पदस्थ डॉक्टर नही आते, वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी रहस्यमय, इलाज के लिए भटक रहे हैं मरीज
शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरझामर बना चारागाह,
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । चारागाह बना शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरझामर अपने मूल उद्देश्यों से भटक कर औपचारिकता मात्र रह गया है वेतन भोगी 4-4 डॉक्टरों की पदस्थापना वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरझामर के हाल अहवाल बड़े विपरीत बने हुए हैं डॉक्टरों की अनियमितताओं लापरवाही मनमानी के चलते इसका सीधा असर इसकी व्यवस्था और मरीजों पर पड़ रहा है बिना भगवान के मंदिर में भक्तों का क्या काम, कुछ इस तरह की स्थिति यहां के अस्पताल के है जो हाल फिलहाल प्रसूतिका गृह मात्र बन कर रह गई है अस्पताल में डॉक्टरों की अनियमितताओं के चलते अब मरीज भी किनारा करने लगे हैं मजबूरी का नाम महात्मा गांधी, कुछ इस तरह के मरीज ही अस्पताल पहुंच रहे हैं चौपट अस्पताल प्रबंधन को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की कुंभकरण निद्रा और चुप्पी रहस्यमयी बनी हुई है मरीजों को आम जनता की व्यापक मांग को देखते हुए अस्पताल व्यवस्था की ओर वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया लेकिन अभी तक उचित कार्यवाही नहीं होने के कारण अस्पताल की हालत ज्यों की त्यों बनी हुई है लोगों का कहना है कि जब गौरझामर में शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में शासन व संबंधित अधिकारी व्यवस्था नहीं बना सकते तो इसे खोला ही क्यों, यहां एमबीबीएस डॉक्टर आयुर्वेद डॉक्टरों की नियुक्ति होने के बावजूद भी पोस्टमार्टम, एमएलसी क्यों नहीं होते, परिवार नियोजन शिविर, विकलांग शिविर, नेत्र शिविर, स्लाइटो की जांच, मरीजों की जांच आदि के शिविर क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं विडंबना यह है कि गौरझामर में शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होते हुए और यहां चार चार डाक्टरों की नियुक्ति होने के बाबजूद भी मरीज इलाज के लिए यहां-वहां भटक कर नीम हकीमों से इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सरकार होते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की इस प्रकार की धज्जियां उड़ रही हैं जिससे जनता बेहद परेशानी अनुभव कर रही है। सरकार आखिर कर क्या रही है शासन प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस तरफ शीघ्र ध्यान दें जिससे अस्पताल के प्रति मरीजों का आकर्षण पुनः बढ़ सके व वह अपना इलाज ठीक से करा सके। बता दें कि गौरझामर की आबादी करीब 30 हजार के लगभग है और इससे लगे हुए करीब 2 दर्जन से अधिक गांव जो बिल्कुल गौरझामर के नजदीकी हैं उनका भी शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपचार क्षेत्र में आता है ।



