प्राकृतिक खेती के लिए कार्यशाला का आयोजन

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिहोरा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत कछपुरा के सभा कक्ष में शनिवार को परियोजना संचालक आत्मा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग जबलपुर के द्वारा कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम के तहत कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ एस बी अग्रवाल ने किसान संगोष्ठी में उपस्थित सभी किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने एवं कम लागत में अधिक लाभ कमाने की अनेक विधियां बताई जैसे प्राकृतिक खेती की आवश्यकता महत्व प्राकृतिक खेती के सिद्धांत जुताई जल प्रबंधन पौधों की दिशा सहयोगी फसले आच्छादन सूक्ष्म पर्यावरण केशाकषण शक्ति देशी केंचुओ की गतिविधियां गुरुत्वाकर्षण बल भवंडर देसी बीज प्राकृतिक कृषि के आधार स्तंभ बीजामृत जीवामृत वपसा आच्छादन सह जीवन फसल प्रबंधन बीज उपचार जैसे अनेक तौर तरीके व विधियां किसानों को बताई गई प्राकृतिक खेती के फायदे जैसे पर्यावरण की दृष्टि से लाभ मिट्टी की दृष्टि से लाभ सहित मुख्य रुप से यह बताया गया की प्राकृतिक खेती में मुख्य आधार देसी गाय है प्राकृतिक खेती कृषि की प्राचीन पद्धति है यह भूमि के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखती है । वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसबी अग्रवाल ने कृषि संगोष्ठी में शामिल सभी किसानों को बताई इस मौके पर आत्मा परियोजना की बीटीएम रिचा तिवारी एटीएम साक्षी ओझा ने भी प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह किसानों को दी एवं विभाग द्वारा संचालित अनेक योजनाओं की जानकारी भी किसानों को प्रदान की कृषक संगोष्ठी में प्रगतिशील किसान जयराम केवट ने भी अपने विचार रखे इस मौके पर बड़ी संख्या में कृषक बंधु शामिल रहे ।



