता है। दरअसल, ये ऑक्सीजन की कमी के कारण हो सकती है जिससे आपके ब्लड वेसेल्स नीले पड़ जाते हैं।
पैरों में सूजन पैरों में सूजन भी खराब ब्लड सर्कुलेशन का ही लक्षण है। दरअसल, जब ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं होता है तो पैरों के आस-पास आकर ठहर जाता है और तब ये एक प्रेशर क्रिएट करता है जिस वजह से पैरों में सूजन आ जाती है। इसलिए आपको अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुंरत अपने डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं।
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
हमने अपने शास्त्र में जीवन के कई पहलुओं पर प्रकाश डाला है। यदि कोई नैतिकता में निर्धारित नीतियों का पालन करता है, तो जीवन में कोई कठिनाई नहीं आएगी। इसलिए लोग हमेशा नैतिकता के बारे में उत्सुक रहे हैं। कई नैतिकता के अनुसार कार्य करने की कोशिश करते हैं। आचार्य श्री गोपी राम ने पुरुषों और महिलाओं के बारे में कुछ बातें कही हैं। जैसे स्त्री-पुरुषों को अपना रहस्य कभी भी किसी के सामने नहीं बताना चाहिए अन्यथा भविष्य में हानि हो सकती है। आइए जानते हैं क्या हैं ये चीजें।
शास्त्र के अनुसार शादी के बाद स्त्री और पुरुष को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। एक दूसरे की कमियों पर पर्दा डालना चाहिए। घर में कोई झगड़ा हो तो आपस में ही सुलझा लें। एक पुरुष या एक महिला किसी बाहरी व्यक्ति को अपने घर की चीजों के बारे में या एक दूसरे के चरित्र के बारे में बता सकते हैं। इसलिए वैवाहिक जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं। क्योंकि जातक इस रहस्य का लाभ उठाएगा और समय आने पर इसका मजाक उड़ाने से भी नहीं हिचकिचाएगा।
आर्थिक नुकसान अगर आपको कोई नुकसान होता है तो उसे कभी जाहिर न करें। क्योंकि दूसरे नुकसान पर दुख व्यक्त करेंगे लेकिन वास्तव में खुश होंगे। वे तुम्हारे पीठ पीछे तुम्हारी निन्दा भी करेंगे। समाज में सम्मान बनाए रखने के लिए धन हानि के बारे में किसी को न बताएं। नहीं तो लोग आपसे दूर हो जाएंगे।
हमारे कहने अनुसार यदि किसी ने आपका अपमान किया है या आपको ठेस पहुंचाई है तो किसी को न बताएं। क्योंकि जिस व्यक्ति को आप यह कहानी सुनाने जा रहे हैं, हो सकता है कि वह आपके बारे में कुछ अलग ही सोचे। इसलिए अपमान के बारे में किसी को न बताएं, चाहे वह पति हो या पत्नी
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार महिलाओं में अक्सर अपनी बीमारियों को छुपाने की आदत होती है। अस्वस्थ होने पर भी वह अपने पति या परिवार के सामने इस बात का जिक्र नहीं होने देतीं, खुद तनाव का सामना करती रहती हैं, जिसका उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। लंबे समय तक सही इलाज के अभाव में महिलाओं को बीमारियां जकड़ लेती हैं, जिससे न केवल वे खुद परेशान होती हैं, बल्कि परिवार को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।

