मध्य प्रदेश

अस्पतालों में नहीं सुरक्षित शासकीय डाक्टर, प्रशासनिक सेवा राम भरोसे 

रिपोर्टर : मनीष श्रीवास
सिहोरा । जबलपुर जिले की सीमाओं से जुड़ी स्वास्थ्य सेवा एवं इन दिनो अधिक चर्चाओं में हैं जहा संबिदा कर्मचारीगण विगत एक सप्ताह से अधिक समय से अपने अधिकार को लेकर अनिश्चित कालीन धरने पर 32000 हजार स्वास्थ्य सेवा कर्मचारी बैठे हुयें हैं । वही ओपीडी से लेकर जाँच करने वाले ड्राक्टर की सुरक्षा को लेकर प्रश्न चिन्ह लग रहा है । अब सवाल उठता है कि क्या राज्य सरकार या स्वास्थ्य मंत्री किसी बड़ी दुर्घटना या लोगों के जीवन के साथ बड़ी घटना का इन्तजार कर रहे हैं । 
दो दिन पहले हुई घटना को लेकर सिहोरा क्षेत्र तरह तरह की चर्चा- सिहोरा क्षेत्र के शासकीय सिविल अस्पताल में दिन बुधवार 22 दी दिसम्बर 2022 को सुबह 11 बजे से 2 बजे के दौरान 17 वर्षीय युवक के में कच्चा प्लास्टर बाधा हुआ सिहोरा ओपीडी के माध्यम के आये मरीज को इलाज हेतु हड्डी रोग विशेषग डॉ. चिन्मय कुमार एमबीबीएस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के द्वारा आफ़ ड्यूटी में भी उस मरीज का ईलाज करने के लिए गये जहा उस युवक के पेर में टाके लगने से कारण कच्चा प्लास्टर बाधा गया था । युवक के साथ आये हुये अन्य साथीगण ने पक्के प्लास्टर की मांग रखी । पर डाक्टर की ड्यूटी न होने और अस्पताल में सामाग्री न उप्लब्ध न होने के कारण उन्होँने मरीज के साथ आये सदस्यों को बाहर मेडिकल दवाई की दुकान से लाने को कहा और इस बात को लेकर उपस्थित ड्रॉ के साथ अपशब्दो व विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई । वही इस घटना को लेकर जाँच करने की मांग सिहोरा अस्पताल के स्टाप एवं स्थानीय लोगों ने की हैं । जिससे फिर कभी किसी के साथ एसी घटना न घटित हो । 
घटित हुई घटना को लेकर उच्च स्तरीय चिकित्सा अधिकारी डॉ एवं अनुविभगीय अधिकारी आशीष पान्डे से हुई बात ।
पीड़ित डाक्टर ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

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