बहिन ने दिव्यांग भाई को दी अग्नि, दो बहनों में अकेला था अनुराग, देख नमन हो गई लोगों की आंखें
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर, सिहोरा। दिव्यांग व्यक्ति एक ऐसा व्यक्ति है जिसकी शारीरिक, मानसिक या संवेदी क्षमता समाज में सामान्य लोगों से कम होती है। वे कई चुनौतियों का सामना करते हैं, जैसे कि सामाजिक भेदभाव, आर्थिक असमानता और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में समान अवसर का अभाव। हालांकि, दिव्यांग व्यक्ति भी सशक्त और सफल जीवन जी सकते हैं, और उन्हें समाज में समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। शनिवार को हुई दुखद घटना से पीड़ित यहां बहनों का भाई के प्रति आत्मिक लगाव और भाई की मृत्यु पर दुखी परिजनों के साथ दुख में शामिल हुए लोगों की भी आंखे उस वक्त नम हो गई । जब छोटी बहन ने खुद ही भाई को अंतिम संस्कार में अग्नि दी । जिसे देख हर कोई भावुक हो गया। जबकि बहन का भाई के प्रति इतना स्नेह और प्यार देखकर सभी भावुक रहे।
सिहोरा नगर के वार्ड नम्बर दो निवासी शिव साहू के पुत्र अनुराग 21 वर्ष की शनिवार सुबह 6 बजे बहन से बात करते करते सांसे रुक गई। अनुराग जन्म से ही दिव्यांग था जो चल फिर नही सकता था और हमेशा बिस्तर पर ही लेटा रहता था । उसे भोजन भी बहन या मां के द्वारा कराया जाता था। अनुराग दो बहनों में इकलौता भाई था। जिसमे रिया सबसे छोटी थी और वही भाई की परिजनों के साथ देखरेख करके ख्याल रखती थी। लेकिन शनिवार को सुबह 6 बजे रिया से बात करते हुए भाई की सांसे रुक गई। जिसके बाद अंतिम संस्कार करने के लिए बहन रिया ने ही अपने बड़े भाई की अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई और फिर उसी ने अनुराग को अग्नि दी। जिसे मुक्तिधाम में अंतिम यात्रा में पहुंचे सभी वर्ग के लोगों के द्वारा नजारा देख ह्रदय भी भावुक हो गया।



