मध्य प्रदेश

श्रावण पर जमकर हुआ केमिकल युक्त रंगों और मिलावटी मावा से बनी मिठाईयों का विक्रय

मिष्ठान भंडार और होटल व्यवसासियों से अधिकारियों के मधुर संबंध होने से, आमजन की सेहत से हो रहा खिलवाड
रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली। भाई बहिन का पवित्र स्नेह का त्यौहार रक्षाबंधन सोमवार को नगर सहित क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। हालाकि भद्रा काल के चलते दोपहर 1 बजकर 35 मिनिट के बाद से राखियां बंधना शुरू हुईं, इस दौरान बहिनों ने भाईयों को तिलक लगाकर और आरती उतारकर राखी बांधकर रक्षा का वचन लिया। रक्षाबंधन के त्यौहार पर नगर में संचालित मिष्ठान भंडार और होटलों से बडी मात्रा में केमिकल युक्त रंगों और मिलावटी मावा से बनी मिठाईयों का जमकर विक्रय हुआ। वर्तमान में जबकि शुद्ध मावा के भाव 300 रूपये प्रतिकिलो चल रहे हैं ऐंसे में नगर के ज्यादातर मिष्ठान भंडारों और होटलों पर शुद्ध मावा से बनी मिठाईयों के नाम पर 200 रूपये प्रति किलो तक के भाव पर मिठाईयां बिकते हुऐ देखी गईं। सोचनीय और समझने वाली बात है कि जव शुद्ध मावा 300 रूपये मिल रहा हो तो फिर शुद्ध मावे से बनी मिठाईयां 200 रूपये किलो कैसे मिल जाऐंगी। लेकिन नगर के ज्यादातर मिष्ठान भंडारों और होटलों पर शुद्ध मावा से बनी मिठाईयों के नाम पर केमिकल युक्त रंगों और मिलावटी मावा से बनी मिठाईयों का जमकर विक्रय किया गया। जिन्हे खाकर लोग कई तरह की बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारो को इससे कोई सरोकार नहीं है।
सूत्रों की मानें तो नगर के ज्यादातर मिष्ठान भंडारों और होटल संचालकों से खाद्य एवं औषधि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मधुर और आर्थिक रूप से मजबूत संबंध हैं। जिसके चलते जिम्मेदार इन मिष्ठान भंडारों और होटल संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं करते या कहें कि कुछ भी करने के लिए इन्हे खुली छूट दे रखी है। अधिकारियों से संरक्षण प्राप्त यह मिष्ठान भंडार और होटल संचालक केमिकल युक्त रंगों और मिलावटी मावा से मिठाईयां बनाकर जमकर विक्रय करने में लगे हुऐ हैं। जो कि नागरिको के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। वहीं शुद्ध बेसन के नाम पर कुछ प्रतिबंधित अनाजों और चावल के आटा मिला मिलावटी बेसन से मिठाईयां बनाकर विक्रय कर रहे हैं। वहीं नमकीन की बात करें तो नमकीन में भी यह मिलावटी और नकली बेसन के साथ साथ कई घातक केमिकलों का इस्तेमाल कर नमकीन बनाकर बेंच रहे हैं, जो भी लोगों की सेहत के लिए घातक हैं लेकिन जव जिम्मेदार विभाग के गैर जिम्मेदार अधिकारियों का इन मिलावट खोरों को संरक्षण प्राप्त हो तो भला इन पर कार्रवाई कैसे होगी। और यह मिलावटखोर केमिकल युक्त रंगों और मिलावटी मावा से तरह तरह की रंगबिरंगी मिठाईयां बनाकर शुद्ध मावा की मिठाईयों के नाम पर विक्रय करने में लगे हुऐ हैँ, और जिम्मेदार अधिकारी अपनी जेबें भरने में,किसी को भी आमजन की सेहत से कोई सरोकार नहीं है।

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