Car के पेट्रोल टैंक की क्षमता 50 लीटर की है, और उसमें 57.43 लीटर पेट्रोल भर दिया, Petrol Pump सील
जबलपुर हाईकोर्ट के जज साहब की गाड़ी
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों का हाईकोर्ट जज से पंगा लेना भारी पड़ गया. दरअसल, जज साहब की गाड़ी पेट्रोल डलवाने के लिए पंप पर रुकी थी.
इस दौरान कर्मचारियों ने 57 लीटर पेट्रोल गाड़ी के टैंक में भर दिया. ये सुन जज साहब भी हैरत में पड़ गए कि 50 लीटर के टैंक में 57 लीटर पेट्रोल कैसे आ गया? बस फिर क्या था, जज साहब ने मिनटों में पेट्रोल पंप को सील करवा दिया और जांच बैठा दी.
कैसे पकड़ में तेल की इतनी चोरी
पूरा मामला मंगलवार की रात का है. हाईकोर्ट के जज साहब कार में पेट्रोल भरवाने पहुंचे.उन्होंने पंप कर्मचारी से टैंक फुल करने को कहा। जज साहब ने पेट्रोल भरवाने के बाद कर्मचारी को ऑनलाइन पेमेंट कर दिया । इसके बाद जब बिल लिया तो इसमें राशि और पेट्रोल की मात्रा का खुलासा हुआ. तब जज साहब का माथा ठनक गया. उन्हें आश्चर्य हुआ कि जिस कार के पेट्रोल टैंक की क्षमता 50 लीटर की है, उसमें 57.43 लीटर पेट्रोल कैसे भर दिया गया? जबकि उनकी कार में पहले से ही पांच-सात लीटर पेट्रोल था. उन्होंने इस गड़बड़ी और धोखाधड़ी से तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया। आनन-फानन में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. देर रात पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया।
पहले से ही बदनाम है पेट्रोल पंप का मालिक
यहां बता दें कि नार्थ सिविल लाइन स्थित सरबजीत सिंह मोखा के सिटी फ्यूल सेंटर में यह धोखाधड़ी की जा रही थी। मोखा का सिटी हॉस्पिटल नाम से निजी अस्पताल भी है, वहां कोरोना काल में मरीजों को नकली रेमडीसीवीर इंजेक्शन लगाने का बड़ा मामला पकड़ा गया था। इस मामले में सरबजीत सिंह मोखा फिलहाल जमानत पर बाहर चल रहा है।
बताते है कि 10 से 12 लीटर की पेट्रोल चोरी ने खुद हाई कोर्ट जज को चौंका दिया. उन्होंने अधिकारियों को यह कहते हुए फटकार भी लगाई कि रोजाना हजारों लोगों को इस प्रकार लूटा जा रहा है। यह पेट्रोल पंप कलेक्ट्रेट से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है.रात में ही फूड कंट्रोलर कमलेश तांडेकर और पुलिस के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और पेट्रोल पंप को सील किया गया।
इस संबंध में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक कमलेश तांडेकर का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली थी कि पेट्रोल पंप पर कम मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। तत्काल ही नापतौल विभाग की टीम को लेकर जांच की गई. इसमें शिकायत सही पाई गई. इसके बाद पेट्रोल पंप को सील किया गया । रात करीब 1 बजे तक चली कार्रवाई में पंप के सभी छह नोजल की जांच की गई।



