प्रतिबंध के बावजूद चल रही थी बोरिंग मशीन, तहसीलदार ने की जब्ती

सिलवानी। कलेक्टर के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से बोरिंग मशीनों का संचालन जारी है। प्रशासन ने मंगलवार को सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम चुन्हेटिया में संचालित एक बोरिंग मशीन को जब्त कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सूचना मिलने पर तहसीलदार सुधीर शुक्ला मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान प्रतिबंध के बावजूद बोरिंग कार्य करते हुए मशीन पाई गई। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मशीन को जब्त कर तहसील परिसर में खड़ा कराया गया। वहीं मशीन मालिक राघवेंद्र रघुवंशी निवासी मढ़िया देवरी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
तहसीलदार सुधीर शुक्ला ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर के आदेशों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध बोरिंग पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
30 जून तक लागू है प्रतिबंध
ज्ञातव्य है कि जिले में पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय द्वारा मप्र पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे रायसेन जिले को 30 जून 2026 तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
इसके तहत नए निजी नलकूप/ट्यूबवेल खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। बिना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के कोई भी बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश या खनन कार्य नहीं कर सकेगी। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि यह प्रतिबंध शासकीय योजनाओं के अंतर्गत होने वाले नलकूप खनन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों पर लागू नहीं होगा।



