Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 14 फरवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 14 फरवरी 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन माह
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – अष्टमी 03:39 AM बजे तक उपरान्त नवमी तिथि है।
✏️ तिथि स्वामी – नवमी तिथि के स्वामी दुर्गा माता जी है।इस तिथि के देवता हैं यमराज।
💫 नक्षत्र – अनुराधा 21:09 PM तक उपरान्त ज्येष्ठा नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है।
🔊 योग – ध्रुव 08:07 AM तक उपरान्त व्याघात योग है।
⚡ प्रथम करण : कौलव – 09:04 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – तैतिल – 08:27 पी एम तक
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ ) काल 12:35 पी एम से 01:59 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:00 बजे से 16:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:26:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:34:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:18 ए एम से 06:09 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:44 ए एम से 07:01 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:27 पी एम से 03:12 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:08 पी एम से 06:34 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:10 पी एम से 07:27 पी एम
💧 अमृत काल : 03:52 पी एम से 05:26 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 15 से 01:01 ए एम, फरवरी 15
☄️ ध्रुव योग – आज दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में लाल ध्वजा चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – माता शबरी जयंती/ सीताष्टमी/सौर फाल्गुन मास प्रारंभ, श्रद्धांजलि दिवस, मां जानकी जयंती, मातृ – पितृ पूजन दिवस, पुलवामा हमला, सुषमा स्वराज का जन्म दिवस, मुग़ल सम्राट बाबर जन्मोत्सव, अभिनेत्री ‘मधुबाला’ जन्म दिवस, शहरी भूमि सीमा विनियमन अधिनियम लागू दिवस, मुस्लिम दार्शनिक “सैयद ज़फ़रुल” हसन जन्म दिवस, प्रसिद्ध साहित्यकार डाक्टर विद्यानिवास मिश्र पुण्य तिथि, अर्थशास्त्री बी.बी. भट्टाचार्य पुण्य तिथि, उत्पादकता सप्ताह, वैलेंटाइन दिवस, मूल प्रारंभ
✍🏼 तिथि विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
रसोई से जुड़े वास्तु नियम—
वास्तुशास्त्र के अनुसार घर की हर एक चीज़ का उचित दिशा और स्थान में होना बेहद जरूरी होता है, मान्यता है कि सही दिशा में अगर घर की रसोई बनी होती है तो इससे परिवार वालों की सेहत बेहतर रहती है वही अगर रसोई गलत दिशा और स्थान पर है तो कई परेशानियां का सामना करना पड़ सकता है और इससे वास्तुदोष भी उत्पन्न हो सकता है। घर की दक्षिण पश्चिम दिशा में रसोई का निर्माण भूलकर भी नहीं करवाना चाहिए। इससे घर में वास्तुदोष उत्पन्न होता है। साथ साथ धन खर्च में भी वृद्धि होती है और पति पत्नी के रिश्तों में भी तनाव व मनमुटाव पैदा होने लगता है।
रसोई घर में भूलकर भी मंदिर नहीं बनवाना चाहिए इससे घर में वास्तुदोष पैदा होता है। रसोई में चूल्हे को हमेशा ही पूर्व उत्तर दिशा में ही रखना चाहिए इसके अलावा भोजन बनाते वक्त घर की महिलाओं का मुख भी उत्तर या पूर्व दिशा में ही होना चाहिए इसे अच्छा माना जाता है। वास्तु की मानें तो रसोई में अधिक समय के लिए जूठे बर्तन नहीं रखने चाहिए इससे माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है और व्यक्ति को धन की कमी का सामना करना पड़ता है।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर घर में किसी को बुरी नजर लगी है जिसके कारण व्यक्ति बीमार रहता है तो ऐसे में आप पीड़ित के सिर से पैर तक सात बार नींबू उतारें और इसके चार टुकड़ें करके इसे किसी सुनसान जगह पर फेंक दें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि नींबू फेंकने के बाद पीछे मुड़कर न दें। मान्यता है कि ऐसा करने से नजर दोष दूर हो जाता है।
अगर आप व्यापार में खूब तरक्की और धन कमाना चाहते है तो इसके लिए रविवार के दिन पांच नीबू काटकर अपने कार्यस्थल पर रख दें। इसके साथ ही थोड़ी काली मिर्च और एक मुट्ठी पीली सरसों भी रख दें। फिर अगले दिन सुबह उठकर ये सारी चीजों को किसी सुनसान स्थान पर रख आए। मान्यता है कि इस उपाय को करने से आपको बिजनेस में मन मुताबिक तरक्की जरूर मिलेगी।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
पेट के एसिड को बूस्ट करें पेट में एसिड कम होने से डकार, गैस, हार्टबर्न, सिरदर्द और थकान होती है. सुबह एक गिलास पानी में नींबू की कुछ बूंदे और एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर पिएं. ये ड्रिंक शरीर के लिए हेल्दी होता है. बस याद रहे कि एप्पल साइडर विनेगर का सेवन कम मात्रा में करें।
हाइड्रेटेड रहना भोजन को बेहतर ढंग से पचाने के लिए आपके पूरे पेट में हेल्द मसल्स की आवश्यकता होती है. इसके लिए हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है जो म्यूकोसल लिनिंग की सेहत में मदद करता है और उचित पाचन के लिए छोटी आंतों के बैक्टीरिया का समर्थन करता है. इससे कब्ज की समस्या भी नहीं होती है।
प्रोसेस्ड फूड कम करें प्रोसेस्ड फूड पाचन तंत्र के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होते हैं. इनमें फाइबर की मात्रा कम होती है जो खाने के पाचन को मुश्किल बना सकती है और एसिडिटी जैसी पेट की समस्याओं को बढ़ा सकती है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
सनातन धर्म में कई सारे रीति रिवाज और परंपराएं है जिनका पालन हर व्यक्ति अपनी इच्छा अनुसार करता है हिंदू शास्त्रों में पत्नी और महिलाओं का स्थान बाईं ओर बताया गया है किसी भी पूजा पाठ, धार्मिक कार्यक्रम या फिर अनुष्ठान में महिलाएं अपने पति की बाई ओर ही बैठती है, जिसको लेकर अधिकतर लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि कैसा क्यों होता है आखिर क्यों महिलाओं को धार्मिक अनुष्ठान आदि में पति के बाईं ओर बैठाया जाता है अगर आपके मन में भी ये प्रश्न चल रहा है तो ये लेख आपके लिए ही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव शंकर के बाएं अंग से स्त्री की उत्पत्ति मानी जाती है जिसका प्रतीक शिव का अर्धनारीश्वर शरीर है यही वजह है कि महिलाओं को शास्त्रों में वामंगी यानी बाएं अंग का अधिकार कहा गया है।
वामंगी होने के बावजूद शास्त्रों में यह भी वर्णन मिलता है कि कुछ कामों में महिलाओं को दायीं ओर रहना चाहिए। कहा जाता है कि पत्नी पति की वामंगी होती है इसलिए सिंदूरदान के समय, आशीर्वाद लेते वक्त, भोजन करते समय और बिस्तर में बाई ओर सोने को उचित बताया गया है।
मान्यता है कि ऐसा करने से शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है और साथ ही साथ ईश्वर की भी विशेष कृपा व आशीर्वाद मिलता है लेकिन अगर ऐसा करना आप भूल गए है तो इसके लिए भगवान से क्षम प्रार्थना जरूर करनी चाहिए। वही बाईं ओर अधिकार मिलने के बाद भी शास्त्रों में महिलाओं को कुछ कार्यों और स्थान पर दायी ओर रहने के लिए कहा गया है जिसमें कन्यादान, यज्ञकर्म, जातकर्म, विवाह के समय, नामकरण में और अन्न प्राशन के वक्त भी महिलाओं को दायीं ओर ही बैठने के लिए बताया गया है इसे उचित माना जाता है।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।

