मध्य प्रदेश

स्टेनोग्राफी के साथ ट्रेड के शिक्षक नही, विद्यार्थियों की पढ़ाई ठप्प

रिपोर्टर : प्रशांत जोशी
देवरी । रायसेन जिले की सबसे बड़ी आईटीआई में आठ माह से कोई भी स्टेनोग्राफी के ट्रेड में पढ़ाने वाला शिक्षक नहीं है जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई ठप पड़ी है संस्थान में स्टेनोग्राफी ट्रेड में 24 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है लेकिन पढ़ाई नहीं होने से वे परेशान है विद्यार्थियों का कहना है कि स्टेनोग्राफी पढ़ाने के लिए कम से कम अतिथि शिक्षक तो रखना था ताकि हमारा कोर्स पूरा हो जाता। आज स्थिति यह है कि पूरा वर्ष गुजरने वाला है लेकिन पढ़ाई शुरू नहीं हुई मजबूरी में कुछ विद्यार्थी पुराने विद्यार्थियों से कोचिंग ले रहे हैं इन ट्रेड में होते हैं दाखिले नगर में आईटीआई की स्थापना 1984 में कड़े संघर्षों के बाद हुई थी और यह रायसेन जिले की पहली आईटीआई थी जिसमें सभी ट्रेड की पढ़ाई की जाती थी पहले हर ट्रेड में शिक्षक मौजूद थे बाद में कुछ शिक्षक सेवानिवृत हो गए कुछ छोड़कर चले गए इस कारण आईटीआई में शिक्षण व्यवस्था ध्वस्त हो गई । वर्तमान में 10 ट्रेड है और उनके हिसाब से 20 शिक्षक होना अनिवार्य है परंतु अभी भी आईटीआई में 8 अतिथि शिक्षक पढ़ाई करवाते हैं यहां पर ड्राफ्ट मेन सिविल, स्टेनोग्राफी, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन फिटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, कोपा.मोटर, व्हीकल कटिंग और स्विंइग. मशीनिस्ट टर्नर जैसे ट्रेड में लगभग डेढ़ सौ विद्यार्थी दाखिल है। आईटीआई की स्थापना 1984 में नगर के प्राथमिक स्कूल भवन में हुई थी 2012 में अपने नए भवन में शिफ्ट हुई तब से लेकर आज तक लगभग 12 साल गुजर जाने के बाद भी आईटीआई भवन की पुताई नहीं हुई है करोड़ों रुपए की लागत से बना भवन देखने में खंडहर की तरह लगता है। डायरेक्टर की लापरवाही आईटीआई के जनरल डायरेक्टर डीएस ठाकुर भवन और इसमें व्यवस्थाओं से सरोकार नहीं रखते ना कभी किसी का फोन उठाते हैं इस बात की चर्चा है कि जनरल डायरेक्टर ठाकुर कभी भी कॉलेज पर ध्यान नहीं देते, लोगों ने उन्हें हटाने की मांग की है। काफी मशक्कत के बाद आईटीआई नगर को मिली थी लेकिन इसका हाल बेहाल है।
इस संबंध में आरडी अहिरवार प्रभारी प्राचार्य आईटीआई देवरी का कहना है कि आईटीआई का प्रभार मुझे अभी कुछ माह पहले मिला है स्टेनोग्राफी के अतिथि शिक्षक की भर्ती के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है आईटीआई भवन की पुताई के लिए 12 लाख रुपए का एस्टीमेट भेजा है मंजूर होता है तो भवन की मरम्मत करवाएंगे।

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