मगरमच्छ का रेस्क्यूः मुर्गे को चारा बनाकर पिंजरे में फंसाया, बस्ती के समीप तालाब में आया था मगरमच्छ

दो दिन से आंख मिचौली खेल रहा मगरमच्छ पिंजरे में हुआ कैद
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
बनवार । जनपद पंचायत जबेरा की ग्राम पंचायत मुड़ारी बस्ती के समीप छोटे तालाब में बीते दो तीन दिन आंख मिचौली खेल रहे मगरमच्छ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में आज देर शाम कैद करने में सफल रहा। वन विभाग ने उसे पिंजरे में फंसाने के लिए चारे के तौर पर मुर्गा का मांस रखा था। लेकिन दोपहर 12 बजे से तालाब में रखे पिंजरे रखे मांस के टुकड़े खाकर मगरमच्छ पिंजरे से बाहर निकल जाता था क्योंकि पिंजरे में लगा ऑटोमेटिक लॉक का गेट मगरमच्छ के अंदर जाने के बाद भी नही लगता और मगरमच्छ पिंजरे के अंदर जाकर मांस खाकर बाहर निकल जाता था ऐसा मगरमच्छ ने दो बार किया लेकिन जब मगरमच्छ पिंजरे में कैद नहीं हुआ तो डिप्टी रेंजर नेक नारायण खरे ने पिंजरे के गेट पर एक रस्सी बांधकर तालाब से बहुत दूर गुप्त जगह में बैठ गए और जैसे ही मगरमच्छ मुर्गा के मांस के टुकड़े खाने के लिए तीसरी बार पिंजरे के अंदर गया और रस्सी खींचकर पिंजरे का गेट बंद कर दिया गया और आखिरकार मगरमच्छ पिंजरे में कैद हो गया। बता दें दो-तीन दिन से बस्ती के समीप छोटे तालाब में एक मगरमच्छ आ गया था जिसने पानी पीने गए एक बकरे पर भी हमला किया था इसके बाद लोगों में मगरमच्छ की दहशत बनी हुई थी और इसकी सूचना वन विभाग की टीम को दी गई थी इसके बाद मगरमच्छ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम के द्वारा रेस्क्यू अभियान के चलते तालाब के पास पिंजरा रखा गया था और 6 घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद आखिरकार मगरमच्छ पिंजरे में कैद हो गया डिप्टी रेंजर नेक नारायण खरीदने बताया तेज का रेंज के अंतर्गत मुड़ारी ग्राम के समीप एक छोटा तालाब में मगरमच्छ होने की सूचना पर मगरमच्छ को पकड़ने के लिए आज 12 बजे दोपहर में तालाब में पिंजरा रखा गया था लेकिन पिंजरे का ऑटोमेटिक गेट खराब होने की वजह से मगरमच्छ चारे के तौर पर पिंजरे में रखा मुर्गा का मांस का टुकड़ा खाकर दो बार बाहर निकल गया था जिसके बाद पिंजरे की गेट मैं रस्सी बांधकर पुनः पिंजरे के अंदर मुर्गा की मांस के टुकड़े रखे गए और जैसे ही तीसरी बार मगरमच्छ पिंजरा के अंदर घुसा तो गेट में बंधी रस्सी खींच दी गई और मगरमच्छ पिंजरे में कैद हो गया मुड़ारी बस्ती के समीप तालाब से पकड़ा गया मगरमच्छ को पुरानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के सिगोरगढ़ तालाब में छोड़ने के लिए टीम रवाना हो गई है।



