
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 19 मार्च 2026
आप सभी सनातनियों बंधुओं को “चैत्र नवरात्रि व्रत एवं हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2083 प्रारम्भ, शालीवाहन शक 1948 प्रारम्भ” होने पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त – अनन्त बधाइयां।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
*मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः। *मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ *दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति) *गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
*गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है । *गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
*इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है । 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी* 🌐 रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,
✡️ शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल
☸️ काली सम्वत् 5127_
🕉️ संवत्सर (बृहस्पति) पराभव
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
☀️ मास – चैत्र मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 06:53 AM तक उपरांत प्रतिपदा तिथि 04:52 AM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र- नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 04:04 AM तक उपरांत रेवती
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं। इस नक्षत्र के देवता अहिर्बुध्न्य (अग्नि देवता) हैं।
⚜️ योग – शुक्ल योग 01:16 AM तक, उसके बाद ब्रह्म योग
⚡ प्रथम करण : नाग 06:53 AM तक, बाद किस्तुघन 05:56 PM तक
✨ द्वितीय करण : बव 04:52 AM तक, बाद बालव
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 09:45:00 से 11:10:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ
🤖 राहुकाल – दिन – 2:00 से 3:25 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:13:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 06:08:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:51 ए एम से 05:39 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:15 ए एम से 06:26 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:05 पी एम से 12:53 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:18 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:29 पी एम से 06:53 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:32 पी एम से 07:43 पी एम
💧 अमृत काल : 11:32 पी एम से 01:03 ए एम, मार्च 20
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, मार्च 20 से 12:52 ए एम, मार्च 20
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 04:05 ए एम, मार्च 20 से 06:25 ए एम, मार्च 20
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शमी पूजन करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार -विक्रम संवत 2083 प्रारम्भ (उ. भा.)/ पराभव संवत्सरारंभ/ चैत्र नवरात्र प्रारंभ/ शालीवाहन शक 1948 प्रारम्भ/ अभ्यंग स्नान सुबह 06.53 के बाद/ नूतन वर्ष प्रारम्भ/ उगादि, गुड़ी पड़वा/ युगादि, इष्टि/ फाल्गुन अमावस्या/ पञ्चक जारी/ गण्ड मूल/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ आडल योग/ क्रांतिवीर चारुचंद्र बोस बलिदान दिवस, अंतर्राष्ट्रीय ग्राहक दिवस, अभिनेत्री तनुश्री दत्ता जन्म दिवस, मराठा साम्राज्य की संपादक महारानी काशीबाई स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी जे.बी. कृपलानी स्मृति दिवस, मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री नारायण भास्कर खरे जन्म दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली अर्थात किसी भी कार्य को अथवा कार्यक्षेत्र को बढ़ाने वाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद अर्थात कोई भी कार्य को निर्विघ्नता पूर्वक चरम तक पहुंचाने अर्थात सिद्धि तक पहुंचाने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता को बताया गया है। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।।
📖 धर्म-कर्म ज्ञान 🕯️
जनवरी 2026: नये साल में किस राशि का गुरु बढ़ाएंगे गुडलक और गजकेसरी योग से कौन होगा मालामाल?
👉🏼 2026: गुरु गोचर 2026 का मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों पर प्रभाव 👇🏼
*ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, धर्म, नीति, भाग्य, विस्तार, संतान, धन, शिक्षा, न्याय और ईश्वर कृपा का कारक माना गया है. किसी भी जातक की कुंडली में बृहस्पति की स्थिति ही जीवन की दिशा तय करती है. यानि वह भविष्य में सही मार्ग पर आगे बढ़ेगा या भ्रम में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में गुरु बलवान होता है, उन्हें संघर्ष के बाद भी संरक्षण, मार्गदर्शन और अवसर अवश्य मिलते हैं, लेकिन बृहस्पति के कमजोर होने पर व्यक्ति गलत निर्णय, आर्थिक अस्थिरता और नैतिक विचलन की ओर जा सकता है. आइए जाने-माने ज्योतिषाचार्य श्री गोपी राम से जानते हैं कि साल 2026 में गुरु ग्रह कब-कब बदलेंगे और उसका 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
🪐 *साल 2026 में कब बदलेंगे बृहस्पति?* *साल 2026 में देवगुरु बृहस्पति देव दो बार राशि परिवर्तन करेंगे, जिससे कई राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलेगा. 2 जून को बृहस्पति मिथुन से कर्क राशि में गोचर करेंगे, और फिर 31 अक्टूबर को कर्क से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. इस गोचर से वृषभ, कन्या, कर्क और तुला राशि वालों को करियर और कारोबार में सफलता मिलेगी तथा बिगड़े काम बनेंगे.
🤷🏻 *साल 2026 में कुछ ऐसी रहेगी गुरु की चाल*
*आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार साल 2026 गुरु के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस वर्ष गुरु वक्री, मार्गी, उच्च राशि प्रवेश, अस्त-उदय और पुनः वक्री-सभी अवस्थाओं से गुजरेंगे. साल 2026 के प्रारंभ में (5 दिसंबर 2025 से) गुरु मिथुन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे. यह समय आत्ममंथन, अधूरे कार्यों की समीक्षा और ज्ञान के पुनर्संयोजन का होगा. *_11 मार्च 2026 को गुरु मिथुन में ही मार्गी होंगे, जिससे शिक्षा, संचार, मीडिया, लेखन, कंसल्टिंग और व्यापार से जुड़े लोगों को गति मिलेगी. *_02 जून 2026 को गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे-यह पूरे वर्ष का सबसे शक्तिशाली और शुभ चरण माना जाएगा. यहां गुरु भावनात्मक बुद्धि, करुणा, पारिवारिक सुख और आर्थिक स्थिरता को बढ़ाते हैं. इसी अवधि में गजकेसरी योग की संभावनाएं बनेंगी, जो राजयोगों में श्रेष्ठ माना जाता है. *हालांकि, 14 जुलाई से 12 अगस्त 2026 के बीच गुरु कर्क राशि में अस्त रहेंगे. यह समय बाहरी सफलता की तुलना में आंतरिक तैयारी का होगा. 12 अगस्त के बाद गुरु का उदय फिर से शुभ फल देना शुरू करेगा.
*31 अक्टूबर 2026 को गुरु कर्क से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहां नेतृत्व, राजनीति, प्रशासन, उच्च पद और प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में प्रभाव बढ़ेगा, लेकिन 12 दिसंबर 2026 को गुरु सिंह में ही वक्री हो जाएंगे, जिससे अहंकार, सत्ता संघर्ष और गलत सलाह से बचने की आवश्यकता होगी. 🤷🏻♀️ *तब दिखेगा गजकेसरी योग का प्रभाव (जून–अक्टूबर 2026)* ज्योतिष आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार जब गुरु और चंद्रमा केंद्र या त्रिकोण में आते हैं, तब गजकेसरी योग बनता है. यह योग व्यक्ति को धन-संपत्ति, सामाजिक प्रतिष्ठा, राजनीतिक/प्रशासनिक सफलता, बौद्धिक सम्मान, मानसिक स्थिरतादेने में सक्षम होता है. जून से अक्टूबर 2026 में बनने वाला यह गजकेसरी योग विशेष रूप से मीडिया, शिक्षा, न्याय, धर्म, काउंसलिंग, राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए यह समय करियर का टर्निंग पॉइंट बन सकता है. 📆 साल 2026 में 12 राशियों पर कुछ ऐसा पड़ेगा गुरु का प्रभाव मेष राशि
2026 मेष जातकों के लिए गुरु आत्मविश्वास और आर्थिक विस्तार लाएंगे. जून से अक्टूबर के बीच संपत्ति, वाहन, घर या पारिवारिक सुख में वृद्धि संभव है.*
सावधानी: जुलाई–अगस्त में भावनात्मक निर्णय न लें.* उपाय: गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. वृषभ राशि
शिक्षा, संचार और नेटवर्किंग के माध्यम से लाभ मिलेगा. भाई-बहनों से सहयोग बढ़ेगा.*
सावधानी: अनावश्यक खर्च और कानूनी विवाद से बचें.* उपाय: गुरु मंत्र ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ का जप. मिथुन राशि
मार्च 2026 के बाद भाग्य खुलता दिखेगा. करियर में नई दिशा, प्रमोशन या बड़ा अवसर मिल सकता है.*
सावधानी: गुरु अस्त के समय जल्दबाज़ी न करें.* उपाय: पीली दाल या हल्दी का दान करें. कर्क राशि
यह वर्ष कर्क राशि के लिए जीवन बदलने वाला हो सकता है. गुरु उच्च होकर आत्मबल, मान-सम्मान और आर्थिक स्थिरता देंगे.*
सावधानी: अहंकार और भावुकता से बचें.* *उपाय: गाय को चारा खिलाएं और बृहस्पतिवार का व्रत रखें
*सिंह राशि*
अक्टूबर के बाद गुरु सिंह में आकर नेतृत्व और सत्ता का योग बनाएंगे. राजनीति, प्रशासन और उच्च पद के लिए शुभ समय.* सावधानी: दिसंबर से गुरु वक्री-गलत सलाह से दूर रहें.*
उपाय: केसर का तिलक लगाएं तथा सूर्य-गुरु दोनों को मजबूत करें
कन्या राशि
करियर में धीरे-धीरे स्थिरता आएगी. विदेश या उच्च शिक्षा के योग बन सकते हैं.* सावधानी: स्वास्थ्य और तनाव पर ध्यान दें.*
*उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें. *तुला राशि* भाग्य का साथ मिलेगा, विशेषकर जून के बाद. धार्मिक यात्राएँ और कानूनी मामलों में राहत.*
सावधानी: साझेदारी में स्पष्टता रखें.* *उपाय: गुरु-शुक्र संतुलन हेतु सफेद व पीले दान.
*वृश्चिक राशि*
गूढ़ विषयों, रिसर्च और आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी. पैतृक धन या बीमा से लाभ.* सावधानी: जोखिम भरे निवेश से बचें.*
*उपाय: पीपल में जल चढ़ाएं. *धनु राशि* गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं-रिश्तों, विवाह और साझेदारी में महत्वपूर्ण निर्णय होंगे.*
सावधानी: अपेक्षाएँ यथार्थ रखें.* उपाय: भगवान विष्णु की पूजा और गुरुवार के दिन उपवास रखें. मकर राशि
कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ेगी. जून के बाद ऋण या विवाद से राहत.*
सावधानी: गुरु अस्त में स्वास्थ्य उपेक्षा न करें.* उपाय: पीले वस्त्र, सेवा कार्य में बढ़चढ़ कर हिस्सा लें कुम्भ राशि
प्रेम, संतान और रचनात्मक क्षेत्रों में सफलता. शेयर बाजार या कला से लाभ.
सावधानी: सट्टा सीमित रखें.
*उपाय: गुरु बीज मंत्र जप.
*मीन राशि*
घर, भूमि और मानसिक शांति में वृद्धि. पारिवारिक विवाद सुलझ सकते हैं.
सावधानी: भावुक निर्णय न लें.
उपाय: जल में हल्दी डालकर स्नान करें.
••••✤••••┈•✦ 👣✦•┈••••✤••••
⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। आज प्रतिपदा तिथि को इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।।



