ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 10 फरवरी 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 10 फरवरी 2023

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – चतुर्थी 05:30 AM बजे तक उपरान्त पञ्चमीं तिथि है।
✏️ तिथि स्वामीः- पंचमी तिथि के स्वामी नागदेवता हैं तथा षष्ठी तिथि के स्वामी कार्तिकेय जी हैं।
💫 नक्षत्र – हस्त 21:26 PM तक उपरान्त चित्रा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है।नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता आदित्य है।
📢 योग – धृति 14:32 PM तक उपरान्त शूल योग है।
प्रथम करण : बालव – 07:58 ए एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 08:36 पी एम तक
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : शुक्रवार का (अशुभ) गुलिक काल 08:27 ए एम से 09:50 ए एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:29:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:31:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:20 ए एम से 06:12 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:46 ए एम से 07:04 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:26 पी एम से 03:10 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:05 पी एम से 06:31 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:07 पी एम से 07:25 पी एम
💧 अमृत काल : 05:50 पी एम से 07:34 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 11 से 01:01 ए एम, फरवरी 11
☄️ धृति योग- आज शाम 4 बजकर 45 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♂️ आज का उपाय-किसी विप्र को श्वेत वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – दिल्ली भारत की राजधानी स्थापना दिवस, विश्व दलहन दिवस, हिन्दी कवि सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ पुण्य तिथि, लेखक सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव जन्म दिवस, क्रांतिकारी सोहनलाल पाठक शहिद दिवस, पुणे विश्वविद्यालय स्थापना दिवस, राजनीतिज्ञ दरबारा सिंह जन्म दिवस, हिमाचल न्यूज़ रिसर्च डेस्क दिवस, राष्ट्रीय डीवॉर्मिंग (कृमिरोधी) दिवस, वन अग्नि सुरक्षा दिवस (सप्ताह), टेड्डी डे (वेलेंटाइन वीक)
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
इन बातों का रखें खास ख्याल
दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके गाड़ी पार्क नहीं करना चाहिए। यदि पार्किंग में ज्यादातार वक्त आपकी गाड़ी दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके खड़ी रहती है तो ऐसे वाहन में सफर करने पर सफलता नहीं मिलती। वाहन में ही नकारात्मक रहती है।
बिजनेस से जुड़े लोगों को अपना वाहन उत्तर दिशा की ओर मुंह करके पार्क करना चाहिए। इससे वे न केवल अपने बिजनेस पर अच्छा फोकस कर पाएंगे बल्कि उसमें सफलता मिलने में भी संदेह नहीं रहेगा।
पार्किंग एरिया की छत का ढाल पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए।
इसी तरह पार्किंग एरिया की फ्लोर का ढाल भी पूर्व या उत्तर की ओर होना शुभ होता है।
हिंसक जानवरों की तस्वीरें ना लगाएं
पार्किंग एरिया में अंधेरा न रखें।
सुरक्षित सफर के लिए कार के डेश बोर्ड पर अपने किसी ईष्ट देव की प्रतिमा लगाई जा सकती है।
वास्तु के अनुसार बना हुआ 2, 3 इंच का वास्तु पिरामिड डेशबोर्ड पर जरूर लगाएं।
कार के अंदर गुलाब या चमेली का एयर फ्रेशनर लगाएं।
कार के ग्लास पर हिंसक जानवरों की तस्वीरें, डरावनी तस्वीरें आदि ना लगाएं।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पेशाब से बदबू आने के कई कारण होते हैं जैसे चाय-कॉफी का अधिक सेवन करना, कम पानी पीना, डिहाइड्रेशन की वजह से भी पेशाब में बदबू आने लगती है।
होम्योपैथिक में यूरीन से तभी ज्यादा बदबू आती है जब बॉडी से एसिड बॉडी से बाहर नहीं निकल पाते हैं। कुछ बीमारियों जैसे डायबिटीज की बीमारी में और दवाईयों का अधिक सेवन करने से भी पेशाब से बदबू आती है।
महिलाओं के पेशाब में कभी-कभी अमोनिया की बदबू आना सामान्‍य है लेकिन जब लगातार कई दिनों तक ऐसी स्थिति बनी रहे तो कई बीमारियों के सं‍केत हो सकते है। आइए जानते हैं कि पेशाब में बदबू आने के कौन-कौन से कारण हो सकते हैं।
🍶 आरोग्य संजीवनी 🫁
मुंह के कैंसर के शुरूआती लक्षण :-
खाना निगलने में कठिनाई मुंह के कैंसर को चबाने, निगलने, बोलने या जीभ को हिलाने में कठिनाई से भी जोड़ा जा सकता है. आपको गले में भोजन ना अटकने का एहसास हो सकता है. निगलने में कठिनाई होना मुंह के कैंसर का शुरूआती लक्षण माना जाता है.
छाले, सफेद और लाल धब्बे आपके मुंह के अंदर एक सफेद या लाल रंग का पैच होना खतरनाक हो सकता है. अगर आपके पास एंटिफंगल दवा है तो पैच कैंसर से जुड़े नहीं हैं और वे गायब हो जाते हैं. लेकिन लगातार ये पैच बनने पर डॉक्टर को जरूर दिखाए.
दांतों का टूटना दांतों के टूटने को भी मुंह के कैंसर के खतरे से जुड़ा बताया गया है. सिगरेट का उपयोग, शराब का सेवन, और दांतों के खराब होने के लक्षण को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है.
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सफलता हर कोई पाना चाहता है परंतु कैसे, कब, किस तरह उसे पाया जा सकता है इस बात से बहुत कम लोग ही वाकिफ हैं। सब चाहते हैं कि उन्हें बिना परिश्रम यानि बैठे-बैठे सफलता मिल जाए तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सफलता हासिल करने का रास्ता जानते तक नहीं। आचार्य श्री गोपी राम एक ऐसे विद्वान हैं जिन्होनें अपनी नीतियों के जरिए जनमानस को कईं बार प्रेरित किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें चाणक्य को महान नीतिकारों में गिना जाता है। इनकी नीतियों के माध्यम से व्यक्ति के लिए अपनी जीवन में से इस तरह की कई बाधाओं को पार कर पाना बेहद आसान हो जाता है। अपनी नीति सूत्र में इन्होंने मनुष्य जीवन से जुड़े हर पहलू के बारे में वर्णन किया है। तो आइए बिना देर किए आपको बताते हैं इनके द्वारा बताई ऐसी बातों के बारे में जिन्हें जानकर आप भी अपना जीवन सफल बना सकते हैं-
मूर्ख व्यक्ति से न करें ज्ञानपूर्वक बातें- जो व्यक्ति बात नहीं समझता या सुनना नहीं चाहता, उससे ज्ञान की बाते करना व्यर्थ है। इस तरह के लोगों के साथ उलझने से समय की बर्बादी होती है तथा वाद-विवाद की स्थिति भी बन जाती है। ऐसे लोगों से दूर रहने में ही भलाई है।
सदैव करें ईश्वर की भक्ति- ईश्वर भक्ति का हमारे जीवन में एक अलग ही महत्व है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि ईश्वर पर भरोसा रखने वाला व्यक्ति कभी असफलता को प्राप्त नहीं करता बल्कि हर कार्य में निपुणता से सफल होता है। अतः सफलता की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को हमेशा भगवान पर भरोसा बनाए रखना चाहिए साथ ही साथ कर्म करते रहना चाहिए।
समझें ज्ञान का महत्व- शास्त्र के अनुसार सफल होना चाहते हैं तो ज्ञानी बनना आवश्यक है। जीवन में अगर ज्ञान नहीं तो कुछ भी हासिल नहीं कर पाओगे। ज्ञानी मनुष्य को न केवल घर में बल्कि समाज में भी बहुत सम्मान मिलता है और ऐसे व्यक्ति बेहद जल्द तरक्की की राह पर चलकर सफलता को प्राप्त करते हैं।
दान करना है धर्म का काम- आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि अगर आप पुण्य कमाना चाहते हैं तो दान करना बेहद जरूरी है। जो इंसान बिना किसी स्वार्थ के दान करता है उसके घर में बरकत बनी रहती है। साथ ही साथ ऐसा करने से गरीबी से तथा पापों से भी मुक्ति मिलती है। परंतु ध्यान रखें अपनी क्षमता से बढ़कर कभी दान नहीं करना चाहिए।
कर्म से ही जाने जाता है इंसान- कहा जाता है कि कोई भी व्यक्ति अपने कर्मों से जाना जाता है और कर्म से ही सुख और दुख की प्राप्ति होती है। चाणक्य जी का कहना है कि हमें हमेशा दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। ताकि भविष्य में हमें कभी अपने बुरे व्यवहार व दुष्कर्मों की वजह से कष्ट न भोगना पड़े।
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⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

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