कैदी का जेल में फांसी के फंदे से लटका मिला शव

परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
विदिशा। एमपी के विदिशा के जिला जेल में बंद 21 वर्षीय मोनू चौकसे ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कैदी के फांसी लगाने की सूचना पर पुलिस विभाग और जेल प्रशासन में हडकंप मच गया। जिसके बाद भोपाल केंद्रीय जेल के अधीक्षक भी जिला जेल पहुंचे। साथ ही फॉरेंसिक एक्सपोर्ट भी जिला जेल पहुंचकर तमाम सबूतों को जुटाने में जुट गए थे।
बताया गया कि मोनू ने जेल के शौचालय में गेट से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मोनू ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है। जिसमें चार लोगो पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया हैं। घटना की जानकारी परिजनों की दी गई। परिजनों ने जेल पर पहुंचकर जेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना था कि मोनू की सुसाइड नोट में जिन चार लोगों के नाम का जिक्र है। उन पर मामला दर्ज किया जाए और उनके खिलाफ में कड़ी कार्रवाई की जाए।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोहना खेजड़ा के मोनू पर 19 वर्षीय युवती के साथ दुराचार करने का मामला दर्ज हुआ था। जिसके मामले में मोनू जिला जेल में बंद था। बताया गया कि मई के पहले सप्ताह में युवती खुद ही विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में गर्भपात करने पहुंची थी।
उसके 10 दिन के बाद इस युवती को जहरीला पदार्थ खाने के चलते मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद परिजनों ने मोनू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जानकार बताते हैं कि यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ था। युवती के परिजन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विरोध में थे ।
युवती के परिजनों ने 15 मई को मामला दर्ज कराया था। पुलिस में 16 मई को मोनू को हिरासत में लिया था। मृतक मोनू के भाई मनीष ने युवती के परिजनों पर रूपया ऐंठने का आरोप भी लगाया परिजनों ने बताया कि मोनू पर लड़की के पिता ने मारपीट करने के साथ काफी दबाव बनाया था 10 से 15 लाख रुपए की मांग भी की गई थी। सामान्य परिवार होने के चलते यह राशि हम उन्हें नहीं दे सके। उसके बाद उन्होंने लड़की पर दबाव बनाकर थाने में बलात्कार की झूठी शिकायत दर्ज कर दी उसे जेल भेज दिया था ।
जिला अधीक्षक ने बताया कि आरोपी मोनू ने टॉयलेट में टेबल का फंदा बनाकर आत्महत्या की है। उसे पर 376 का मामला पंजीबद्धता मामला न्यायालय में चल रहा है, जिसके चलते इस मामले की जांच न्यायाधीश द्वारा की जा रही है।
केंद्रीय जेल भोपाल से भी जेल अधीक्षक मामले की जांच के लिए विदिशा पहुंचे हैं। इस घटनाक्रम को लेकर सीएसपी अतुल सिंह का कहना है कि मोनू चौकसे पर 376 का मामला था। जांच के बाद उसे जेल भेजा गया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मृतक ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। जिसकी जांच की जाएगी। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
मोनू दो भाई और दो बहने है। बड़ा भाई ग्राम पंचायत के जीआरएस है और उसकी शादी हो गई है उसके एक बच्ची है। मोनू में विदिशा से 12वीं तक की पढ़ाई की है। उसके बाद मोनू अपने पिता के काम संभालने लगा था। पिछले तीन चार साल से बह खेती बाड़ी देख रहा था ।



