धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 27 जनवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 27 जनवरी 2025
27 जनवरी 2025 दिन सोमवार माघ माह कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि आज सोमवार का अत्यंत शुभ प्रदोष व्रत है। इतने सारे शुभ योग तो जीवन में संयोग से ही प्राप्त हो पाते हैं। आज शिव पूजन में सफेद चंदन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ने से घर में सुख समृद्धि और अशांति दूर होती है। और जीने पुत्र प्राप्ति नहीं हो रही है उन्हें यह उपाय अवश्य करनी चाहिए। आप सभी सनातनियों को “प्रदोष व्रत एवं शिवरात्रि व्रत” की हार्दिक शुभकामनाएं।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सोमवार माघ माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि 08:35 PM तक उपरांत चतुर्दशी
✒️ तिथि स्वामी – त्रियोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी है त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी हैं। कामदेव प्रेम के देवता माने जाते है ।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 09:02 AM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी केतु है और राशि के स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति हैं।
⚜️ योग – हर्षण योग 01:57 AM तक, उसके बाद वज्र योग
प्रथम करण : गर – 08:49 ए एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 08:34 पी एम तक विष्टि
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:37:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:23:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:26 ए एम से 06:19 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:12 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:55 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:21 पी एम से 03:04 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:54 पी एम से 06:20 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:56 पी एम से 07:16 पी एम
💧 अमृत काल : 04:11 ए एम, जनवरी 28 से 05:47 ए एम, जनवरी 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जनवरी 28 से 01:00 ए एम, जनवरी 28
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-मंदिर में सफेद बताशे चढ़ाएं।
🌳 *वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार – यहूदी स्मृति दिवस, भारत के 8वें राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन स्मृति दिवस, भारतीय अभिनेता बॉबी देओल जन्म दिवस, भारतीय अभिनेता साबू दस्तगीर जन्म दिवस, बाबासाहेब अम्बेडकर की पत्नी सविता अम्बेडकर जन्म दिवस, टीटुमिर, बंगाली क्रांतिकारी (D. 1831) जयन्ती, भारत के नवनियुक्त चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जन्म दिवस, थल सेनाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीधर वैद्य जयन्ती, मुग़ल बादशाह हुमायूँ, स्मृति दिवस, प्रलय के पीड़ितों की स्मृति में अंतर्राष्ट्रीय दिवस ✍🏼 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है। 🗽 *_Vastu tips* 🗽
वास्तु के अनुसार सूर्य देव को जल चढ़ाने के लिए हमेशा तांबे के लोटे का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
इस बात का खास ध्यान रखें कि जल हमेशा सूर्योदय के दौरान ही चढ़ाएं। क्योंकि इस समय जल अर्पित करना काफी लाभदायक माना जाता है।
सूर्य को जल देते समय अपना मुख पूर्व दिशा की ओर रखें।
सूर्य देव को जल अर्पित करते से पहले लोटे में अक्षत, रोली, फूल इत्यादि डाल दें। उसके बाद सूर्य भगवान को जल चढ़ाएं।
सूर्य को जल देते समय ‘ऊं आदित्य नम: मंत्र या ऊं घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें।
सूर्य देव को जल चढ़ाने के बाद जो जल जमीन पर गिरता है उसे लेकर अपने मस्तक पर लगा लें। कहा जाता है कि ऐसा करने से सूर्य देव आपकी सारी इच्छाएं पूरी करेंगे।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आसानी से मिल जाने वाला पत्थरचट्टा का पौधा आपकी किडनी की सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। किडनी स्टोन की समस्या से निजात पाने के लिए आप पत्थरचट्टा के पौधे का इस्तेमाल कर सकते हैं। पत्थरचट्टा के पौधे का एक पत्ता लीजिए और फिर इसमें थोड़ी सी मिश्री डाल दीजिए। अब इन दोनों चीजों को अच्छी तरह से पीस लीजिए। इस तरह से मिश्री के साथ पत्थरचट्टा को कंज्यूम कर आपको किडनी स्टोन की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
एक चम्मच शहद और लौंग का पाउडर
आपको एक चम्मच शहद में चुटकी भर लौंग के पाउडर को मिक्स करना है। इन दोनों चीजों के कॉम्बिनेशन को रेगुलरली कंज्यूम कर आप अपनी सेहत को दमदार बना सकते हैं। खांसी या फिर सीने में जमा कफ या फिर गले में खराश की समस्या से राहत पाने के लिए भी आप इस तरह से शहद और लौंग को एक साथ कंज्यूम कर सकते हैं।
इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में कारगर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शहद और लौंग को इस तरह से अपने डाइट प्लान में शामिल कर आप अपनी इम्यूनिटी को काफी हद तक बूस्ट कर सकते हैं। बार-बार बीमार पड़ने से बचने के लिए आपको इस कॉम्बिनेशन को जरूर ट्राई करके देखना चाहिए। मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए भी शहद और लौंग को एक साथ कंज्यूम किया जा सकता है।
📗 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
गांव में रोज आवारा घूमता था ,कोई काम नही था, तो पिता ने एक दिन गुस्से में बोल दिया निकल जा मेरे घर से और तब तक घर मत आना जब तक कामयाब न हो जाए।।
जवानी का जोश था बाप की बात का बहुत बुरा लगा और घर से निकल गया।। खूब मेहनत की रात दिन और 2 साल बाद कामयाब बनकर घर लौटा।।
जैसे ही घर में घुसा तो मां दौड़ी आई और गले लगकर रोने लगी अपनी कामयाबी की खुशी पापा को बताने के लिए उनके कमरे की ओर दौड़ा लेकिन सारी खुशी दुख में बदल गई जब पापा की तस्वीर दीवार पर देखी।।
पापा अब इस दुनिया में नही थे।।
मां ने एक चिट्ठी मेरे हाथ में देते हुए कहा ये तेरे पापा देकर गए और बोला की जब बेटा घर आए तो उसे दे देना।।
बेटे ने चिट्ठी खोलकर देखी तो उसमें लिखा था, बेटा! हो सकता है मेरे मरने के बाद तुझे यह चिट्ठी मिले क्योंकि मुझे कैंसर है ।।
मैंने तुझे कठोर शब्दों में घर से जाने का बोल दिया क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरे मरने के बाद तुझे कोई दुख हो।।
अपनी मां का हमेशा ध्यान रखना। दोस्तों ये सिर्फ एक कहानी है जो मेने कहीं पढ़ी थी।।
दोस्तो इस कहानी से हमे यह सीख मिलती है कि बाप भले ही कठोर हो उनकी बात का कभी गुस्सा नही करना चाहिए क्योंकि एक मां केवल ये सोच सकती है कि उसके बेटे ने आज खाना खाया या नही लेकिन पूरी दुनिया में केवल एक बाप ही ऐसा इंसान होता है जो यह सोचता है की पूरी उम्र उसके बेटे को रोटी मिलेगी या नहीं |
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।।

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