Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 06 अक्टूबर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 06 अक्टूबर 2025
06 अक्टूबर 2025 दिन सोमवार को अश्र्विन मास के शुक्ल पक्ष कि चतुर्दशी तिथि है। आज अश्विन मास के शुक्ल पक्ष के व्रत की पूर्णिमा आज ही है। आज शरद पूर्णिमा भी रात्रिव्याधिनी है, अर्थात आज ही शरद पूर्णिमा का पवन व्रत मनाया जाएगा। आज ही के दिन हमारे परम आराध्य भगवान नटवर राम रामेश्वर योगीराज कृष्ण कन्हैया के वृंदावन में रस रचाया था। कहा जाता है, कि आज की रात आकाश में अमृत वर्षा होती है। आज कोजागरी का उत्सव भी रात्रि व्यापिनी ही है। आज रात्रि में ही लक्ष्मी इंद्र कुबेर आदि देवताओं के सॉन्ग माता लक्ष्मी की आराधना की जाएगी। इसके विषय में लिखा है:- निशीधे वरदा लक्ष्मी कोजगर्तिति भाषिणी तस्मै वित्तं प्रयच्छामि अक्षें क्रिडाम् करोति च:।। अर्थात आज जो भी व्यक्ति सच्चे मन और सच्ची श्रद्धा से माता लक्ष्मी का आवाहन – पूजन अपने घर पर करता है। माता लक्ष्मी कहती है, कि उसके घर में अतुलनीय धन का भंडार भर देता हूं, जिससे वह अक्षय क्रीडा जीवन पर्यन्त करते रहता है। आज यायीजययोग भी है। आप सभी सनातनियों को “शरद पूर्णिमा व्रत” की हार्दिक शुभकामनाएं। आपके जीवन में भी धन-धान्य एवं हर प्रकार की खुशियों का रास सदैव रचता रहे ऐसी हमारी शुभकामना हैं।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352 प्रारम्भ
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
☂️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – अश्र्विन मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि 12:24 PM तक उपरांत पूर्णिमा
🖍️ तिथि स्वामी :- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है । चतुर्दशी को चौदस भी कहते हैं। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 04:01 AM तक उपरांत रेवती
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का स्वामी शनि ग्रह है। इसके देवता अतिर्बुद्धन्य हैं, जिन्हें भगवान विष्णु का शैय्या प्रदान करने वाला माना जाता है।
⚜️ योग – वृद्धि योग 01:13 PM तक, उसके बाद ध्रुव योग
⚡ प्रथम करण : वणिज – 12:23 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 10:53 पी एम तक बव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:17:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:06:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:39 ए एम से 05:28 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:03 ए एम से 06:17 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:45 ए एम से 12:32 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:06 पी एम से 02:53 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:01 पी एम से 06:26 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:01 पी एम से 07:15 पी एम
💧 अमृत काल : 11:40 पी एम से 01:07 ए एम, अक्टूबर 07
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:45 पी एम से 12:34 ए एम, अक्टूबर 07
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शिवजी का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – वाल्मीकि जयन्ती/ शरद पूर्णिमा/ कोजारी पूर्णिमा/ लक्ष्मींद्र पूजा/ पंचक जारी/ पूर्णिमा प्रारम्भ दोपहर 12.23 PM/ हरियाणा के कुशल राजनीतिज्ञ श्री भजन लाल जन्म दिवस, सिक्खों के सातवें गुरु गुरु हरिराय स्मृति दिवस, सन 1857 के भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी नाना साहब स्मृति दिवस, पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी ग्रैंड ओल्ड मैन बाबा खड़क सिंह स्मृति दिवस, विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस, राष्ट्रीय नूडल दिवस, राष्ट्रीय कोच दिवस, राष्ट्रीय मैड हैटर दिवस, भारतीय अभिनेता विनोद खन्ना जन्म दिवस, गणितज्ञ मेघनाथ साहा जन्म दिवस, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी जन्म दिवस, राष्ट्रीय प्रशिक्षक दिवस, वन्यजीव सप्ताह (2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर)
✍🏼 तिथि विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।।
🏘️ Vastu tips 🏚️
घर में रोशनी की कमी अगर आपके घर में सूर्य का प्रकाश नहीं आता तो नकारात्मकता आपके घर को प्रभावित कर सकती है। वास्तु के अनुसार, घर में प्राकृतिक रोशनी की कमी होने पर राहु ग्रह सक्रिय हो जाता है। इसके कारण घर के लोगों की तबीयत खराब हो सकती है, बने-बनाए कार्य भी बिगड़ सकते हैं। घर में प्राकृतिक रौशनी का अगर कोई जरिया न हो तो कम से कम लाइटिंग आपको ऐसी करनी चाहिए कि घर में उजाला बना रहे। ऐसा करने से राहु का प्रतिकूल प्रभाव कम हो सकता है।
बिस्तर पर बैठकर खाना वास्तु के अनुसार, बिस्तर पर बैठकर भोजन करने से भी राहु नकारात्मक प्रभाव देता है। जिन लोगों के घर में लोग बिस्तर पर बैठकर खाना खाते हैं उनको बार-बार आर्थिक हानि हो सकती है। इसलिए ऐसा करने से आपको बचना चाहिए। अगर आप जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं तो आपको बेहद अच्छे बदलाव अपने जीवन में देखने को मिल सकते हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
इरेक्टाइल डिसफंक्शन को करता है दूर- ऐयौन स्वास्थ्य को सही करने के लिए लोग गोखरू का इस्तेमाल करते हैं,कुछ शोधों में बताया गया है कि लगातार 3 महीनों तक गोखरू का सेवन करने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से छुटकारा मिलता है,शतावर और गोखरू को एक साथ लेने से इनफर्टिलिटी की समस्या से छुटकारा मिलता है।
लो स्पर्म काउंट बढ़ाने में लाभदायक– लो स्पर्म काउंट को बढ़ाने के लिए गोखरू को रामबाण इलाज माना जाता है .लो स्पर्म काउंट के चलते परिवार को आगे बढ़ाने में दिक्कत आती है. आयुर्वेदिक चिकित्सक अक्सर ऐसी दिक्कत से निजात पाने के लिए गोखरू चूर्ण को दूध में मिलाकर पीने की सलाह देते हैं. इससे स्पर्म काउंट बढ़ता है.
बांझपन में असरदार- गोखरू को बांझपन को दूर करने के लिए भी लाभकारी माना जाता है. कुछ अध्ययन में पाया गया है कि गोखरू के सेवन से पुरुषों का बांझपन दूर होता है. दूध के साथ सुबह-शाम गोखरू के पाउडर को पीने से फर्टिलिटी बढ़ती है जिससे ये समस्या दूर हो जाती है.
सिर दर्द में दिलाता है राहत- यदि आपको सिर दर्द की समस्या रहती है तो आप गोखरू के काढ़े का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे पित्त दोष नियंत्रित जिससे सिर दर्द से राहत मिलती हैं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
*_दादी माँ का घेरलू नुस्खा: पेट दर्द और अपच के लिए अजवाइन का पानी
अगर पेट में दर्द, गैस या अपच की समस्या हो, तो दादी माँ का यह नुस्खा तुरंत राहत देता है।
सामग्री:
- 1 छोटा चम्मच अजवाइन
- 1 कप पानी
- चुटकी भर काला नमक (वैकल्पिक)
बनाने की विधि:
1. एक बर्तन में 1 कप पानी गर्म करें।
2. इसमें 1 छोटा चम्मच अजवाइन डालें और 3-4 मिनट तक उबालें।
3. पानी को गुनगुना होने दें, फिर इसे छान लें।
4. चाहें तो इसमें चुटकी भर काला नमक मिलाएँ।
5. इसे धीरे-धीरे घूँट-घूँट पियें।
फायदा:
यह नुस्खा पेट की गैस, अपच और हल्के पेट दर्द को ठीक करता है। अजवाइन पाचन को बेहतर बनाती है और पेट को हल्का रखती है। दिन में 1-2 बार ले सकते हैं।
नोट: अगर पेट दर्द गंभीर हो या बार-बार हो, तो वैद्य या डॉक्टर से सलाह लें। गर्भवती महिलाएँ और छोटे बच्चे इसे बिना सलाह न लें।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
बहुत पहले किसी गांव के किनारे एक मंदिर था, मंदिर में एक साधु रहता था।
इसी गांव में एक कबाड़ी चोर भी रहता था। चोर जवानी के उभार पर था और साधु जवानी के उतार पर। चोर खाते पीते बाप का बेटा था। चोर हो गया तो जिंदगी भी चोर की ही घसीटनी पड़ रही थी।
बाप ने उसकी शादी नहीं की चोर अपने ही गांव में हाथ मारता था, लोग उसे कबाड़ी चोर कहते थे। क्योंकि वह छोटी छोटी चोरी ही करता था। उसके चोरी करने से लोगों को दुख अधिक होता था हानि कम। चोर को लाभ कुछ नहीं परेशानी दुनिया भर की। चोर ने सोचा मंदिर के चढ़ावों से साधु की थैली भरी पड़ी है। क्या करना है उसे उस थैली का? वह संपत्ति भी उसकी मुफत की ही है, खून पसीने का तो है नहीं।
अब उसने साधु की कुटिया पर आना जाना शुरू कर दिया। बगुला भगत की श्रद्धा भक्ति से साधु महाराज तो गद्गद् हो उठे। चोर मुंह में राम बगल में छुरी लेकर दिन भर साधु महाराज की सेवा करता। वैसे साधु भी जानता था कि यह चोर खड़ग सिंह तो है नहीं, कबाड़ी चोर है। दिन में इसे हाथ नहीं डालना है, रात में मुझे इसको घास नहीं डालनी है, इसलिए मेरी थैली का बाल बांका होने से रहा।
थैली के आकार को देखकर कबाड़ी चोर की तबीयत हरी होती रहती थी। उस दिन चोर रात होने पर कुटिया से उठाए नहीं उठा। न उठने का मतलब था उठाकर ही उठना। दाव में कबाड़ी चोर और बचाव में साधु महाराज रात भर करवट पर करवट बदलते रहे। जब झाड़ी में मुर्गे ने बांग दी तो साधु महाराज की जान में जान आई।
अगले दिन से साधु महाराज रात को थैली बाहर रख देता और सुबह भीतर। साधु रात भर खर्राटें भरता रहता। चोर रात भर थैली को ढूंढ़ता थक जाता।
घनघोर अंधेरी रात में साधु की आत्मा ने कहा, ”तू पापी महात्मा है। उस थैली से तेरा क्या लगाव? बेचारे चोर का भला कर।“
उसी रात चोर की आत्मा ने भी कहा, ”दो आंख, दो हाथ, दो पैर, छः संपत्ति भगवान ने तुझे दे रखी हैं। तू उनका दुरूपयोग मत कर। चोरी के चक्कर में पड़कर जिंदगी को गवां रहा है। चोरी से तौबा कर। करने वाला क्या नहीं कर सकता? जब तक नीयत में फितूर रहेगा तब तक भाग्य भी तुझ पर मेहरबान नहीं होगा। एक लंबी जिंदगी इस थैली के सहारे कितने दिन कटेगी और लेने के देने पड़ गए तो।“ उस रात साधु ने वह थैली बाहर नहीं रखी।
सुबह साधु महाराज ने देखा थैली तो वहीं पर है पर आज कबाड़ी चोर नहीं था। कबाड़ी चोर होता भी कैसे? उसकी अंतरात्मा जो जाग गई थी।🙏
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।।

